शरद पवार की मांग: मोदी की कटौती अपील पर बुलाई जाए सर्वदलीय बैठक, अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर की चिंता
सारांश
शरद पवार ने एक्स पर पोस्ट कर PM मोदी की सोने की खरीद और ईंधन खपत कम करने की अपील को 'अचानक' और 'चिंताजनक' बताया। उन्होंने सर्वदलीय बैठक और अर्थशास्त्रियों-उद्योग विशेषज्ञों के साथ तत्काल परामर्श की माँग की, कहा — जनता में विश्वास और स्थिरता बनाना अभी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्य बातें
शरद पवार ने 12 मई को एक्स पर पोस्ट कर PM मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग की।
पवार ने कहा कि मोदी की सोने की खरीद कम करने और ईंधन खपत घटाने की अपील से व्यापार, उद्योग और निवेशकों में बेचैनी का माहौल है।
PM मोदी ने हैदराबाद के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में जनसभा के दौरान ये अपीलें की थीं, जिसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा बचत बताया गया।
पवार ने प्रख्यात अर्थशास्त्रियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक की भी माँग की।
पवार के अनुसार, मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्र सरकार को अधिक संवेदनशीलता और व्यापक परामर्श को प्राथमिकता देनी चाहिए।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने 12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। पवार ने कहा कि मोदी द्वारा हाल ही में की गई सोने की खरीद कम करने और ईंधन की खपत घटाने की अपील के देश की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं, जिस पर व्यापक परामर्श ज़रूरी है।
पवार ने एक्स पर क्या कहा
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन असली सवाल यह है कि PM मोदी की अपीलें किसी ठोस नीतिगत ढाँचे से जुड़ी हैं या नहीं। सोने की खरीद कम करने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने जैसे सुझाव पहले भी दिए जाते रहे हैं — 2013 में UPA सरकार के दौर में भी इसी तरह की अपीलें हुई थीं, जिनका सीमित असर पड़ा था। बिना किसी बाध्यकारी नीति या प्रोत्साहन तंत्र के, ये अपीलें प्रतीकात्मक रह जाती हैं। पवार की माँग में दम है कि राष्ट्रीय हित के ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक परामर्श होना चाहिए, लेकिन विपक्ष को भी यह स्पष्ट करना होगा कि वह महज आलोचना से आगे क्या विकल्प सुझाता है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शरद पवार ने सर्वदलीय बैठक की माँग क्यों की?
शरद पवार ने कहा कि PM मोदी की सोने की खरीद कम करने और ईंधन खपत घटाने की अपीलें अचानक की गईं, जिससे व्यापार, उद्योग और निवेशकों में बेचैनी पैदा हुई है। उनका मानना है कि इन घोषणाओं के देश की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं, इसलिए सभी दलों को विश्वास में लेकर निर्णय होना चाहिए।
PM मोदी ने सोने की खरीद कम करने की अपील कहाँ की थी?
PM मोदी ने हैदराबाद के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से अगले एक साल तक सोने की खरीद कम करने की अपील की थी, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। उन्होंने ईंधन खपत घटाने और मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन अपनाने का भी सुझाव दिया था।
शरद पवार ने और क्या माँगें रखीं?
पवार ने PM मोदी से सर्वदलीय बैठक के अलावा देश के प्रख्यात अर्थशास्त्रियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की तत्काल बैठक बुलाने की भी माँग की। उनका कहना था कि आगे की नीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए और जनता में विश्वास व स्थिरता बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मध्य पूर्व के हालात का भारत की अर्थव्यवस्था से क्या संबंध है?
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और युद्धग्रस्त हालात के कारण वैश्विक तेल बाज़ार में अनिश्चितता बढ़ती है, जिससे भारत के आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ सकता है। इसी संदर्भ में PM मोदी ने ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की थी।
NCP (शरदचंद्र पवार) किस गठबंधन का हिस्सा है?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के विरोध में है। शरद पवार पार्टी के संस्थापक और वरिष्ठ नेता हैं।