25 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर हमला: 'एसआईआर के बहाने अराजकता फैलाने की कोशिश, खोई जमीन नहीं मिलेगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर हमला: 'एसआईआर के बहाने अराजकता फैलाने की कोशिश, खोई जमीन नहीं मिलेगी'

सारांश

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को एसआईआर की 'आड़' में अराजकता फैलाने वाला बताया। 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित रैली की तारीख को 1984 सिख दंगों की बरसी से जोड़कर निशाना साधा। फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान वाले बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 25 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला बोला।
1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक रैली की तारीख पर विवाद — यही दिन 1984 के सिख दंगों की बरसी भी है।
गिरिराज सिंह का आरोप — राहुल गांधी एसआईआर का बहाना बनाकर देश में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर-पाकिस्तान बयान पर केंद्रीय मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई।
जेएनयू में लगे कथित नारों पर अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली के पीछे राहुल गांधी की मंशा खोई हुई राजनीतिक विश्वसनीयता को एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) जैसे मुद्दों की आड़ में ढकने की है। गिरिराज सिंह के अनुसार, यह रणनीति न केवल जनता को गुमराह करने वाली है, बल्कि देश में अस्थिरता का वातावरण बनाने का प्रयास भी है।

राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति पर सवाल

गिरिराज सिंह ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चुनावी सफलता हासिल कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस उन राज्यों में भी अपना खाता नहीं खोल पा रही जहाँ वह चार दशक पहले हार चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों का व्यापारी वर्ग और आम जनता दोनों विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'इस तरह की राजनीति से कांग्रेस अगले तीन दशक तक सत्ता में नहीं आ पाएगी। सत्ता में वापसी का रास्ता जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएँ सुनने से निकलता है, अर्बन नक्सल जैसी गतिविधियों से नहीं।' केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जहाँ कांग्रेस जीतती है वहाँ पार्टी चुप्पी साध लेती है और जहाँ हारती है वहाँ एसआईआर जैसे मुद्दे उठाए जाते हैं।

1 नवंबर की रैली और सिख दंगों की बरसी पर विवाद

गिरिराज सिंह ने इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली की तारीख को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यही तारीख 1984 के सिख दंगों की बरसी भी है और इस दिन रैली का आयोजन करना सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सिख दंगों की कोई परवाह नहीं है और यह तारीख उनके लिए ही 'काल साबित होगी।'

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के उस कथित बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं', गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला कभी भी कश्मीरी जनता के हिमायती नहीं रहे — वे हमेशा सत्ता और पाकिस्तान के पक्ष में खड़े रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कश्मीर में पाकिस्तान की भूमिका होती, तो वहाँ के लोग कभी सुरक्षित नहीं रह सकते थे।

जेएनयू नारे और विपक्षी चुप्पी पर हमला

जेएनयू में लगे कथित विवादित नारों और दीवार-लेखन को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 'फ्री खालिद अंसारी' और 'फ्री कश्मीर' जैसे नारे लगाने वाले वही लोग हैं जो वर्षों पहले जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारेबाज़ी में शामिल रहे थे। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे स्वयं उस समय जेएनयू गए थे।

गिरिराज सिंह ने अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं पर भी प्रश्न उठाए और पूछा कि इन नारों पर उनकी चुप्पी क्यों है। उन्होंने कहा कि यदि इन नेताओं ने जवाब नहीं दिया, तो यह माना जाएगा कि फारूक अब्दुल्ला की भाषा ही उनकी भाषा है।

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब देश के कई राज्यों में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर इस तरह के सीधे हमले किए हों — आने वाले दिनों में इंडिया ब्लॉक की रैली और उसकी प्रतिक्रिया इस राजनीतिक बहस को और तेज़ कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इसका राजनीतिक उपयोग यह दिखाता है कि दोनों पक्ष इतिहास को चुनावी हथियार बनाने में पीछे नहीं हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि एसआईआर जैसे प्रशासनिक मुद्दे — जिनका सीधा असर मतदाता सूचियों पर पड़ता है — असली जन-चिंता हैं, जिन्हें दोनों तरफ से व्यक्तिगत हमलों की आड़ में दबाया जा रहा है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का बहाना बनाकर देश में अराजकता और अस्थिरता का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता के बीच विश्वसनीयता खो चुके हैं और इसी वजह से ऐसे विवादास्पद मुद्दों का सहारा ले रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली विवादास्पद क्यों है?
1 नवंबर वही तारीख है जिस दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी मनाई जाती है। गिरिराज सिंह का कहना है कि इस दिन रैली करना सिख समुदाय की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है और यह तारीख विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से उलटी पड़ेगी।
फारूक अब्दुल्ला के किस बयान पर गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कथित तौर पर कहा था कि 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं।' गिरिराज सिंह ने इस बयान को राष्ट्रविरोधी बताते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला सत्ता और पाकिस्तान के हिमायती रहे हैं, कश्मीरी जनता के नहीं।
गिरिराज सिंह ने जेएनयू नारों को लेकर किन नेताओं को घेरा?
गिरिराज सिंह ने 'फ्री खालिद अंसारी' और 'फ्री कश्मीर' जैसे नारों पर अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस मौन का अर्थ है कि ये नेता अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे नारों का समर्थन कर रहे हैं।
एसआईआर (SIR) क्या है और यह राजनीतिक विवाद का केंद्र क्यों बना है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) मतदाता सूचियों की समीक्षा की एक प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए कुछ समुदायों के मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे नियमित प्रशासनिक कदम बताता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 16 घंटे पहले
  3. 18 घंटे पहले
  4. 20 घंटे पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले