सौरभ भारद्वाज पर आपराधिक अवमानना मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रवेश वर्मा ने दर्ज कराया बयान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रवेश वर्मा ने 4 जुलाई 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दाखिल आपराधिक अवमानना मामले में अपना बयान दर्ज कराया। अदालत ने तय किया है कि 15 जुलाई 2026 को प्रवेश वर्मा की ओर से गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
अदालत में क्या कहा प्रवेश वर्मा ने
अपने बयान में प्रवेश वर्मा ने अदालत को बताया कि वे नई दिल्ली से विधायक हैं और वर्तमान दिल्ली सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उनके परिवार की एक सम्मानित सामाजिक प्रतिष्ठा है। वर्मा ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया — एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम — पर उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप प्रचारित किए, जिससे उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा। वर्मा के अनुसार, उनके साथियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने फोन कर इन आरोपों के बारे में सफाई माँगी, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखना पड़ा।
पॉक्सो मामले से जोड़ने का आरोप
वर्मा ने बताया कि 15 मई 2026 को सौरभ भारद्वाज ने एक्स और वीडियो पोस्ट किया था, जिसे 16 मई 2026 को दोबारा शेयर किया गया और यूट्यूब सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ। उन्होंने अदालत को बताया कि वह पोस्ट और वीडियो आज भी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं और देश-विदेश में देखे जा सकते हैं, जिससे उनकी छवि को निरंतर नुकसान हो रहा है।
वर्मा के अनुसार, मामला उनकी पूर्व विधानसभा क्षेत्र के एक स्कूल से जुड़ा है, जहाँ पॉक्सो अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा कि सौरभ भारद्वाज ने उस स्कूल के ट्रस्ट से उनका राजनीतिक संबंध जोड़ा और आरोप लगाया कि ट्रस्ट के एक सदस्य की नियुक्ति उनके कहने पर हुई। वर्मा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उस ट्रस्ट, स्कूल और ट्रस्ट सदस्य अमरदीप सिंह से उनका कोई संबंध नहीं है, और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य उससे जुड़ा है।
फाइलें गायब कराने के आरोप पर पलटवार
वर्मा ने बताया कि सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने ट्रस्ट की फाइलें और रिकॉर्ड गायब करा दिए। उन्होंने कहा कि इन आरोपों के कारण आज भी लोग उनसे सफाई माँगते हैं, जो उनकी प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत हानिकारक है।
वर्मा ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 मई 2026 को वकील के माध्यम से और स्पीड पोस्ट द्वारा सौरभ भारद्वाज को कानूनी नोटिस भेजा। परंतु कथित तौर पर भारद्वाज की ओर से न तो कोई जवाब आया, न खेद जताया गया और न ही विवादित पोस्ट व वीडियो हटाए गए।
आगे की सुनवाई
अदालत में अगली महत्वपूर्ण तारीख 15 जुलाई 2026 है, जब प्रवेश वर्मा की ओर से गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यह मामला दिल्ली की राजनीति में AAP और BJP के बीच जारी कानूनी और राजनीतिक टकराव की एक और कड़ी है। गौरतलब है कि दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच कोर्ट-केंद्रित विवाद बढ़े हैं।