26 जुलाई 2026
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तमिलनाडु सरकार गिराने की साजिश: सेंथिल बालाजी और भाई अशोक से लगातार दूसरे दिन पूछताछ

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तमिलनाडु सरकार गिराने की साजिश: सेंथिल बालाजी और भाई अशोक से लगातार दूसरे दिन पूछताछ

सारांश

तमिलनाडु में विजय सरकार गिराने की कथित साजिश का मामला गहराता जा रहा है — पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी और भाई अशोक कुमार से दूसरे दिन भी 50 से अधिक सवाल पूछे गए। 14 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, और एसआईटी उस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है जिसने कथित तौर पर ₹35 करोड़ में 15 विधायक खरीदने की कोशिश की।

मुख्य बातें

पूर्व बिजली मंत्री वी.
सेंथिल बालाजी और भाई अशोक कुमार 26 जुलाई को लगातार दूसरे दिन त्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश हुए।
इलैयाराजा को दल-बदल के बदले ₹35 करोड़ की रिश्वत देने की पेशकश का आरोप है।
कथित 'मेघालय प्रोजेक्ट' के तहत 15 विधायकों को तोड़कर विजय सरकार गिराने की साजिश का आरोप है।
अब तक इस मामले में 14 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
एसआईटी ने दोनों भाइयों से अलग-अलग 50 से अधिक सवाल पूछे; जब्त दस्तावेज भी सामने रखे गए।
प्रधान सत्र अदालत ने अग्रिम जमानत देते हुए दोनों को प्रतिदिन दो बार पुलिस स्टेशन में हाजिरी का निर्देश दिया है।

तमिलनाडु में विजय सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश से जुड़े विधायक खरीद-फरोख्त मामले में पूर्व बिजली मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके छोटे भाई अशोक कुमार रविवार, 26 जुलाई को लगातार दूसरे दिन चेन्नई के त्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन पहुँचे, जहाँ विशेष जाँच दल ने उनसे घंटों पूछताछ की। यह जाँच उस कथित अभियान की तह तक पहुँचने के लिए की जा रही है, जिसमें सत्तारूढ़ दल के विधायकों को तोड़कर राज्य सरकार गिराने की कोशिश का आरोप है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला उथंगरई से टीवीके विधायक डॉ. इलैयाराजा की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने चेन्नई पुलिस आयुक्त अमल राज को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि 'मेघालय प्रोजेक्ट' के नाम पर एक बड़ी साजिश रची गई, जिसका उद्देश्य सत्तारूढ़ टीवीके सरकार को गिराने के लिए 15 विधायकों को अपने पक्ष में करना था। शिकायत के अनुसार, डॉ. इलैयाराजा को दल-बदल के बदले ₹35 करोड़ की रिश्वत देने की पेशकश की गई थी।

एसआईटी की जाँच और गिरफ्तारियाँ

शिकायत के बाद त्रिप्लिकेन पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू की। अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह कथित अभियान सत्तारूढ़ दल में फूट डालकर राज्य की राजनीतिक स्थिति बदलने की व्यापक योजना का हिस्सा था।

अदालती आदेश और पुलिस स्टेशन में उपस्थिति

चेन्नई की प्रधान सत्र अदालत ने सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार को सख्त शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने दोनों को प्रतिदिन सुबह और शाम त्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन में हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने और जाँच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है। इसी आदेश के पालन में दोनों शनिवार के बाद रविवार को भी स्टेशन पहुँचे।

पूछताछ का ब्यौरा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, त्रिप्लिकेन के उपायुक्त जयचंद्रन के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने दोनों भाइयों से अलग-अलग पूछताछ की। टीम में अतिरिक्त उपायुक्त कुमार गुरुबरण और सहायक पुलिस आयुक्त अलगु भी शामिल थे। अधिकारियों ने दोनों के सामने जाँच में जब्त दस्तावेज रखे और कथित साजिश, वित्तीय लेन-देन तथा विधायकों को प्रभावित करने के प्रयासों से जुड़े 50 से अधिक सवाल पूछे।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूछताछ कथित विधायक खरीद-फरोख्त के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए की जा रही है। जाँच जारी रहने के साथ आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और खुलासे संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित तंत्र था। असली सवाल यह है कि एसआईटी इस नेटवर्क की फंडिंग और निर्देश की कड़ी कहाँ तक खींच पाती है — और क्या आरोपी केवल मध्यस्थ हैं या मूल साजिशकर्ता।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु सरकार गिराने की कथित साजिश का मामला क्या है?
यह मामला टीवीके विधायक डॉ. इलैयाराजा की उस शिकायत पर आधारित है, जिसमें आरोप है कि 'मेघालय प्रोजेक्ट' के तहत विजय सरकार गिराने के लिए 15 विधायकों को ₹35 करोड़ प्रति विधायक की दर से खरीदने की कोशिश की गई। त्रिप्लिकेन पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू की और अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार का इस मामले से क्या संबंध है?
जाँच के दौरान पूर्व बिजली मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार के नाम आरोपियों में शामिल किए गए हैं। दोनों को प्रधान सत्र अदालत से अग्रिम जमानत मिली है, लेकिन शर्त यह है कि वे प्रतिदिन दो बार त्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन में हाजिरी दें।
एसआईटी पूछताछ में क्या पूछा जा रहा है?
एसआईटी ने दोनों भाइयों से अलग-अलग 50 से अधिक सवाल पूछे हैं। पूछताछ में कथित साजिश की रूपरेखा, वित्तीय लेन-देन और विधायकों को प्रभावित करने के प्रयासों पर केंद्रित सवाल शामिल हैं। जाँच में जब्त दस्तावेज भी उनके सामने रखे गए।
'मेघालय प्रोजेक्ट' क्या था?
शिकायत के अनुसार, 'मेघालय प्रोजेक्ट' एक कोडनेम था जिसके तहत तमिलनाडु की सत्तारूढ़ टीवीके सरकार को गिराने के लिए 15 विधायकों को तोड़ने की योजना बनाई गई थी। जाँच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित अभियान था जिसका उद्देश्य राज्य की राजनीतिक स्थिति बदलना था।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
एसआईटी कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार की पूछताछ जारी रहेगी, क्योंकि अदालत के आदेश के तहत दोनों को प्रतिदिन पुलिस स्टेशन में उपस्थित होना अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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