29 जुलाई 2026
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डीवीएसी की करूर में बड़ी छापेमारी: डीएमके नेता सेंथिल बालाजी के ठिकानों पर तलाशी, ₹1,397 करोड़ के भ्रष्टाचार की जांच

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डीवीएसी की करूर में बड़ी छापेमारी: डीएमके नेता सेंथिल बालाजी के ठिकानों पर तलाशी, ₹1,397 करोड़ के भ्रष्टाचार की जांच

सारांश

डीवीएसी ने बुधवार सुबह करूर में डीएमके नेता सेंथिल बालाजी के पुश्तैनी घर समेत पाँच ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। कैश-फॉर-जॉब्स, ₹1,000 करोड़ टीएएसएमएसी और ₹397 करोड़ ट्रांसफॉर्मर घोटाले की जांच के तहत डिजिटल व दस्तावेज़ी सबूत जुटाए गए।

मुख्य बातें

डीवीएसी ने 29 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे करूर में वी.
सेंथिल बालाजी के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
तलाशी रामेश्वरपट्टी स्थित पुश्तैनी घर सहित करीबी साथियों के 5 से अधिक ठिकानों पर हुई।
जांच में कथित ₹1,000 करोड़ टीएएसएमएसी घोटाला और ₹397 करोड़ ट्रांसफॉर्मर खरीद भ्रष्टाचार शामिल।
सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार को अदालत के आदेश पर ट्रिप्लीकेन पुलिस स्टेशन में रोज़ाना हाज़िरी देनी है।
आरोपी पक्ष ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (डीवीएसी) ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) नेता वी. सेंथिल बालाजी से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। करूर जिले में सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई यह तलाशी कथित भ्रष्टाचार के कई लंबित मामलों की जांच के तहत की गई। 10 से अधिक डीवीएसी अधिकारी पुलिस बल के साथ घंटों तक तलाशी अभियान में जुटे रहे।

कहाँ-कहाँ हुई तलाशी

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान रामेश्वरपट्टी स्थित सेंथिल बालाजी के पुश्तैनी घर से शुरू हुआ। इसके अलावा उनके साथी सुब्रमणि के आवास, डीएमके पदाधिकारी भास्करन के घर और कोडाईनगर इलाके में कार्ति तथा रमेश के ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी ली गई। अधिकारियों ने दस्तावेज़ों की गहन जाँच की।

कौन-से मामले हैं जांच में

सेंथिल बालाजी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लंबित हैं। इनमें सरकारी नौकरियों के बदले नकद लेने का कथित घोटाला (कैश-फॉर-जॉब्स स्कैम), तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) में कथित ₹1,000 करोड़ की वित्तीय अनियमितताएँ और ट्रांसफॉर्मर खरीद में कथित ₹397 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। इन मामलों की जांच अलग-अलग एजेंसियाँ कर रही हैं।

अलग आपराधिक मामला भी जारी

उपरोक्त मामलों के अलावा सेंथिल बालाजी पर एक अलग आपराधिक मुकदमा भी चल रहा है, जो सत्ताधारी टीवीके सरकार को कथित तौर पर अस्थिर करने की साजिश से संबंधित है। इस मामले में अदालत ने उन्हें और उनके छोटे भाई अशोक कुमार को अग्रिम जमानत देते समय चेन्नई के ट्रिप्लीकेन पुलिस स्टेशन में रोज़ाना हाज़िरी की शर्त लगाई है।

जांच का फोकस

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की तलाशी में दस्तावेज़ी और डिजिटल साक्ष्य जुटाने पर विशेष ध्यान दिया गया, जो भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में सहायक हो सकते हैं। जांच एजेंसी कई स्रोतों से साक्ष्य एकत्र कर रही है। कथित तौर पर आरोपी पक्ष ने किसी भी अनियमितता से इनकार किया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके के भीतर और बाहर दोनों तरफ से दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि सेंथिल बालाजी पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का सामना कर चुके हैं और उन्हें जून 2023 में गिरफ्तार किया गया था। डीवीएसी की यह ताज़ा कार्रवाई उन लंबित मामलों की जांच को नई गति देने का संकेत है जो अब तक विभिन्न चरणों में थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

या टीवीके सरकार के खिलाफ कथित साजिश के मामले की पृष्ठभूमि में इसका समय महत्वपूर्ण है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल के एक वरिष्ठ नेता के ठिकानों पर इस स्तर की तलाशी का राजनीतिक संदेश भी उतना ही गहरा है जितना कानूनी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीवीएसी ने सेंथिल बालाजी के ठिकानों पर छापा क्यों मारा?
डीवीएसी ने सेंथिल बालाजी के खिलाफ लंबित कई भ्रष्टाचार मामलों की जांच के तहत यह तलाशी अभियान चलाया। इनमें कैश-फॉर-जॉब्स घोटाला, टीएएसएमएसी में कथित ₹1,000 करोड़ की अनियमितताएँ और ट्रांसफॉर्मर खरीद में कथित ₹397 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं।
छापेमारी कहाँ-कहाँ हुई?
तलाशी करूर जिले के रामेश्वरपट्टी में सेंथिल बालाजी के पुश्तैनी घर, उनके साथी सुब्रमणि के आवास, डीएमके पदाधिकारी भास्करन के घर और कोडाईनगर में कार्ति व रमेश के ठिकानों पर एक साथ हुई। 10 से अधिक डीवीएसी अधिकारियों ने पुलिस के साथ घंटों तक अभियान चलाया।
सेंथिल बालाजी पर क्या-क्या मामले हैं?
उन पर कैश-फॉर-गवर्नमेंट जॉब्स स्कैम, टीएएसएमएसी में कथित ₹1,000 करोड़ की गड़बड़ी, ट्रांसफॉर्मर खरीद में कथित ₹397 करोड़ के भ्रष्टाचार और टीवीके सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश से जुड़ा आपराधिक मामला चल रहा है। ये मामले अलग-अलग एजेंसियों के पास विचाराधीन हैं।
अदालत ने सेंथिल बालाजी पर क्या शर्तें लगाई हैं?
अदालत ने सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार को अग्रिम जमानत देते समय चेन्नई के ट्रिप्लीकेन पुलिस स्टेशन में रोज़ाना हाज़िरी देने की शर्त लगाई है। यह शर्त टीवीके सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश से जुड़े मामले में लागू है।
डीवीएसी की इस छापेमारी का अगला कदम क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी में जुटाए गए दस्तावेज़ी और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाएगा। इन साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लंबित मामलों में आगे की जांच प्रक्रिया तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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