ऑस्ट्रेलिया ने चीन को लौटाए उत्तरी सोंग राजवंश के दो ऐतिहासिक प्रतिमा-शीर्ष
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया ने 28 अक्टूबर 2026 को कैनबरा स्थित नेशनल गैलरी ऑफ ऑस्ट्रेलिया (NGA) में आयोजित एक औपचारिक हस्तांतरण समारोह में चीन की दो बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहरें वापस सौंपीं। ये दोनों कलाकृतियाँ उत्तरी सोंग राजवंश (960–1127 ई.) काल की प्राचीन प्रतिमाओं के शीर्ष-भाग हैं, जो मध्य चीन के हेनान प्रांत से संबंधित हैं। यह वापसी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक विरासत संरक्षण में सहयोग का एक उल्लेखनीय मील का पत्थर मानी जा रही है।
हस्तांतरित धरोहरें: क्या हैं ये दोनों कलाकृतियाँ
लौटाई गई पहली कलाकृति योंग्यू समाधि से संबंधित एक सैन्य अधिकारी की प्रतिमा का शीर्ष है, जबकि दूसरी योंगचांग समाधि से संबंधित एक नागरिक अधिकारी की प्रतिमा का शीर्ष है। NGA के अनुसार, चूना पत्थर से निर्मित ये दोनों कलाकृतियाँ हेनान प्रांत की हैं और सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं।
उत्तरी सोंग राजवंश चीनी इतिहास में कला, संस्कृति और प्रशासन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध काल था। इस दौर की प्रतिमाएँ दुर्लभ होने के कारण वैश्विक स्तर पर कला-संग्रहकर्ताओं और संग्रहालयों के लिए अत्यधिक मूल्यवान मानी जाती हैं।
हस्तांतरण समारोह में कौन शामिल हुए
समारोह में चीन के राष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत प्रशासन (NCHA) के उप निदेशक तांग वेई, ऑस्ट्रेलिया में चीन के राजदूत लियू जिनसोंग और नेशनल गैलरी ऑफ ऑस्ट्रेलिया के निदेशक निक मित्जेविच उपस्थित रहे। तीनों ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
चीनी पक्ष ने कहा कि अपने मूल देश से विस्थापित सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी, लोगों के सांस्कृतिक अधिकारों और राष्ट्रीय भावनाओं का सम्मान करने तथा मानव सभ्यता की उपलब्धियों को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किस कानूनी और कूटनीतिक ढाँचे के तहत हुई वापसी
यह हस्तांतरण यूनेस्को के 1970 के सम्मेलन — जो सांस्कृतिक संपत्ति के अवैध आयात, निर्यात और स्वामित्व हस्तांतरण को प्रतिबंधित करता है — के तहत संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त, चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2009 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन और NGA की 2021 की उचित जाँच एवं कलाकृति-उत्पत्ति शोध नीति ने भी इस प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाई।
2025 में चीन के NCHA ने सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय और हेनान प्रांत के सांस्कृतिक विरासत अधिकारियों के सहयोग से NGA को एक औपचारिक ज्ञापन और सहायक साक्ष्य सौंपे थे, जिसमें इन कलाकृतियों को वापस करने का अनुरोध किया गया था।
ऑस्ट्रेलिया-चीन संबंधों पर असर
ऑस्ट्रेलियाई पक्ष ने कहा कि यह वापसी केवल वस्तुओं के स्थानांतरण तक सीमित नहीं, बल्कि यह सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के महत्व को दर्शाती है। ऑस्ट्रेलिया ने उम्मीद जताई कि इस पहल से दोनों देशों के आपसी संबंध और मज़बूत होंगे।
गौरतलब है कि यह हस्तांतरण ऐसे समय में हुआ है जब ऑस्ट्रेलिया और चीन के द्विपक्षीय संबंध हाल के वर्षों में व्यापार विवादों के बाद धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सांस्कृतिक सहयोग के ऐसे कदम दोनों देशों के बीच विश्वास-निर्माण में सहायक माने जाते हैं।
आगे क्या होगा
चीन के NCHA और ऑस्ट्रेलिया में चीनी दूतावास के बीच समन्वय से संभव हुई यह वापसी भविष्य में सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में और सहयोग की संभावनाएँ खोलती है। दोनों देशों ने संकेत दिया है कि सांस्कृतिक संपत्ति संरक्षण के क्षेत्र में यह साझेदारी आगे भी जारी रहेगी।