मोदी की सोना न खरीदने की अपील पर मुंबई के सर्राफा व्यापारी और ग्राहक बोले — राष्ट्रहित सर्वोपरि

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मोदी की सोना न खरीदने की अपील पर मुंबई के सर्राफा व्यापारी और ग्राहक बोले — राष्ट्रहित सर्वोपरि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। इस अपील की गूंज अब देशभर में सुनाई दे रही है। मुंबई के सर्राफा बाज़ार में व्यापारियों और ग्राहकों ने इस पर खुलकर अपनी राय रखी — अधिकांश ने कहा कि व्यक्तिगत नुकसान सहकर भी राष्ट्रहित को प्राथमिकता देंगे।

सर्राफा व्यापारी की प्रतिक्रिया

मुंबई के सर्राफा व्यापारी कुमार जैन ने कहा,

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने सोना न खरीदने की अपील क्यों की?
प्रधानमंत्री मोदी ने सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम में देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की, क्योंकि सोने का आयात डॉलर में होता है और रुपया कमज़ोर होने से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। डॉलर ₹97 तक पहुंचने के बीच यह अपील आर्थिक राष्ट्रवाद की भावना से की गई।
मुंबई के सर्राफा व्यापारियों ने क्या कहा?
व्यापारी कुमार जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील से व्यापार में नुकसान होगा, लेकिन राष्ट्रहित के लिए वे इसे सहने को तैयार हैं। उन्होंने ग्राहकों से भी अपील की कि विवाह में केवल ज़रूरी आभूषण ही खरीदें।
क्या ग्राहक मोदी की अपील से सहमत हैं?
अधिकांश ग्राहकों ने अपील से सैद्धांतिक सहमति जताई, लेकिन शादी जैसी अनिवार्य ज़रूरतों के लिए सीमित खरीद जारी रखने की बात कही। कई महिलाओं ने कहा कि जब तक दाम ऊंचे हैं, अनावश्यक खरीद से बचेंगी।
भारत में सोने के आयात का विदेशी मुद्रा पर क्या असर होता है?
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है और यह आयात डॉलर में होता है। जब रुपया कमज़ोर होता है, तो सोने का आयात विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे आर्थिक स्थिरता प्रभावित होती है।
क्या प्रधानमंत्री की अपील का सर्राफा बाज़ार पर असर पड़ेगा?
आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि इस अपील का बाज़ार पर कितना असर पड़ता है। व्यापारी वर्ग ने सहयोग का संकेत दिया है, लेकिन सांस्कृतिक और धार्मिक कारणों से सोने की मांग में तत्काल बड़ी गिरावट की संभावना सीमित मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस