28 अक्टूबर 2026
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1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली 1984 सिख नरसंहार के ज़ख्म कुरेदेगी: मेघवाल का हमला

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1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली 1984 सिख नरसंहार के ज़ख्म कुरेदेगी: मेघवाल का हमला

सारांश

केंद्रीय कानून मंत्री मेघवाल ने 1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली को 1984 सिख नरसंहार के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया। राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने, व्यापारियों की अनदेखी और 'सम्राट जैसे' व्यवहार के आरोप, साथ ही खड़गे से सार्वजनिक माफी की माँग।

मुख्य बातें

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 28 अक्टूबर 2026 को 'इंडिया' गठबंधन की 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली की कड़ी निंदा की।
मेघवाल का आरोप — 1 नवंबर की तारीख 1984 के सिख नरसंहार के ज़ख्मों को फिर से हरा करती है।
दावा किया कि 'इंडिया' गठबंधन के कुछ घटक दल भी इस तारीख से असहमत थे, लेकिन राहुल गांधी ने किसी की नहीं सुनी।
दीपावली के आसपास रैली से व्यापारियों के कारोबार को नुकसान पहुँचने की चेतावनी दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से PM के खिलाफ अपशब्द के लिए देश से माफी माँगने की माँग।
राहुल गांधी की 'मृत अर्थव्यवस्था' टिप्पणी को 7.8 प्रतिशत विकास दर का हवाला देते हुए खारिज किया।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 28 अक्टूबर 2026 को 'इंडिया' गठबंधन की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि यह तारीख 1984 के सिख-विरोधी नरसंहार के घावों को फिर से हरा करने जैसी है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश में अराजकता और अशांति का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।

तारीख पर विवाद

मेघवाल ने कहा कि 31 अक्टूबर 1984 की घटनाओं के ठीक अगले दिन — 1 नवंबर — को रैली आयोजित करना सिख समुदाय के घावों पर नमक छिड़कने के समान है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों को रैली की तारीख तय करने से पहले उस दिन के ऐतिहासिक महत्व पर विचार करना चाहिए था।

मेघवाल ने दावा किया कि 'इंडिया' गठबंधन के कुछ घटक दल भी 1 नवंबर की तारीख से सहमत नहीं थे, लेकिन राहुल गांधी ने किसी की नहीं सुनी। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी किसी सम्राट की तरह व्यवहार करते हैं — एक बार जब उन्होंने तय कर लिया कि विरोध प्रदर्शन 1 नवंबर को होगा, तो वह 1 नवंबर को ही होगा।'

व्यापारियों पर असर का आरोप

केंद्रीय मंत्री ने रैली के समय पर भी सवाल उठाया। उनका तर्क था कि दीपावली के आसपास बाज़ारों में ग्राहकों की भीड़ और बिक्री चरम पर होती है, और इस दौरान रैली से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा, 'शायद उन्होंने बढ़ती अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने के लिए जानबूझकर यह तारीख चुनी। व्यापारी विरोध कर रहे हैं लेकिन उनकी भी अनदेखी की जा रही है।'

अर्थव्यवस्था और ईवीएम विवाद पर पलटवार

राहुल गांधी द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताए जाने का जिक्र करते हुए मेघवाल ने कहा कि देश की 7.8 प्रतिशत विकास दर इस आकलन को गलत साबित करती है।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) पर विपक्ष के सवालों को लेकर मेघवाल ने पूछा कि कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में किस वोटिंग मशीन की मदद से सत्ता में है। उन्होंने कहा, 'केरल में कांग्रेस नेताओं ने खुद कहा है कि वे एसआईआर की वजह से चुनाव जीते।'

चुनाव आयोग और राष्ट्रपति मुलाकात पर दावा

मेघवाल ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने विपक्ष से उन लोगों की सूची माँगी थी जो मिलना चाहते थे, ताकि मुलाकात का समय तय हो सके। लेकिन विपक्ष बिना सूची दिए 300 सांसदों के साथ आना चाहता था। बाद में सांसद राष्ट्रपति से मिले, लेकिन मेघवाल के अनुसार, राष्ट्रपति ने आरोपों के समर्थन में सबूत माँगे थे जो अब तक नहीं दिए गए।

खड़गे की भाषा पर नाराज़गी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर मेघवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं और उनकी भाषा संयमित होनी चाहिए। मेघवाल ने कहा, 'खड़गे को देश से माफी माँगनी होगी, जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।'

आगामी 1 नवंबर की रैली के मद्देनज़र यह राजनीतिक तनाव और गहरा होने की संभावना है, जबकि 'इंडिया' गठबंधन अपनी तैयारियों में जुटा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ यह प्रश्न भी उठना स्वाभाविक है कि क्या यह आलोचना सिख समुदाय की वास्तविक चिंता से उपजी है या चुनावी तैयारी का हिस्सा है। खड़गे प्रकरण एक अलग मुद्दा है — सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा सभी दलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए, और इस मानक को चुनिंदा रूप से लागू करना विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली पर विवाद क्यों है?
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 1 नवंबर की तारीख 31 अक्टूबर 1984 के बाद हुए सिख-विरोधी नरसंहार के घावों से सीधे जुड़ी है, इसलिए इस दिन रैली करना उस समुदाय के दर्द को फिर से कुरेदना है। उनके अनुसार 'इंडिया' गठबंधन के कुछ घटक दल भी इस तारीख से असहमत थे।
मेघवाल ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
मेघवाल ने राहुल गांधी पर देश में अराजकता और अशांति फैलाने, व्यापारियों की चिंताओं को नज़रअंदाज़ करने और गठबंधन के भीतर असहमति के बावजूद अपना फैसला थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी की 'मृत अर्थव्यवस्था' वाली टिप्पणी को भी 7.8 प्रतिशत विकास दर का हवाला देकर खारिज किया।
मेघवाल ने खड़गे से माफी की माँग क्यों की?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर मेघवाल ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता की भाषा संयमित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खड़गे को देश से सार्वजनिक माफी माँगनी होगी।
ईवीएम और एसआईआर विवाद पर मेघवाल ने क्या कहा?
मेघवाल ने पूछा कि कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में किस वोटिंग मशीन की मदद से सत्ता में आई। उन्होंने यह भी कहा कि केरल में कांग्रेस नेताओं ने स्वयं माना है कि वे एसआईआर की वजह से चुनाव जीते, जो विपक्ष की ईवीएम-विरोधी दलील को कमज़ोर करता है।
भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान क्या है?
मेघवाल के अनुसार यह अभियान इस संदेश पर आधारित है कि लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल स्थापित कानूनों और प्रक्रियाओं के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश 'भीड़तंत्र' से नहीं चलाया जा सकता और विरोध प्रदर्शन अनुमति लेकर लोकतांत्रिक तरीके से होने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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