31 अक्टूबर 2026
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इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली पर BJP का हमला: प्रतुल शाहदेव बोले — सिख भावनाएं आहत करने के लिए चुनी तारीख

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इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली पर BJP का हमला: प्रतुल शाहदेव बोले — सिख भावनाएं आहत करने के लिए चुनी तारीख

सारांश

BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली पर आरोप लगाया कि यह तारीख जानबूझकर सिख समुदाय की भावनाएं आहत करने के लिए चुनी गई। 1984 के सिख नरसंहार का हवाला देते हुए उन्होंने विपक्ष के 20 लाख भीड़ के दावे को भी नकारा।

मुख्य बातें

BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर की तारीख जानबूझकर सिख समुदाय की भावनाएं आहत करने के लिए चुनी।
शाहदेव ने 1984 के सिख नरसंहार का उल्लेख करते हुए कहा कि हर समुदाय की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
विपक्ष के 20 लाख जुटान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि रामलीला मैदान की क्षमता केवल 25 से 50 हजार लोगों की है।
शाहदेव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव किया और कहा कि 12 बार SIR हो चुका है, पर BJP ने कभी आपत्ति नहीं जताई।
UCC को BJP के एजेंडे का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश में भी धीरे-धीरे लागू होगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतुल शाहदेव ने 31 अक्टूबर 2026 को रांची में इंडिया ब्लॉक की आगामी रैली पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 1 नवंबर की तारीख जानबूझकर इसलिए चुनी गई है ताकि सिख समुदाय की भावनाएं आहत की जा सकें। विपक्षी गठबंधन ने दावा किया है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली में देशभर से लाखों लोग जुटेंगे।

सिख समुदाय की भावनाओं का सवाल

शाहदेव ने 1984 के सिख नरसंहार का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी वर्ग या समुदाय की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर की तारीख जानबूझकर रखी है, जो उस दौर की दर्दनाक स्मृतियों से जुड़ी है। गौरतलब है कि 1984 का सिख विरोधी दंगा अक्टूबर-नवंबर के आसपास घटित हुआ था, और यह समुदाय के लिए गहरी पीड़ा का प्रतीक है।

रैली की क्षमता पर सवाल

BJP नेता ने विपक्ष के 20 लाख लोगों के जुटान के दावे को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की क्षमता अधिकतम 25 से 50 हजार लोगों की है — ऐसे में 20 लाख लोगों के एकत्र होने का दावा व्यावहारिक रूप से असंभव है। शाहदेव ने यह भी कहा कि व्यापारी वर्ग लगातार अपील कर रहा है कि इस आंदोलन को रोका जाए और देशहित को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त के बचाव में BJP

शाहदेव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार केवल मतदाता सूची का शुद्धिकरण कर रहे हैं, जिस पर विपक्ष आपत्ति जता रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि देश में अब तक 12 बार एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) हो चुका है और जब BJP विपक्ष में थी, तब उसने इस प्रक्रिया पर कभी आपत्ति नहीं जताई। शाहदेव के अनुसार, कांग्रेस को परेशानी इसलिए है क्योंकि इस प्रक्रिया के ज़रिए अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है।

यूसीसी पर BJP का रुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़े बयान पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यूसीसी हमेशा से BJP सरकार के एजेंडे में रहा है और कई राज्यों में इसे लागू भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यूसीसी धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश में भी लागू होगा। शाहदेव ने सवाल किया कि समान नागरिक संहिता से किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए, जबकि इससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था होगी।

आगे क्या

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुकी है। जहाँ विपक्ष इसे जनसमर्थन का प्रदर्शन बता रहा है, वहीं BJP इसकी तारीख और दावों को लेकर लगातार हमलावर है। रैली से पहले और बाद का राजनीतिक माहौल आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो BJP की उस रणनीति का हिस्सा दिखता है जिसमें विपक्ष को सामुदायिक संवेदनशीलता के मुद्दे पर घेरा जाता है। लेकिन यह तर्क दोधारी है — 1984 के नरसंहार का उल्लेख करना उस दौर की कांग्रेस सरकार की जवाबदेही की याद भी दिलाता है, जिसे BJP स्वयं बार-बार उठाती है। SIR विवाद पर BJP का 'हमने कभी आपत्ति नहीं जताई' वाला तर्क तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन इससे यह सवाल नहीं टलता कि वर्तमान SIR के समय और दायरे पर पारदर्शिता क्यों नहीं है। असली बहस तारीख और क्षमता की नहीं, बल्कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनावी संस्थाओं की स्वायत्तता की है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली क्या है और यह कहाँ होगी?
इंडिया ब्लॉक की रैली 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होनी है। विपक्षी गठबंधन का दावा है कि इसमें देशभर से लाखों लोग शामिल होंगे।
BJP ने 1 नवंबर की तारीख पर आपत्ति क्यों जताई?
BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि यह तारीख जानबूझकर सिख समुदाय की भावनाएं आहत करने के लिए चुनी गई है। उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार का हवाला देते हुए कहा कि हर समुदाय की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) विवाद क्या है?
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हो रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर आपत्ति जता रहा है। शाहदेव ने कहा कि देश में अब तक 12 बार SIR हो चुका है और BJP ने विपक्ष में रहते हुए इस पर कभी आपत्ति नहीं जताई।
रामलीला मैदान में 20 लाख लोगों के जुटान के दावे पर BJP का क्या कहना है?
शाहदेव ने इस दावे को अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की क्षमता लगभग 25 से 50 हजार लोगों की है, इसलिए वहाँ 20 लाख लोगों का जुटना संभव नहीं है।
BJP का UCC यानी समान नागरिक संहिता पर क्या रुख है?
शाहदेव ने कहा कि UCC हमेशा से BJP के एजेंडे में रहा है और कई राज्यों में लागू भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश में भी लागू होगा और इससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून सुनिश्चित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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