मध्य पूर्व संकट पर PM मोदी की अपील: नकवी बोले — समाधान का हिस्सा बनें, कुमारस्वामी ने कहा — मुश्किल दिन आने वाले हैं

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मध्य पूर्व संकट पर PM मोदी की अपील: नकवी बोले — समाधान का हिस्सा बनें, कुमारस्वामी ने कहा — मुश्किल दिन आने वाले हैं

सारांश

मध्य पूर्व संकट के बीच PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर सत्तापक्ष एकजुट दिखा — नकवी ने संयम का आह्वान किया, कुमारस्वामी ने मुश्किल दिनों की चेतावनी दी। लेकिन विपक्ष ने इसे नाटकबाजी और नीतिगत चूक बताया। असली सवाल यह है कि प्रतीकात्मक कदमों से परे सरकार की ठोस रणनीति क्या है।

मुख्य बातें

BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि समाज और सरकार को मिलकर संयम के साथ मध्य पूर्व संकट का सामना करना चाहिए।
PM मोदी बुधवार को मात्र दो गाड़ियों के काफिले के साथ चले; CM योगी ने अपने काफिले की 50% गाड़ियाँ कम कीं।
केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी ने चेतावनी दी कि 'सबसे मुश्किल दिन आने वाले हैं' और लोगों से सरकार के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
RJD के पूर्व सांसद मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने कहा कि कस्टम ड्यूटी पहले बढ़ाई होती तो आपातकाल जैसी स्थिति नहीं बनती।
शिवसेना (UBT) के एमएलसी अंबादास दानवे ने महाराष्ट्र CM के बुलेट से यात्रा को 'नाटकबाजी' करार दिया।
उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी कार्यकर्ताओं से डीजल बचाने की अपील की, CM ने दिशा-निर्देश जारी किए।

मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नागरिकों से ईंधन बचाने और सोने की खरीदारी से परहेज़ करने की अपील पर देशभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। सत्तापक्ष ने अपील का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने इसे अपर्याप्त बताते हुए नीतिगत चूक की ओर इशारा किया।

नकवी का संयम का आह्वान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट संदेश है कि समाज और सरकार मिलकर संयम के साथ इस संकट का सामना करें। उन्होंने कहा, 'सबको संयम और संवेदनशीलता के साथ इस संकट के समाधान का हिस्सा बनना चाहिए।' नकवी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे 'पैनिक सिचुएशन' बनाने में लगे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है — जो देश खुद को वैश्विक आर्थिक शक्ति मानते थे, वे भी इससे प्रभावित हैं। कर्नाटक हिजाब विवाद पर नकवी ने कहा कि हिजाब कभी भी भारत में अनिवार्य नहीं रहा और इस मसले पर न तो सरकारी प्रतिबंध की ज़रूरत है, न ही सरकारी रियायत की।

काफिले में कटौती — प्रतीकात्मक संदेश

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने काफिले की गाड़ियों में कटौती कर एक व्यावहारिक उदाहरण पेश किया है। उनके अनुसार, बुधवार को प्रधानमंत्री मात्र दो गाड़ियों के साथ चले, जबकि मुख्यमंत्री ने अपने काफिले की 50 प्रतिशत गाड़ियाँ कम कर दीं। अंसारी ने कहा कि देश के सार्थक विकास में उत्तर प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।

विपक्ष की आलोचना — नीतिगत चूक का आरोप

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व सांसद मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने कहा कि इस तरह की स्थिति पहले भी कई बार आई है, लेकिन इसे इस तरह से नहीं निपटाया जाता। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कस्टम ड्यूटी पहले बढ़ा दी गई होती, तो अचानक इतना दबाव नहीं बनता और आज आपातकाल जैसी स्थिति नहीं उत्पन्न होती।

शिवसेना (UBT) के एमएलसी अंबादास दानवे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बुलेट से यात्रा करने को 'नाटकबाजी' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक बार बुलेट से आने से सवाल पीछा नहीं छोड़ेगा और सरकार को सही उपायों की तलाश करनी चाहिए।

सहयोगी दलों और राज्य नेताओं का समर्थन

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के एमएलसी जीशान सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को सभी को सुनना और उस पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े नेता यदि पालन कर रहे हैं, तो आम नागरिकों को भी ईंधन बचाने में सहयोग देना चाहिए।

उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि ईंधन और ऊर्जा बचाने की अपील देश के हित में है। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं से डीजल की बचत करने की अपील की गई है और मुख्यमंत्री ने इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

कुमारस्वामी की चेतावनी — मुश्किल दिन सामने हैं

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस अपील को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा कि न केवल भारत, बल्कि सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने भी दो दिन पहले अपनी जनता को संबोधित किया था। उन्होंने कहा, 'अब सबसे मुश्किल दिन आने वाले हैं, और इसके लिए हमें तैयार रहना होगा।' कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री के इस आग्रह को बहुत हल्के में लिया है, जो उचित नहीं है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की आर्थिक तैयारी को लेकर विभिन्न दलों में अलग-अलग दृष्टिकोण उभर रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की नीतिगत प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह अपील महज़ प्रतीकात्मक रही या इसके ठोस परिणाम सामने आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह वैश्विक भू-राजनीतिक संकट से निपटने की कोई नीतिगत रणनीति नहीं है। विपक्ष का कस्टम ड्यूटी वाला तर्क सतही नहीं है — यह उस पुरानी प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है जिसमें संरचनात्मक तैयारी की जगह संकट आने पर प्रतिक्रिया दी जाती है। कुमारस्वामी की 'मुश्किल दिनों' वाली चेतावनी अगर सच है, तो सरकार को प्रतीकात्मकता से आगे बढ़कर आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और आयात निर्भरता पर ठोस खाका सार्वजनिक करना होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने मध्य पूर्व संकट के बीच नागरिकों से क्या अपील की है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ईंधन बचाने और सोने की खरीदारी से परहेज़ करने की अपील की है। यह अपील मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण वैश्विक आर्थिक दबाव के संदर्भ में की गई है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने मोदी की अपील पर क्या कहा?
BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि समाज और सरकार को मिलकर संयम और संवेदनशीलता के साथ इस संकट के समाधान का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर 'पैनिक सिचुएशन' बनाने का आरोप भी लगाया।
PM मोदी और CM योगी ने काफिले में कटौती क्यों की?
ईंधन बचाने की अपील को व्यावहारिक रूप देने के लिए PM मोदी बुधवार को केवल दो गाड़ियों के साथ चले और CM योगी आदित्यनाथ ने अपने काफिले की 50 प्रतिशत गाड़ियाँ कम कर दीं। यह कदम नागरिकों को सहभागिता का संदेश देने के लिए उठाया गया बताया जा रहा है।
विपक्ष ने मोदी की अपील की आलोचना क्यों की?
RJD के पूर्व सांसद मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने कहा कि कस्टम ड्यूटी पहले बढ़ाई गई होती तो यह दबाव नहीं बनता। शिवसेना (UBT) के अंबादास दानवे ने महाराष्ट्र CM के बुलेट से यात्रा को 'नाटकबाजी' करार दिया और कहा कि सही उपायों की तलाश ज़रूरी है।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने इस संकट को लेकर क्या चेतावनी दी?
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि अब सबसे मुश्किल दिन आने वाले हैं और देश को इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने सिंगापुर के प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वैश्विक संकट है और विपक्ष ने PM की अपील को बहुत हल्के में लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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