शक्तिकांत दास: जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, वैश्विक तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर जोर

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शक्तिकांत दास: जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, वैश्विक तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर जोर

सारांश

शक्तिकांत दास ने सीआईआई समिट में जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया — यह बयान तब आया जब PM मोदी ने नागरिकों से आर्थिक संयम की अपील की और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक ऊर्जा संकट पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

मुख्य बातें

शक्तिकांत दास ने 11 मई 2026 को सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026 , मुंबई में जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया।
दास ने कहा कि कॉरपोरेट बैलेंस शीट मजबूत हुई है और सरकार सुधारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अमेरिका-ईरान तनाव और सप्लाई चेन बाधाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर लागत बोझ का कारण बताया।
PM मोदी ने नागरिकों से घर से काम करने, विदेश यात्रा और गैर-जरूरी सोना खरीद से बचने की अपील की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंत्रियों के सशक्त समूह की पाँचवीं बैठक की अध्यक्षता कर ऊर्जा सप्लाई चेन की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार, 11 मई 2026 को स्पष्ट किया कि जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बने रहेंगे। मुंबई में आयोजित सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मजबूती को और सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।

ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता

दास ने कहा कि भारत की मजबूती का मूल आधार मजबूत आर्थिक स्थिरता है। उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार की वित्तीय स्थिति और बैंकिंग व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। उनके अनुसार,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन क्षेत्रों में व्यावसायिक पैमाने पर उत्पादन अभी वर्षों दूर है — तात्कालिक संकट से निपटने के लिए ये विकल्प पर्याप्त नहीं हैं। असली परीक्षा यह है कि सरकार अल्पकालिक ऊर्जा आपात और दीर्घकालिक हरित संक्रमण के बीच संतुलन कैसे साधती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शक्तिकांत दास ने जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन को प्राथमिकता क्यों बताया?
दास ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करनी होगी। जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने के दीर्घकालिक विकल्प हैं।
सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026 में क्या प्रमुख बातें कही गईं?
समिट में शक्तिकांत दास ने भारत की आर्थिक स्थिरता, मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट और सुधारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव और सप्लाई चेन बाधाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए खतरा बताया।
PM मोदी ने नागरिकों से क्या अपील की?
PM मोदी ने नागरिकों से घर से काम करने, गैर-जरूरी सोना खरीद से बचने, एक वर्ष तक विदेश यात्रा न करने और खाने के तेल, विदेशी उत्पादों व रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की अपील की। इन उपायों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार बचाना और ईंधन आयात पर दबाव घटाना है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में क्या हुआ?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को मंत्रियों के अनौपचारिक सशक्त समूह की पाँचवीं बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन पर पड़ने वाले खतरे और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि सरकार ठोस कदम उठा रही है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह स्थिति कितनी गंभीर है?
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत के ईंधन आयात पर दबाव बढ़ा है। सरकार विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा और आयात निर्भरता घटाने के लिए नागरिकों से संयम और नीतिगत स्तर पर हरित ऊर्जा निवेश — दोनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस