प्रवेश वर्मा का विपक्ष पर निशाना: एसआईआर पर झूठ फैलाकर चुनाव आयोग की साख गिराने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रवेश वर्मा ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को मीडिया से बात करते हुए दिल्ली में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया का बचाव किया और विपक्ष पर इसे लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और उनसे जुड़े गैर सरकारी संगठन इस सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे आम मतदाताओं का चुनाव आयोग पर भरोसा कम हो सकता है।
एसआईआर प्रक्रिया क्या है और कैसे काम करती है
प्रवेश वर्मा ने स्पष्ट किया कि एसआईआर एक नियमित मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया है। जिन मतदाताओं के दस्तावेज़ों में कोई कमी पाई जाती है या जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिलते, उन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस भेजा जाता है।
उन्होंने कहा, "दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों के दस्तावेजों में कोई कमी रह जाती है, तो चुनाव आयोग के ईआरओ की तरफ से उन्हें नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस में अगर कोई दस्तावेज में कमी होती है तो उसके बारे में पूछा जाता है। यह बहुत ही साधारण प्रक्रिया है।"
नोटिस की प्रक्रिया में भेदभाव नहीं: वर्मा
वर्मा ने यह भी कहा कि यह नोटिस किसी विशेष वर्ग को नहीं, बल्कि दस्तावेज़ों में कमी पाए जाने पर आम नागरिक और वीआईपी — दोनों को समान रूप से भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से काम करता है।
उनके अनुसार, "दिल्ली में कोई आम आदमी हो या कोई वीआईपी हो, सभी को इस तरह के नोटिस जारी किए गए हैं।" किसी भी नागरिक को दस्तावेज़ पूरे करने और नोटिस का जवाब देने का पूरा अवसर दिया जाता है।
मुख्य समय सीमाएँ और अंतिम मतदाता सूची
प्रवेश वर्मा ने एसआईआर की पूरी समय सारिणी भी सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुए हैं, वे 30 सितंबर 2026 तक अपना जवाब दे सकते हैं। इसके बाद 29 अक्टूबर 2026 तक जवाबों की स्क्रूटनी होगी और 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम सूची आने के बाद भी यदि किसी का नाम छूट जाता है, तो वह आपत्ति दर्ज करा सकता है और उसके लिए एक अलग प्रक्रिया उपलब्ध है।
विपक्ष पर सीधा हमला
वर्मा ने अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और उनसे जुड़े स्वयंसेवी संगठनों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे लोगों को ऐसी स्थिति में न धकेलें जिससे चुनाव आयोग पर से जनता का भरोसा उठ जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हर बार बातों को तोड़ मरोड़कर पेश करता है और मतदाताओं से झूठ बोलता है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग द्वारा कराए गए हर चुनाव पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, और एसआईआर भी इसी कड़ी में है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सियासी तापमान बढ़ा
गौरतलब है कि 22 सितंबर को इसी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई होनी है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की राजनीति में एसआईआर को लेकर पहले से ही तीखी बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर न्यायिक सुनवाई और अंतिम मतदाता सूची दोनों दिल्ली की चुनावी तस्वीर को स्पष्ट करेंगी।