मुख्तार अब्बास नकवी का इंडिया ब्लॉक पर हमला: 'जनता विपक्ष को रिजेक्ट कर चुकी है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के विरोध-प्रदर्शनों, समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण के मुद्दे और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल पर कड़ा प्रहार किया। नकवी ने कहा कि विपक्ष 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिश्रम के परिणामों पर पलीता लगाने' की कोशिश कर रहा है और जनता उसे पहले ही नकार चुकी है।
विपक्ष के आंदोलन पर नकवी का रुख
नकवी ने कहा, 'आज विपक्ष की ओर से कोशिश की जा रही है कि नरेंद्र मोदी के परिश्रम के परिणाम पर कैसे पलीता लगाया जाए। इसके लिए प्रदर्शन के नाम पर प्रोग्राम चलाया जा रहा है। स्टेज पर लफ्फाजी की जा रही है और स्ट्रीट में लफड़े किए जा रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कदमों से विपक्ष खुद का ही नुकसान कर रहा है।
नकवी ने स्पष्ट किया कि आंदोलन एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार विपक्ष इसे 'अराजकता और उदंडता' में तब्दील कर रहा है। उन्होंने कहा, 'विपक्ष की ओर से कहीं पर भी हंगामा करना संवैधानिक हथियार नहीं है। यह विपक्ष की सामंती सनक है।'
अखिलेश यादव और टिकट विवाद
समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव के टिकट वितरण के मुद्दे पर नकवी ने तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी कांग्रेस को टिकट बांट रही थी। अब वो भाजपा को भी टिकट बांटने लगी है।' उनका इशारा उन अटकलों की ओर था कि सपा कुछ सीटों पर भाजपा-समर्थित उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष लाभ दे रही है। नकवी ने दोटूक कहा कि कौन कहाँ से चुनाव लड़ेगा, यह निर्णय भाजपा ही करेगी और सपा को इस 'सनक से बाहर निकलना चाहिए।'
आपातकाल: नकवी की व्यक्तिगत गवाही
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल पर नकवी ने व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, 'आपातकाल का इतिहास बहुत दागी है। मैं खुद इस बात का गवाह हूं। 17 वर्ष की उम्र में मुझे गिरफ्तार और नजरबंद किया गया था।' उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में हजारों लोगों को जेल में बंद किया गया था और कई लोगों की जेल के भीतर मृत्यु हो गई थी।
नकवी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'किसी को तानाशाही देखना और समझना है तो कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के काले अध्याय को देखना और समझना होगा।' गौरतलब है कि आपातकाल (1975–77) को लेकर विपक्षी और सत्तारूढ़ दलों के बीच यह बहस दशकों से जारी है और इसे अक्सर राजनीतिक भाषणों में संदर्भित किया जाता है।
राजनीतिक संदर्भ
नकवी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शनों की घोषणा की है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह पलटवार विपक्षी एकता को कमजोर दिखाने की रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावी माहौल गर्म है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
आगे की दिशा
नकवी के इस बयान के बाद इंडिया ब्लॉक की प्रतिक्रिया अपेक्षित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज होगी, खासकर चुनावी राज्यों में जहाँ जनमत निर्माण की प्रक्रिया जारी है।