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मुख्तार अब्बास नकवी का कांग्रेस पर हमला: 'बैलेट से बनती हैं सरकारें, बुलेट से नहीं'

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मुख्तार अब्बास नकवी का कांग्रेस पर हमला: 'बैलेट से बनती हैं सरकारें, बुलेट से नहीं'

सारांश

पूर्व केंद्रीय मंत्री नकवी ने साफ़ कहा — भारत में 18 आम चुनावों में जनादेश ही सरकार बदलने का ज़रिया रहा है, जंतर-मंतर नहीं। राजनाथ सिंह के राहुल गांधी पर बांग्लादेश-तर्ज वाले आरोपों का समर्थन करते हुए नकवी ने कांग्रेस को क्रिकेट की भाषा में घेरा और निवेशकों पर असर की भी चेतावनी दी।

मुख्य बातें

मुख्तार अब्बास नकवी ने 17 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस व विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
नकवी ने कहा — भारत में 18 आम चुनावों में सरकार बनाने-बदलने का रास्ता मतदान (बैलेट) रहा है, अराजकता नहीं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के राहुल गांधी पर बांग्लादेश-तर्ज सत्ता परिवर्तन के आरोप का नकवी ने समर्थन किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद सत्र और परिसीमन पर PM मोदी को लिखे पत्र पर भी नकवी ने पलटवार किया।
नकवी ने चेताया कि अराजकता से राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय निवेशकों को निराशा हो सकती है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने 17 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत में सरकारें जनता के जनादेश से बनती और बदलती हैं — न कि जंतर-मंतर पर धरने-प्रदर्शन या अराजकता के ज़रिए। नकवी ने यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस आरोप के समर्थन में दिया, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर युवाओं को गुमराह करने और बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

नकवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यहाँ बुलेट से सरकारें नहीं बनती-बदलतीं, बल्कि बैलेट से बनती-बदलती हैं।' उन्होंने कहा कि देश में अब तक हुए 18 आम चुनावों में सरकार बनाने और बदलने का माध्यम मतदान ही रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोगों को यह गलतफहमी है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और उपद्रव से सत्ता बदली जा सकती है।

नकवी ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन की चाह में कुछ राजनीतिक ताकतें देश में अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही कोई दूसरा देश — यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।

कांग्रेस पर कटाक्ष

नकवी ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति की आलोचना करते हुए पार्टी नेताओं की तुलना उन क्रिकेट खिलाड़ियों से की जो मौका मिलने पर गलतियाँ करते हैं और हार के बाद अंपायर या पिच को ज़िम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेता गेंदबाज़ी का मौका मिलने पर नो-बॉल करते हैं और बल्लेबाज़ी के दौरान हिट विकेट हो जाते हैं — फिर अपनी हार का ठीकरा अंपायर या पिच पर फोड़ते हैं।'

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकायों और पंचायत चुनावों में जनता कांग्रेस को जनादेश नहीं दे रही, फिर भी पार्टी का अहंकार कम नहीं हो रहा। नकवी ने यह भी कहा कि समय के साथ विपक्ष के सहयोगी दल उसका साथ छोड़ सकते हैं।

खड़गे के पत्र पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के मानसून सत्र के सत्रावसान में देरी पर सवाल उठाने और परिसीमन प्रस्तावों व संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर भी नकवी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अराजकता के ज़रिए अपनी बात मनवाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

निवेश और लोकतंत्र पर चेतावनी

नकवी ने यह भी चेताया कि लोकतंत्र को बंधक बनाने और अराजकता के ज़रिए सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाले लोग कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय निवेशकों को निराशा हो सकती है, जो देश की आर्थिक प्रगति के लिए नुकसानदेह है।

यह ऐसे समय में आया है जब राजनाथ सिंह और राहुल गांधी के बीच बांग्लादेश-तर्ज पर सत्ता परिवर्तन को लेकर राजनीतिक तकरार तेज़ हो गई है। आगामी दिनों में इस विवाद के संसदीय सत्र और चुनावी राजनीति पर असर पड़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे भी किसी डेटा से नहीं जोड़ा गया। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि यह बहस वास्तव में आगामी परिसीमन और संवैधानिक संशोधन की जंग का राजनीतिक पूर्वाभ्यास है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्तार अब्बास नकवी ने 'बैलेट बनाम बुलेट' वाला बयान क्यों दिया?
नकवी ने यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस आरोप का समर्थन करते हुए दिया जिसमें राहुल गांधी पर बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा कि भारत में 18 आम चुनावों में सरकार बदलने का रास्ता हमेशा जनादेश यानी मतदान रहा है।
नकवी ने कांग्रेस की तुलना किससे की?
नकवी ने कांग्रेस नेताओं की तुलना उन क्रिकेट खिलाड़ियों से की जो गेंदबाज़ी में नो-बॉल करते हैं, बल्लेबाज़ी में हिट विकेट होते हैं और फिर हार का ठीकरा अंपायर या पिच पर फोड़ते हैं। यह कटाक्ष कांग्रेस की चुनावी हारों और उसके बाद की प्रतिक्रिया पर था।
मल्लिकार्जुन खड़गे के पत्र पर नकवी ने क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को पत्र लिखकर मानसून सत्र के सत्रावसान में देरी पर सवाल उठाया था और परिसीमन व संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर सर्वदलीय बैठक की मांग की थी। नकवी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को अराजकता की बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के ज़रिए अपनी बात रखनी चाहिए।
नकवी ने निवेशकों का ज़िक्र क्यों किया?
नकवी ने चेताया कि विपक्षी दलों की ओर से लोकतंत्र को बंधक बनाने और अराजकता फैलाने की कोशिशों से राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय निवेशकों को निराशा हो सकती है। यह एक नया आर्थिक कोण था जो राजनीतिक विवाद को निवेश माहौल से जोड़ता है।
भारत में अब तक कितने आम चुनाव हो चुके हैं?
नकवी के बयान के अनुसार भारत में अब तक 18 आम चुनाव हो चुके हैं और हर बार सरकार बनाने या बदलने का फैसला मतदान के ज़रिए जनता ने किया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
राष्ट्र प्रेस
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