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मुख्तार अब्बास नकवी का इंडिया ब्लॉक पर हमला: 'जनता विपक्ष को रिजेक्ट कर चुकी है'

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मुख्तार अब्बास नकवी का इंडिया ब्लॉक पर हमला: 'जनता विपक्ष को रिजेक्ट कर चुकी है'

सारांश

BJP के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इंडिया ब्लॉक के विरोध-प्रदर्शनों को 'सामंती सनक' और 'अराजकता' बताया। अखिलेश यादव पर टिकट वितरण को लेकर व्यंग्य किया और आपातकाल पर व्यक्तिगत गवाही देते हुए कांग्रेस को 'तानाशाही का काला अध्याय' करार दिया।

मुख्य बातें

BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 9 अक्टूबर 2026 को इंडिया ब्लॉक के विरोध-प्रदर्शनों को 'अराजकता और उदंडता' बताया।
नकवी ने कहा — 'जनता विपक्ष को रिजेक्ट कर चुकी है' और विपक्षी आंदोलन को 'सामंती सनक' करार दिया।
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए नकवी ने कहा कि सपा अब BJP को भी टिकट बांटने लगी है।
आपातकाल ( 1975–77 ) पर नकवी ने निजी अनुभव साझा किया — 17 वर्ष की उम्र में उन्हें गिरफ्तार और नजरबंद किया गया था।
नकवी ने कांग्रेस को 'तानाशाही का प्रतीक' बताते हुए आपातकाल के इतिहास को 'काला अध्याय' कहा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के विरोध-प्रदर्शनों, समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण के मुद्दे और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल पर कड़ा प्रहार किया। नकवी ने कहा कि विपक्ष 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिश्रम के परिणामों पर पलीता लगाने' की कोशिश कर रहा है और जनता उसे पहले ही नकार चुकी है।

विपक्ष के आंदोलन पर नकवी का रुख

नकवी ने कहा, 'आज विपक्ष की ओर से कोशिश की जा रही है कि नरेंद्र मोदी के परिश्रम के परिणाम पर कैसे पलीता लगाया जाए। इसके लिए प्रदर्शन के नाम पर प्रोग्राम चलाया जा रहा है। स्टेज पर लफ्फाजी की जा रही है और स्ट्रीट में लफड़े किए जा रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कदमों से विपक्ष खुद का ही नुकसान कर रहा है।

नकवी ने स्पष्ट किया कि आंदोलन एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार विपक्ष इसे 'अराजकता और उदंडता' में तब्दील कर रहा है। उन्होंने कहा, 'विपक्ष की ओर से कहीं पर भी हंगामा करना संवैधानिक हथियार नहीं है। यह विपक्ष की सामंती सनक है।'

अखिलेश यादव और टिकट विवाद

समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव के टिकट वितरण के मुद्दे पर नकवी ने तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी कांग्रेस को टिकट बांट रही थी। अब वो भाजपा को भी टिकट बांटने लगी है।' उनका इशारा उन अटकलों की ओर था कि सपा कुछ सीटों पर भाजपा-समर्थित उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष लाभ दे रही है। नकवी ने दोटूक कहा कि कौन कहाँ से चुनाव लड़ेगा, यह निर्णय भाजपा ही करेगी और सपा को इस 'सनक से बाहर निकलना चाहिए।'

आपातकाल: नकवी की व्यक्तिगत गवाही

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल पर नकवी ने व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, 'आपातकाल का इतिहास बहुत दागी है। मैं खुद इस बात का गवाह हूं। 17 वर्ष की उम्र में मुझे गिरफ्तार और नजरबंद किया गया था।' उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में हजारों लोगों को जेल में बंद किया गया था और कई लोगों की जेल के भीतर मृत्यु हो गई थी।

नकवी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'किसी को तानाशाही देखना और समझना है तो कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के काले अध्याय को देखना और समझना होगा।' गौरतलब है कि आपातकाल (1975–77) को लेकर विपक्षी और सत्तारूढ़ दलों के बीच यह बहस दशकों से जारी है और इसे अक्सर राजनीतिक भाषणों में संदर्भित किया जाता है।

राजनीतिक संदर्भ

नकवी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शनों की घोषणा की है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह पलटवार विपक्षी एकता को कमजोर दिखाने की रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावी माहौल गर्म है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

आगे की दिशा

नकवी के इस बयान के बाद इंडिया ब्लॉक की प्रतिक्रिया अपेक्षित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज होगी, खासकर चुनावी राज्यों में जहाँ जनमत निर्माण की प्रक्रिया जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस ताजे सवाल से ध्यान भटकाता है कि वर्तमान चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताएँ कितनी वाजिब हैं। सपा-BJP टिकट विवाद पर नकवी का व्यंग्य राजनीतिक तौर पर धारदार है, पर इसका सत्यापन अभी बाकी है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों को बिना विश्लेषण के प्रसारित करती है — असली सवाल यह है कि क्या ये आरोप तथ्यों पर टिके हैं।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्तार अब्बास नकवी ने इंडिया ब्लॉक पर क्या कहा?
BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 9 अक्टूबर 2026 को कहा कि जनता विपक्ष को रिजेक्ट कर चुकी है और इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन 'सामंती सनक' हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अराजकता और उदंडता विपक्ष का संवैधानिक हथियार नहीं है।
नकवी ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
नकवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले कांग्रेस को और अब BJP को भी टिकट 'बांटने' लगी है, जो एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के उम्मीदवारों का निर्णय स्वयं भाजपा करती है।
नकवी का आपातकाल से क्या व्यक्तिगत संबंध है?
नकवी ने बताया कि 1975 में लगे आपातकाल के दौरान मात्र 17 वर्ष की उम्र में उन्हें गिरफ्तार और नजरबंद किया गया था। उन्होंने कहा कि वे इंदिरा गांधी सरकार के उस दौर के प्रत्यक्षदर्शी हैं।
BJP और इंडिया ब्लॉक के बीच यह विवाद किस संदर्भ में उभरा?
इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए हैं, जिन पर BJP की ओर से नकवी ने यह पलटवार किया। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कई राज्यों में चुनावी माहौल गर्म है।
नकवी के बयान का राजनीतिक महत्व क्या है?
नकवी के बयान से BJP की उस रणनीति की झलक मिलती है जो विपक्षी प्रदर्शनों को जन-विरोधी और अराजक बताकर उनकी विश्वसनीयता घटाना चाहती है। साथ ही, आपातकाल का संदर्भ कांग्रेस की ऐतिहासिक छवि को राजनीतिक नुकसान पहुँचाने के लिए दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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