पीजीसी कॉर्पोरेशन बैंक धोखाधड़ी: ईडी ने चेन्नई-तिरुप्पुर छापे में ₹82 लाख नकद और लग्जरी कारें जब्त कीं
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय-द्वितीय ने मेसर्स पीजीसी कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में ₹82 लाख नकद, लग्जरी वाहन और बेनामी संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। यह कार्रवाई 18 सितंबर 2026 को चेन्नई और तिरुप्पुर के छह स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की गई।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी की टीमों ने 18 सितंबर को एकसाथ छह परिसरों पर छापे मारे। इस दौरान ₹82 लाख नकद राशि के अलावा लग्जरी वाहन और बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। जांचकर्ताओं ने डिजिटल उपकरण और वित्तीय अभिलेख भी जब्त किए, जिनकी आगे जांच की जाएगी।
ईडी ने, हालांकि, जब्त किए गए वाहनों की संख्या या उनके मूल्य, तलाशी लिए गए परिसरों के मालिकों की पहचान, और बैंक को हुए कथित नुकसान का अभी खुलासा नहीं किया है। एजेंसी ने उस मूल पुलिस या एजेंसी मामले का विवरण भी सार्वजनिक नहीं किया है, जिस पर यह धन शोधन जांच आधारित है।
जांच का दायरा और दिशा
ईडी अधिकारी जब्त इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और वित्तीय दस्तावेजों की छानबीन करके धन के प्रवाह का पता लगाने की कोशिश करेंगे। जांच का मुख्य उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि बैंक धोखाधड़ी के जरिए कथित तौर पर अर्जित धन को वाहनों, अचल संपत्ति या अन्य व्यक्तियों के नाम पर रखी गई संपत्तियों में लगाया गया था या नहीं।
पीएमएलए के प्रावधानों के तहत, अपराध की आय के रूप में चिह्नित संपत्तियों को न्यायिक प्रक्रिया से पुष्टि के अधीन, अस्थायी रूप से कुर्क किया जा सकता है। गौरतलब है कि जब्त की गई संपत्तियाँ अपने आप में दोष साबित नहीं करतीं, और मामले में शामिल लोगों को अधिकारियों व न्यायालयों के समक्ष आरोपों तथा कुर्की कार्यवाही को चुनौती देने का पूरा कानूनी अधिकार है।
तमिलनाडु में ईडी की व्यापक कार्रवाई
यह कार्रवाई तमिलनाडु में ईडी की हालिया अभियानों की श्रृंखला में नवीनतम है। इससे पहले सितंबर 2026 की शुरुआत में एजेंसी ने चेन्नई, नागपट्टिनम और रामनाथपुरम में 18 संपत्तियों की तलाशी ली थी। वे तलाशियाँ मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े तीन आरोपियों की संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों से संबंधित थीं।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय जांच एजेंसियाँ दक्षिण भारत में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ अपने कदम तेज कर रही हैं। पीजीसी कॉर्पोरेशन मामले में अब तक किसी के औपचारिक गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
ईडी ने स्पष्ट किया है कि पीजीसी कॉर्पोरेशन मामले में आगे की जांच जारी है। जब्त डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद एजेंसी कुर्की या गिरफ्तारी जैसे अगले कदम उठा सकती है। मामले में पारदर्शिता और आरोपियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायिक निगरानी निर्णायक भूमिका निभाएगी।