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TASMAC घोटाले में 'पावर ब्रोकर' रतेश राज के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर, DVAC ने देश छोड़ने की आशंका जताई

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TASMAC घोटाले में 'पावर ब्रोकर' रतेश राज के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर, DVAC ने देश छोड़ने की आशंका जताई

सारांश

TASMAC भ्रष्टाचार मामले में DVAC ने 'पावर ब्रोकर' रतेश राज शनमुगावेल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया — एक आईपीएस अधिकारी का भाई जिस पर शराब ब्रांड मंजूरी से लेकर ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट तक में हेरफेर का आरोप है। 40 से अधिक स्थानों पर छापे, दो गिरफ्तारियाँ और सात आरोपी — मामला तमिलनाडु की शराब नीति पर बड़े सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

DVAC ने TASMAC अनियमितता मामले में रतेश राज शनमुगावेल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया; देश छोड़ने की आशंका।
रतेश राज तमिलनाडु कैडर के एक आईपीएस अधिकारी के भाई हैं और उन्हें FIR में 'अनधिकृत पावर ब्रोकर' बताया गया है।
मामला 2021 से 2025 के बीच की कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है, जब पूर्व मंत्री वी.
सेंथिल बालाजी के पास एक्साइज विभाग था।
अब तक दो गिरफ्तारियाँ , जिनमें करूर-आधारित समूह के कथित प्रमुख मुलानूर कार्तिक शामिल; 40 से अधिक स्थानों पर छापे।
सेंथिल बालाजी को अग्रिम जमानत मिली; सभी आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया।

डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) ने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) में कथित बड़े पैमाने की अनियमितताओं के मामले में रतेश राज शनमुगावेल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़ सकता है। इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

रतेश राज, तमिलनाडु कैडर के एक आईपीएस अधिकारी के भाई हैं। DVAC के एफआईआर में उन्हें एक 'अनधिकृत पावर ब्रोकर' के रूप में वर्णित किया गया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने TASMAC में शराब ब्रांड की मंजूरी, बार लाइसेंस आवंटन और अधिकारियों के तबादले जैसे अहम फैसलों में तत्कालीन TASMAC मैनेजिंग डायरेक्टर पर कथित तौर पर अनुचित प्रभाव डाला।

DVAC ने यह मामला जुलाई 2025 में दर्ज किया, जिसमें 2021 से 2025 के बीच की कथित गड़बड़ियों को शामिल किया गया है — वह दौर जब पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के पास प्रोहिबिशन और एक्साइज विभाग का प्रभार था।

आरोपों का दायरा

जांच एजेंसी के अनुसार, बार लाइसेंस टेंडर, ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट, शराब ब्रांड की मंजूरी और डिस्टिलरी, ब्रुअरी तथा बॉटलिंग कंपनियों से जुड़े लेन-देन में व्यापक हेरफेर किए गए। DVAC का आरोप है कि बार ऑपरेटरों, बिचौलियों और प्रॉक्सी बोलीदाताओं के एक संगठित नेटवर्क ने टेंडर प्रक्रियाओं को नियंत्रित किया।

कथित तौर पर बोलियों को प्रभावित करने के लिए डिमांड ड्राफ्ट का दुरुपयोग किया गया, जबकि TASMAC डिपो के ट्रांसपोर्टेशन कॉन्ट्रैक्ट कथित रूप से पसंदीदा कंपनियों को सौंपे गए। एजेंसी का यह भी आरोप है कि सप्लायर और डिस्टिलरी के माध्यम से बढ़ा-चढ़ाकर या फर्जी लेन-देन किए गए और इससे अर्जित राशि का एक हिस्सा अवैध किकबैक के रूप में वितरित किया गया।

अब तक की गिरफ्तारियाँ

इस मामले में अब तक कम से कम दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुलानूर कार्तिक भी शामिल है, जिस पर करूर-आधारित एक समूह का नेतृत्व करने का संदेह है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह समूह कथित तौर पर 'पार्टी फंड' के नाम पर बार मालिकों से धन संग्रह करता था।

मामला दर्ज होने के तुरंत बाद DVAC की टीमों ने तमिलनाडु भर में 40 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली और जांच से संबंधित दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त करने का दावा किया है।

आरोपियों का पक्ष

पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को इस मामले में अग्रिम जमानत मिल चुकी है। सेंथिल बालाजी सहित अन्य आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार किया है। रतेश राज की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

DVAC रतेश राज की कथित भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उनके संबंधों की गहन जांच कर रही है। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद अब सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर उनकी निगरानी की जाएगी। यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में शराब नीति और सरकारी खरीद की पारदर्शिता पर नए सिरे से बहस छेड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए जांच की निष्पक्षता पर स्वतंत्र निगरानी ज़रूरी है। 'पार्टी फंड' के नाम पर बार मालिकों से वसूली का आरोप, यदि सिद्ध हो, तो यह महज प्रशासनिक भ्रष्टाचार नहीं बल्कि राजनीतिक वित्तपोषण का मामला बन जाता है — जिसकी जांच का दायरा बहुत व्यापक होना चाहिए।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TASMAC मामले में रतेश राज शनमुगावेल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर क्यों जारी किया गया?
DVAC को आशंका है कि रतेश राज गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़ सकते हैं, इसलिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। उन पर TASMAC में बार लाइसेंस, शराब ब्रांड मंजूरी और ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट जैसे फैसलों पर अनुचित प्रभाव डालने का आरोप है।
TASMAC भ्रष्टाचार मामले में किन-किन गड़बड़ियों का आरोप है?
DVAC के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच बार लाइसेंस टेंडर, ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट, शराब ब्रांड मंजूरी और डिस्टिलरी लेन-देन में हेरफेर किया गया। डिमांड ड्राफ्ट का दुरुपयोग, फर्जी लेन-देन और किकबैक वितरण के भी आरोप हैं।
पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी का इस मामले में क्या रोल बताया गया है?
यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब सेंथिल बालाजी के पास प्रोहिबिशन और एक्साइज विभाग था। उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है, हालांकि उन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है और उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक कम से कम दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुलानूर कार्तिक शामिल हैं। कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है और DVAC ने तमिलनाडु में 40 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है।
रतेश राज शनमुगावेल कौन हैं और TASMAC से उनका क्या संबंध बताया गया है?
रतेश राज तमिलनाडु कैडर के एक आईपीएस अधिकारी के भाई हैं। DVAC की FIR में उन्हें 'अनधिकृत पावर ब्रोकर' बताया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर TASMAC के प्रशासनिक और व्यावसायिक फैसलों पर अनुचित प्रभाव डाला।
राष्ट्र प्रेस
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