28 अक्टूबर 2026
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तमिलनाडु: अनबिल महेश की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन, DMK के शेखर बाबू व वीरास्वामी पर FIR

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तमिलनाडु: अनबिल महेश की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन, DMK के शेखर बाबू व वीरास्वामी पर FIR

सारांश

तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश की ₹400 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितताओं में गिरफ्तारी के बाद DMK के दो वरिष्ठ नेताओं पर पुलिस कार्य में बाधा का मामला दर्ज, चेन्नई के कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

मुख्य बातें

पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को ₹400 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया गया; अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा।
DMK के पूर्व मंत्री पी.के.
शेखर बाबू और लोकसभा सांसद डॉ.
कलानिधि वीरास्वामी के खिलाफ वेपेरी पुलिस ने मामला दर्ज किया।
दोनों नेताओं पर गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और सरकारी कर्मचारियों के कर्तव्य-निर्वहन में बाधा डालने के आरोप।
प्रदर्शन चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय , राजीव गांधी सरकारी अस्पताल और अदालत परिसर के निकट हुए।
दोनों नेताओं की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चेन्नई में 28 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी की गिरफ्तारी के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के कर्तव्य-निर्वहन में बाधा डालने के आरोप में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के दो वरिष्ठ नेताओं — पूर्व मंत्री पी.के. शेखर बाबू और लोकसभा सांसद डॉ. कलानिधि वीरास्वामी — के खिलाफ वेपेरी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह घटनाक्रम चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर तब हुआ जब अनबिल महेश को गिरफ्तारी के बाद उस कार्यालय में लाया गया था।

गिरफ्तारी का पृष्ठभूमि

पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को उनके मंत्रिकाल के दौरान कथित ₹400 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें चिकित्सीय जाँच और अदालती पेशी के लिए चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल और न्यायालय परिसर ले जाया गया। अदालत ने कथित तौर पर आधी रात के आसपास उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उनके खिलाफ यह मामला प्रदर्शन से संबंधित आरोपों से पूरी तरह अलग है।

प्रदर्शन और टकराव का घटनाक्रम

अनबिल महेश को पुलिस आयुक्त कार्यालय लाए जाने की सूचना मिलते ही शेखर बाबू सहित DMK के अनेक कार्यकर्ता और नेता वहाँ पहुँच गए। इसके बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कथित तौर पर शेखर बाबू ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या आप मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं?' इस टिप्पणी के बाद तनाव और बढ़ गया। बताया गया है कि डॉ. वीरास्वामी भी अन्य DMK नेताओं के साथ इस विवाद में शामिल हुए।

एकाधिक स्थानों पर फैला प्रदर्शन

विरोध प्रदर्शन केवल पुलिस आयुक्त कार्यालय तक सीमित नहीं रहा। DMK कार्यकर्ता राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल और अदालत परिसर के निकट भी एकत्र हुए। आरोप है कि इनमें से कुछ स्थानों पर पार्टी सदस्यों ने पूर्व मंत्री को ले जा रहे पुलिस वाहनों को रोकने का प्रयास किया, जिससे विभिन्न स्थलों पर तनाव की स्थिति बनी रही।

दर्ज मामले की प्रकृति

वेपेरी पुलिस ने शेखर बाबू और डॉ. वीरास्वामी के खिलाफ गैरकानूनी रूप से एकत्र होने तथा सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला प्रदर्शन के दौरान उनके कथित आचरण से जुड़ा है। अब तक दोनों नेताओं की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में पूर्व सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर कानूनी कार्रवाइयों को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। अनबिल महेश के मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है, जबकि शेखर बाबू और वीरास्वामी पर दर्ज FIR की जाँच अब पुलिस करेगी। आने वाले दिनों में इस मामले पर DMK की आधिकारिक प्रतिक्रिया और न्यायालय की कार्यवाही पर सबकी निगाह रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ नेताओं की कथित भूमिका दर्शाती है कि पार्टी कार्यकर्ता अनुशासित प्रतिक्रिया देने में विफल रहे। गौरतलब है कि एक सत्तारूढ़ दल के नेता जब खुद पुलिस कार्रवाई को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तो यह संस्थागत जवाबदेही की जगह दलीय सुरक्षावाद का संदेश देता है। इस पूरे घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि तमिलनाडु में न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप की प्रवृत्ति किस हद तक बढ़ रही है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनबिल महेश पोय्यामोझी को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को उनके मंत्रिकाल के दौरान कथित ₹400 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया गया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें कथित तौर पर आधी रात के आसपास न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
DMK नेता शेखर बाबू और वीरास्वामी पर क्या आरोप हैं?
वेपेरी पुलिस ने पूर्व मंत्री पी.के. शेखर बाबू और लोकसभा सांसद डॉ. कलानिधि वीरास्वामी के खिलाफ गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह मामला अनबिल महेश की गिरफ्तारी के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान उनके कथित आचरण से जुड़ा है।
चेन्नई में प्रदर्शन कहाँ-कहाँ हुए?
DMK कार्यकर्ताओं ने चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय, राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल और अदालत परिसर के निकट प्रदर्शन किए। आरोप है कि कुछ स्थानों पर पार्टी सदस्यों ने पूर्व मंत्री को ले जा रहे पुलिस वाहनों को रोकने का प्रयास भी किया।
शेखर बाबू और वीरास्वामी की इस मामले में क्या भूमिका बताई जा रही है?
बताया गया है कि अनबिल महेश को पुलिस आयुक्त कार्यालय लाए जाने की जानकारी मिलते ही शेखर बाबू DMK कार्यकर्ताओं के साथ वहाँ पहुँच गए और पुलिस से बहस हुई। कथित तौर पर उन्होंने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए, जिसके बाद तनाव बढ़ा; डॉ. वीरास्वामी भी इस विवाद में शामिल बताए गए हैं।
क्या दोनों नेताओं ने आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक पूर्व मंत्री शेखर बाबू और सांसद डॉ. वीरास्वामी की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की जाँच वेपेरी पुलिस कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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