नकवी का राहुल गांधी पर हमला: 'सत्ता परिवर्तन का जुनून राजनीतिक गुमनामी की राह', BJP का 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में BJP के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के सिलसिले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। नकवी ने कहा कि सत्ता परिवर्तन को लेकर राहुल गांधी का जुनून उन्हें राजनीतिक गुमनामी की ओर धकेल रहा है।
कांग्रेस पर 'टकराव की राजनीति' का आरोप
नकवी ने कहा कि कांग्रेस और उससे जुड़े कुछ लोग तर्कों के बजाय टकराव का रास्ता अपनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को पंगु बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस के पास अपने पक्ष में कोई ठोस तर्क नहीं है, यही कारण है कि पार्टी दुर्भावनापूर्ण और पूर्वाग्रह से भरे प्रचार का सहारा ले रही है।
नकवी ने आगे कहा कि जब कोई नेता इस तरह के जुनून में रहता है, तो वह बेतुके और आधारहीन बयान देने के साथ-साथ खोखली डींगें भी हाँकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को कम करने के लिए उनसे नकारात्मक तरीके से उलझना ज़रूरी है।
इंडिया ब्लॉक रैली और त्योहारी माहौल
1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली पर नकवी ने कहा कि देश में इस समय त्योहारों का माहौल है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण उत्सव के उत्साह और माहौल को खराब नहीं करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन अपनी रैलियों और अभियानों को तेज़ करने में जुटा है।
उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश में हुए हालिया एमएलसी चुनावों के परिणामों पर नकवी ने BJP के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। हालाँकि, उन्होंने सावधानी बरतते हुए जोड़ा कि किसी एक चुनाव को राजनीतिक स्थिति का लिटमस टेस्ट नहीं मानना चाहिए, क्योंकि हर चुनाव के मुद्दे अलग-अलग होते हैं।
गौरतलब है कि इन चुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी कुछ सीटें बरकरार रखीं। नकवी ने इसके लिए सपा को बधाई भी दी, जो सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से एक असामान्य राजनयिक संकेत माना जा रहा है।
अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एमएलसी चुनाव को लेकर दिए गए बयान पर नकवी ने कहा कि उन्हें इस चुनाव को लिटमस टेस्ट नहीं मानना चाहिए, बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उनका यह बयान यादव के उस दावे के जवाब में था, जिसमें उन्होंने चुनाव परिणामों को सपा की मज़बूती का प्रमाण बताया था।
आगे क्या
BJP का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है, खासकर जब विपक्षी इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली की तैयारियों में जुटा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच यह वाक्युद्ध आगामी चुनावी मौसम से पहले सियासी ज़मीन तैयार करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।