6 नवंबर 2026
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प्रवेश वर्मा की मानहानि पुनरीक्षण याचिका पर दिल्ली कोर्ट ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी किया

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प्रवेश वर्मा की मानहानि पुनरीक्षण याचिका पर दिल्ली कोर्ट ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी किया

सारांश

दिल्ली की राऊज एवेन्यू सेशन कोर्ट ने BJP नेता प्रवेश वर्मा की पुनरीक्षण याचिका पर AAP नेता सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी किया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 10 अक्टूबर को शिकायत खारिज की थी, कहा था कि भारद्वाज के एक्स पोस्ट मानहानि नहीं। अब 28 नवंबर को अगली सुनवाई।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू सेशन कोर्ट ने 6 नवंबर 2026 को सौरभ भारद्वाज को मानहानि पुनरीक्षण याचिका पर नोटिस जारी किया।
जवाब दाखिल करने की अंतिम तिथि 28 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 10 अक्टूबर 2026 को प्रवेश वर्मा की मानहानि शिकायत यह कहते हुए खारिज की थी कि भारद्वाज के आरोप 'सवाल पूछने' की प्रकृति के थे।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स (X) पर आरोप लगाया था कि वर्मा ने 'एसएस मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट' (लगभग ₹500 करोड़ की संपत्ति) में पद का दुरुपयोग कर सहयोगियों को नियुक्त किया।
प्रवेश वर्मा ने ट्रस्ट से किसी भी संबंध से इनकार किया है और इन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है।

नई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 6 नवंबर 2026 को मानहानि मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता एवं मंत्री प्रवेश वर्मा की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इस मामले में जवाब दाखिल करने की अंतिम तिथि 28 नवंबर 2026 निर्धारित की है।

मामले का पृष्ठभूमि

AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर आरोप लगाया था कि मंत्री परवेश वर्मा ने 'एसएस मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट' में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने सहयोगियों को नियुक्त कराया है। भारद्वाज के अनुसार इस ट्रस्ट के पास लगभग ₹500 करोड़ की संपत्ति है।

इन आरोपों को प्रवेश वर्मा ने पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और मानहानिकारक बताते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज की। शिकायत के साथ उन्होंने वीडियो क्लिप और भारद्वाज के एक्स हैंडल से किए गए पोस्ट साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए। वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि न उनका, न उनके परिवार का उक्त स्कूल या ट्रस्ट से कोई संबंध है और ट्रस्ट में किसी भी नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

मजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला

10 अक्टूबर 2026 को राऊज एवेन्यू कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने प्रवेश वर्मा की शिकायत को खारिज करते हुए मामले पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सौरभ भारद्वाज की ओर से लगाए गए आरोप सवाल पूछने की प्रकृति के थे और वे मानहानि की कानूनी परिभाषा के दायरे में नहीं आते।

पुनरीक्षण याचिका और सेशन कोर्ट

मजिस्ट्रेट कोर्ट के उक्त फैसले को चुनौती देते हुए भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने राऊज एवेन्यू कोर्ट की सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की। अब सेशन कोर्ट ने इसी याचिका पर संज्ञान लेते हुए सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी किया है और उन्हें 28 नवंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की राजनीति में BJP और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बना हुआ है। वर्मा के अनुसार, सोशल मीडिया पर डाली गई इन पोस्ट से उनकी और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

आगे की सुनवाई

अदालत में अगली सुनवाई 28 नवंबर 2026 को होगी, जब सौरभ भारद्वाज का जवाब दाखिल होने के बाद मामले की आगे की दिशा तय होगी। यह मामला दिल्ली की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और सोशल मीडिया पर नेताओं द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों की कानूनी सीमाओं को लेकर एक अहम नज़ीर बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्त्वपूर्ण कानूनी स्थिति है जिसे सेशन कोर्ट अब परखेगी। गौरतलब है कि BJP और AAP दोनों दलों के नेता एक-दूसरे के खिलाफ अदालती शिकायतों का उपयोग राजनीतिक औजार के रूप में करते आए हैं। असली सवाल यह है कि क्या सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हित के सवाल उठाना कानूनी रूप से संरक्षित अभिव्यक्ति है या मानहानि — इसका जवाब सेशन कोर्ट का आगामी फैसला देगा।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रवेश वर्मा और सौरभ भारद्वाज के बीच मानहानि विवाद क्या है?
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स (X) पर आरोप लगाया था कि BJP नेता परवेश वर्मा ने 'एसएस मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट' में पद का दुरुपयोग कर अपने सहयोगियों को नियुक्त किया है। वर्मा ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए मानहानि शिकायत दर्ज की, जिसे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 10 अक्टूबर 2026 को खारिज कर दिया।
दिल्ली कोर्ट ने सौरभ भारद्वाज को नोटिस क्यों जारी किया?
मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के बाद प्रवेश वर्मा ने राऊज एवेन्यू कोर्ट की सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की। सेशन कोर्ट ने 6 नवंबर 2026 को इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी कर 28 नवंबर तक जवाब माँगा है।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मानहानि शिकायत क्यों खारिज की थी?
10 अक्टूबर 2026 को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा कि सौरभ भारद्वाज की एक्स पोस्ट सवाल पूछने की प्रकृति की थीं और वे मानहानि की कानूनी परिभाषा के दायरे में नहीं आतीं। इसी आधार पर अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।
एसएस मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट विवाद क्या है?
भारद्वाज के अनुसार, 'एसएस मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट' के पास लगभग ₹500 करोड़ की संपत्ति है और आरोप है कि वर्मा ने इसमें अपने सहयोगियों को नियुक्त कराया। प्रवेश वर्मा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि उनका या उनके परिवार का इस ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अब सेशन कोर्ट में 28 नवंबर 2026 को अगली सुनवाई होगी, जब सौरभ भारद्वाज का जवाब दाखिल होने के बाद मामले की दिशा तय होगी। सेशन कोर्ट यह तय करेगी कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश सही था या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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