TASMAC घोटाले में 'पावर ब्रोकर' रतेश राज के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर, DVAC ने देश छोड़ने की आशंका जताई
सारांश
मुख्य बातें
डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) ने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) में कथित बड़े पैमाने की अनियमितताओं के मामले में रतेश राज शनमुगावेल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़ सकता है। इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
रतेश राज, तमिलनाडु कैडर के एक आईपीएस अधिकारी के भाई हैं। DVAC के एफआईआर में उन्हें एक 'अनधिकृत पावर ब्रोकर' के रूप में वर्णित किया गया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने TASMAC में शराब ब्रांड की मंजूरी, बार लाइसेंस आवंटन और अधिकारियों के तबादले जैसे अहम फैसलों में तत्कालीन TASMAC मैनेजिंग डायरेक्टर पर कथित तौर पर अनुचित प्रभाव डाला।
DVAC ने यह मामला जुलाई 2025 में दर्ज किया, जिसमें 2021 से 2025 के बीच की कथित गड़बड़ियों को शामिल किया गया है — वह दौर जब पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के पास प्रोहिबिशन और एक्साइज विभाग का प्रभार था।
आरोपों का दायरा
जांच एजेंसी के अनुसार, बार लाइसेंस टेंडर, ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट, शराब ब्रांड की मंजूरी और डिस्टिलरी, ब्रुअरी तथा बॉटलिंग कंपनियों से जुड़े लेन-देन में व्यापक हेरफेर किए गए। DVAC का आरोप है कि बार ऑपरेटरों, बिचौलियों और प्रॉक्सी बोलीदाताओं के एक संगठित नेटवर्क ने टेंडर प्रक्रियाओं को नियंत्रित किया।
कथित तौर पर बोलियों को प्रभावित करने के लिए डिमांड ड्राफ्ट का दुरुपयोग किया गया, जबकि TASMAC डिपो के ट्रांसपोर्टेशन कॉन्ट्रैक्ट कथित रूप से पसंदीदा कंपनियों को सौंपे गए। एजेंसी का यह भी आरोप है कि सप्लायर और डिस्टिलरी के माध्यम से बढ़ा-चढ़ाकर या फर्जी लेन-देन किए गए और इससे अर्जित राशि का एक हिस्सा अवैध किकबैक के रूप में वितरित किया गया।
अब तक की गिरफ्तारियाँ
इस मामले में अब तक कम से कम दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुलानूर कार्तिक भी शामिल है, जिस पर करूर-आधारित एक समूह का नेतृत्व करने का संदेह है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह समूह कथित तौर पर 'पार्टी फंड' के नाम पर बार मालिकों से धन संग्रह करता था।
मामला दर्ज होने के तुरंत बाद DVAC की टीमों ने तमिलनाडु भर में 40 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली और जांच से संबंधित दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त करने का दावा किया है।
आरोपियों का पक्ष
पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को इस मामले में अग्रिम जमानत मिल चुकी है। सेंथिल बालाजी सहित अन्य आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार किया है। रतेश राज की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
DVAC रतेश राज की कथित भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उनके संबंधों की गहन जांच कर रही है। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद अब सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर उनकी निगरानी की जाएगी। यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में शराब नीति और सरकारी खरीद की पारदर्शिता पर नए सिरे से बहस छेड़ सकता है।