प्राइवेट स्कूल रिश्वत कांड: पूर्व मंत्री अनबिल महेश के तिरुचिरापल्ली व चेन्नई ठिकानों पर CCB का छापा
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने 16 सितंबर को तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी से जुड़ी संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की, जो प्राइवेट स्कूलों को सरकारी मान्यता दिलाने के बदले कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रिश्वत वसूली के मामले में जांच का हिस्सा बताई जा रही है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब इसी मामले में एक प्रमुख आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में है।
कहाँ-कहाँ हुई तलाशी
जांच दलों ने तिरुचिरापल्ली में पोय्यामोझी के आवास और चेन्नई के ग्रीनवेज रोड स्थित एक अपार्टमेंट में एक साथ तलाशी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन उस व्यापक जांच का हिस्सा है जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को आधिकारिक मंजूरी दिलाने का वादा करके किस तरह पैसे वसूले गए। छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विवरण रिपोर्ट लिखे जाने तक सामने नहीं आया था।
मुख्य आरोपी और जांच की पृष्ठभूमि
इस मामले में तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संस्थापक-अध्यक्ष और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पदाधिकारी पीडी अराकुमार को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस का आरोप है कि अराकुमार ने प्राइवेट स्कूल संचालकों से सरकारी मान्यता और अन्य अनिवार्य कानूनी अनुमतियाँ दिलाने का वादा करके कथित तौर पर ₹100 करोड़ से अधिक की वसूली की। जांचकर्ता तब से वित्तीय लेनदेन, संचार रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जाँच में जुटे हैं।
पोय्यामोझी का राजनीतिक परिचय
पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी DMK के एक वरिष्ठ नेता हैं। वे तिरुवेरुम्बूर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए और बाद में पार्टी सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री के पद पर रहे। हालाँकि, वे 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी सीट हार गए। गौरतलब है कि यह छापेमारी उनके मंत्री पद से हटने के बाद की जा रही है।
जांच का दायरा और अगले कदम
CCB के अनुसार, पूर्व मंत्री की संपत्तियों पर तलाशी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित रिश्वत नेटवर्क में सरकारी अधिकारी या बिचौलिए शामिल थे या नहीं। अधिकारियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि तलाशी किस साक्ष्य के आधार पर ली गई, इस मामले में पोय्यामोझी की आधिकारिक स्थिति क्या है, और ऑपरेशन के दौरान उनसे पूछताछ हुई या नहीं। यह भी तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं थी कि तलाशी कब आरंभ हुई।
महत्वपूर्ण सावधानी
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि अभी तक किसी भी अदालत ने पूर्व मंत्री पोय्यामोझी द्वारा किसी गलत काम की पुष्टि नहीं की है। आरोपों की जांच जारी है। CCB द्वारा दोनों स्थानों पर तलाशी पूरी होने और बरामद सामग्री की विधिवत जाँच के बाद आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।