19 अगस्त 2026
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ट्रांसफॉर्मर खरीद घोटाला: डीवीएसी ने तमिलनाडु में 40+ जगहों पर एक साथ छापे मारे

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ट्रांसफॉर्मर खरीद घोटाला: डीवीएसी ने तमिलनाडु में 40+ जगहों पर एक साथ छापे मारे

सारांश

तमिलनाडु में ट्रांसफॉर्मर खरीद घोटाले की जाँच तेज — डीवीएसी ने 40 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। यह कार्रवाई आयकर विभाग के अभियान के ठीक एक दिन बाद हुई, जो बताती है कि कई एजेंसियाँ एक साथ इस मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।

मुख्य बातें

डीवीएसी ने 19 अगस्त 2026 को तमिलनाडु में 40 से अधिक स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
छापे ट्रांसफॉर्मर खरीद में कथित अनियमितताओं की जाँच के तहत हुए; चेन्नई और आसपास के जिलों में 27 स्थान शामिल।
तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू जिलों में भी तलाशी ली गई।
एक दिन पहले आयकर विभाग ने अलवरपेट स्थित कंप्यूटर टेक्नोलॉजी कंपनी के पाँच ठिकानों पर छापे मारे थे।
जब्त सामग्री का ब्यौरा प्रारंभिक जाँच पूरी होने के बाद जारी किया जाएगा।

तमिलनाडु में ट्रांसफॉर्मर खरीद में कथित अनियमितताओं की जाँच के तहत सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय (डीवीएसी) ने 19 अगस्त 2026 को राज्यभर में 40 से अधिक स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई चेन्नई की एक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन कंपनी से जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के ठीक एक दिन बाद की गई, जिससे मामले की गंभीरता और स्पष्ट हो गई है।

तलाशी अभियान का दायरा

डीवीएसी की टीमों ने रिहायशी परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उन फैक्टरियों को निशाना बनाया जिनका ट्रांसफॉर्मर खरीद मामले से संबंध होने का संदेह है। चेन्नई और उसके आसपास के जिलों में 27 स्थानों पर छापे मारे गए — इनमें पेरंगुडी में चार और अन्ना नगर में तीन ठिकाने शामिल रहे। इसके अलावा तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू जिलों में भी तलाशी ली गई।

आयकर विभाग की पूर्व कार्रवाई

एक दिन पहले आयकर विभाग ने चेन्नई के अलवरपेट स्थित टीटीके रोड पर संचालित एक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन कंपनी के विरुद्ध अभियान चलाया था। यह कार्रवाई विदेशी फर्मों और छोटी भारतीय कंपनियों के साथ कथित अनियमित वित्तीय लेन-देन की शिकायतों के आधार पर हुई। विभाग की टीमों ने एर्नावूर, अलवरपेट, विरुगंबक्कम और राजामंगलम सहित पाँच स्थानों पर एक साथ तलाशी ली, और पूरे ऑपरेशन के दौरान हथियारबंद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

जाँच का केंद्र-बिंदु

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की कार्रवाई टैक्स चोरी, आय छिपाने और बिना हिसाब-किताब के वित्तीय लेन-देन की शिकायतों के बाद शुरू की गई थी। जाँचकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि कंपनी ने अपनी आय का पूरा खुलासा किया था या नहीं, और कारोबारी भुगतानों का उचित रिकॉर्ड रखा गया था या नहीं। तलाशी के दौरान दस्तावेज़, कंप्यूटर रिकॉर्ड, अकाउंट बुक और अन्य वित्तीय अभिलेखों की गहन जाँच-पड़ताल की गई।

जब्ती का ब्यौरा बाद में

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तलाशी के दौरान जब्त नकदी, दस्तावेजों और अन्य सामग्री का विवरण प्रारंभिक जाँच पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु में सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट से मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित वित्तीय गड़बड़ी की ओर इशारा कर सकता है। सार्वजनिक खरीद में भ्रष्टाचार के ऐसे मामले तमिलनाडु में नए नहीं हैं, लेकिन बिजली वितरण से जुड़े ट्रांसफॉर्मर जैसे आधारभूत उपकरणों की खरीद में कथित गड़बड़ी सीधे आम उपभोक्ता को प्रभावित करती है। असली परीक्षा यह होगी कि जाँच एजेंसियाँ जब्त दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर कितनी जल्दी और पारदर्शिता से आरोप-पत्र दाखिल कर पाती हैं।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु ट्रांसफॉर्मर खरीद घोटाला क्या है?
यह तमिलनाडु में ट्रांसफॉर्मर की सरकारी खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है, जिसकी जाँच डीवीएसी कर रहा है। 19 अगस्त 2026 को 40 से अधिक स्थानों पर छापे मारे गए।
डीवीएसी ने किन-किन जगहों पर छापेमारी की?
डीवीएसी ने चेन्नई और आसपास के जिलों में 27 स्थानों पर छापे मारे, जिनमें पेरंगुडी और अन्ना नगर शामिल हैं। इसके अलावा तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू जिलों में भी तलाशी ली गई।
आयकर विभाग की कार्रवाई किस कंपनी पर हुई?
आयकर विभाग ने चेन्नई के अलवरपेट स्थित टीटीके रोड पर संचालित एक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन कंपनी के पाँच ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई विदेशी फर्मों के साथ कथित अनियमित वित्तीय लेन-देन की शिकायतों के आधार पर हुई।
छापेमारी में क्या जब्त किया गया?
अधिकारियों के अनुसार, जब्त नकदी, दस्तावेजों और अन्य सामग्री का विवरण प्रारंभिक जाँच पूरी होने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा। तलाशी के दौरान दस्तावेज़, कंप्यूटर रिकॉर्ड और वित्तीय अभिलेखों की जाँच की गई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
जाँच एजेंसियाँ जब्त दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की शुरुआती जाँच पूरी करने के बाद ब्यौरा जारी करेंगी। आने वाले दिनों में आरोप-पत्र और आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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