तमिलनाडु: टैसमैक ने मांग-आधारित शराब आपूर्ति प्रणाली लागू की, ग्राहकों को मिलेगा पसंदीदा ब्रांड
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (टैसमैक) ने 22 सितंबर 2026 से राज्य भर की अपनी लगभग 4,000 दुकानों पर मांग-आधारित स्टॉक आपूर्ति प्रणाली लागू कर दी है, जिसके तहत हर आउटलेट को शराब का स्टॉक स्थानीय बिक्री के पैटर्न और दर्ज मांग के अनुसार भेजा जाएगा। यह बदलाव उस 'समान वितरण' नीति को समाप्त करता है जो टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद 20 जुलाई 2026 को लागू की गई थी।
नई प्रणाली में क्या बदला
नई व्यवस्था के तहत जिला प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक आउटलेट की आवश्यकताओं का मूल्यांकन करने के बाद ही स्टॉक की मांग भेजें। आपूर्ति के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों को बोतलें रवाना करने से पूर्व उत्पाद की बिक्री का प्रदर्शन, ग्राहकों की प्राथमिकता और प्रत्येक दुकान पर दर्ज मांग की मात्रा — इन तीनों पहलुओं पर विचार करना अनिवार्य होगा।
टैसमैक के प्रबंध निदेशक ने वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधकों, जिला प्रबंधकों और गोदाम प्रबंधकों को इस संशोधित आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। संशोधित व्यवस्था की निगरानी बिक्री और इन्वेंट्री रिकॉर्ड के ज़रिए की जाएगी।
पुरानी नीति क्यों विफल रही
गौरतलब है कि टीवीके सरकार ने सत्ता में आने के बाद सभी अनुमोदित निर्माताओं से बराबर मात्रा में शराब खरीदने और उसे राज्य की सभी टैसमैक दुकानों पर एकसमान बाँटने की नीति लागू की थी। उस समय, टैसमैक ब्रांडी, व्हिस्की और अन्य स्पिरिट के लिए 11 कंपनियों से तथा बीयर के लिए 7 निर्माताओं से खरीद करता था।
रिपोर्टों के अनुसार, इस 'समान वितरण' नीति से व्यावहारिक दिक्कतें सामने आईं क्योंकि पूरे राज्य में स्थानीय मांग एकसमान नहीं थी। ग्राहकों ने शिकायत की कि उनके पसंदीदा ब्रांड प्रायः उपलब्ध नहीं रहते थे, जबकि कम माँग वाली बोतलें दुकानों की शेल्फ और गोदामों में बिना बिके पड़ी रहती थीं। इस असंतुलन के मद्देनज़र टैसमैक प्रशासन ने अपनी खरीद और वितरण प्रक्रिया की समीक्षा की।
ग्राहकों और स्टॉक प्रबंधन पर प्रभाव
अधिकारियों को उम्मीद है कि मांग-आधारित आपूर्ति प्रणाली से दुकानों और गोदामों में कम बिकने वाली और बिना बिकी शराब के जमा होने की समस्या काफी हद तक कम होगी। लोकप्रिय किस्मों और ब्रांडों का स्टॉक स्थानीय माँग के अनुरूप दोबारा भरा जाएगा, जिससे ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ने की संभावना है।
यह बदलाव तमिलनाडु के खुदरा शराब वितरण नेटवर्क को अधिक उत्तरदायी और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। अनावश्यक इन्वेंट्री में कमी आने से राजस्व दक्षता में भी सुधार अपेक्षित है।
आगे क्या होगा
नई प्रणाली की नियमित समीक्षा बिक्री और इन्वेंट्री डेटा के आधार पर की जाएगी ताकि पूरे तमिलनाडु में आपूर्ति और मांग का संतुलन बना रहे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह व्यवस्था सभी निर्माताओं के लिए समान व्यापार अवसर सुनिश्चित करते हुए ग्राहकों की बेहतर सेवा करने में सफल होती है।