मध्य पूर्व संकट पर PM मोदी की अपील: नकवी बोले — समाधान का हिस्सा बनें, कुमारस्वामी ने कहा — मुश्किल दिन आने वाले हैं
सारांश
मुख्य बातें
मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नागरिकों से ईंधन बचाने और सोने की खरीदारी से परहेज़ करने की अपील पर देशभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। सत्तापक्ष ने अपील का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने इसे अपर्याप्त बताते हुए नीतिगत चूक की ओर इशारा किया।
नकवी का संयम का आह्वान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट संदेश है कि समाज और सरकार मिलकर संयम के साथ इस संकट का सामना करें। उन्होंने कहा, 'सबको संयम और संवेदनशीलता के साथ इस संकट के समाधान का हिस्सा बनना चाहिए।' नकवी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे 'पैनिक सिचुएशन' बनाने में लगे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है — जो देश खुद को वैश्विक आर्थिक शक्ति मानते थे, वे भी इससे प्रभावित हैं। कर्नाटक हिजाब विवाद पर नकवी ने कहा कि हिजाब कभी भी भारत में अनिवार्य नहीं रहा और इस मसले पर न तो सरकारी प्रतिबंध की ज़रूरत है, न ही सरकारी रियायत की।
काफिले में कटौती — प्रतीकात्मक संदेश
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने काफिले की गाड़ियों में कटौती कर एक व्यावहारिक उदाहरण पेश किया है। उनके अनुसार, बुधवार को प्रधानमंत्री मात्र दो गाड़ियों के साथ चले, जबकि मुख्यमंत्री ने अपने काफिले की 50 प्रतिशत गाड़ियाँ कम कर दीं। अंसारी ने कहा कि देश के सार्थक विकास में उत्तर प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष की आलोचना — नीतिगत चूक का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व सांसद मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने कहा कि इस तरह की स्थिति पहले भी कई बार आई है, लेकिन इसे इस तरह से नहीं निपटाया जाता। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कस्टम ड्यूटी पहले बढ़ा दी गई होती, तो अचानक इतना दबाव नहीं बनता और आज आपातकाल जैसी स्थिति नहीं उत्पन्न होती।
शिवसेना (UBT) के एमएलसी अंबादास दानवे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बुलेट से यात्रा करने को 'नाटकबाजी' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक बार बुलेट से आने से सवाल पीछा नहीं छोड़ेगा और सरकार को सही उपायों की तलाश करनी चाहिए।
सहयोगी दलों और राज्य नेताओं का समर्थन
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के एमएलसी जीशान सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को सभी को सुनना और उस पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े नेता यदि पालन कर रहे हैं, तो आम नागरिकों को भी ईंधन बचाने में सहयोग देना चाहिए।
उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि ईंधन और ऊर्जा बचाने की अपील देश के हित में है। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं से डीजल की बचत करने की अपील की गई है और मुख्यमंत्री ने इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
कुमारस्वामी की चेतावनी — मुश्किल दिन सामने हैं
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस अपील को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा कि न केवल भारत, बल्कि सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने भी दो दिन पहले अपनी जनता को संबोधित किया था। उन्होंने कहा, 'अब सबसे मुश्किल दिन आने वाले हैं, और इसके लिए हमें तैयार रहना होगा।' कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री के इस आग्रह को बहुत हल्के में लिया है, जो उचित नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की आर्थिक तैयारी को लेकर विभिन्न दलों में अलग-अलग दृष्टिकोण उभर रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की नीतिगत प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह अपील महज़ प्रतीकात्मक रही या इसके ठोस परिणाम सामने आते हैं।