तमिलनाडु सरकार गिराने की साजिश: सेंथिल बालाजी और भाई अशोक से लगातार दूसरे दिन पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में विजय सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश से जुड़े विधायक खरीद-फरोख्त मामले में पूर्व बिजली मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके छोटे भाई अशोक कुमार रविवार, 26 जुलाई को लगातार दूसरे दिन चेन्नई के त्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन पहुँचे, जहाँ विशेष जाँच दल ने उनसे घंटों पूछताछ की। यह जाँच उस कथित अभियान की तह तक पहुँचने के लिए की जा रही है, जिसमें सत्तारूढ़ दल के विधायकों को तोड़कर राज्य सरकार गिराने की कोशिश का आरोप है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला उथंगरई से टीवीके विधायक डॉ. इलैयाराजा की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने चेन्नई पुलिस आयुक्त अमल राज को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि 'मेघालय प्रोजेक्ट' के नाम पर एक बड़ी साजिश रची गई, जिसका उद्देश्य सत्तारूढ़ टीवीके सरकार को गिराने के लिए 15 विधायकों को अपने पक्ष में करना था। शिकायत के अनुसार, डॉ. इलैयाराजा को दल-बदल के बदले ₹35 करोड़ की रिश्वत देने की पेशकश की गई थी।
एसआईटी की जाँच और गिरफ्तारियाँ
शिकायत के बाद त्रिप्लिकेन पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू की। अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह कथित अभियान सत्तारूढ़ दल में फूट डालकर राज्य की राजनीतिक स्थिति बदलने की व्यापक योजना का हिस्सा था।
अदालती आदेश और पुलिस स्टेशन में उपस्थिति
चेन्नई की प्रधान सत्र अदालत ने सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार को सख्त शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने दोनों को प्रतिदिन सुबह और शाम त्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन में हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने और जाँच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है। इसी आदेश के पालन में दोनों शनिवार के बाद रविवार को भी स्टेशन पहुँचे।
पूछताछ का ब्यौरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, त्रिप्लिकेन के उपायुक्त जयचंद्रन के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने दोनों भाइयों से अलग-अलग पूछताछ की। टीम में अतिरिक्त उपायुक्त कुमार गुरुबरण और सहायक पुलिस आयुक्त अलगु भी शामिल थे। अधिकारियों ने दोनों के सामने जाँच में जब्त दस्तावेज रखे और कथित साजिश, वित्तीय लेन-देन तथा विधायकों को प्रभावित करने के प्रयासों से जुड़े 50 से अधिक सवाल पूछे।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूछताछ कथित विधायक खरीद-फरोख्त के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए की जा रही है। जाँच जारी रहने के साथ आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और खुलासे संभव हैं।