आंध्र प्रदेश MPTC-ZPTC चुनाव: मतपेटी 'डायवर्जन' विवाद में YSRCP एमएलसी लेल्ला अप्पी रेड्डी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश में मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (MPTC) और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (ZPTC) चुनावों के मतदान के बाद उठे मतपेटी-विवाद ने गंभीर राजनीतिक रंग ले लिया, जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के एमएलसी लेल्ला अप्पी रेड्डी को शुक्रवार, 7 नवंबर 2026 की तड़के गुंटूर में गिरफ्तार कर लिया गया। पार्टी का आरोप है कि एक चुनाव अधिकारी ने मतपेटी को स्ट्रॉन्ग रूम ले जाने की बजाय कथित तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेताओं की ओर मोड़ने की कोशिश की, जिसके विरोध में उनके नेताओं ने धरना दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
गुरुवार, 6 नवंबर को वेंगालयपालेम में मतदान समाप्त होने के बाद, YSRCP नेताओं के अनुसार एक चुनाव अधिकारी मतपेटी को स्ट्रॉन्ग रूम ले जाते समय रास्ते से भटककर नल्लापाडु सेंटर पर रुक गया और मतपेटी एक तरफ रख दी। पार्टी का दावा है कि उसी दौरान YSRCP के एक उम्मीदवार ने उस अधिकारी को उस समय रंगे हाथों पकड़ा, जब मतपेटी को TDP नेताओं की ओर ले जाया जा रहा था।
इस आरोप के बाद YSRCP नेताओं ने नल्लापाडु में करीब दो घंटे तक धरना दिया। एमएलसी लेल्ला अप्पी रेड्डी भी वहाँ पहुँचे और विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।
गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और इसके बाद अप्पी रेड्डी सहित अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव कर्मचारियों के कार्य में बाधा डाली और मतपेटी को अपने कब्जे में ले लिया। उन्हें नल्लापाडु पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
चुनाव अधिकारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मतपेटी को केवल दूसरी गाड़ी में स्थानांतरित किया जा रहा था, लेकिन YSRCP नेताओं ने उसे छीन लिया। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों के बीच मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है।
अनंतपुर में मतपेटी क्षतिग्रस्त, 60 पर मामला
अनंतपुर जिले के कुदेरू स्थित एक मतदान केंद्र पर भी गंभीर घटना सामने आई। आरोप है कि कुछ व्यक्ति मतदान केंद्र में घुस गए, मतपेटी उठा ले गए और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। चुनाव अधिकारियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 60 लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। इसके अतिरिक्त, चुनाव कर्मचारियों को ड्यूटी से रोकने के आरोप में पाँच अन्य लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
राज्यभर में हिंसा की छिटपुट घटनाएँ
पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता के अनुसार, गुरुवार को हुए मतदान के दौरान राज्य के 15 जिलों से 37 घटनाएँ सामने आई हैं। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध तकनीक का इस्तेमाल कर दोषियों की पहचान की जाए और चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएँ।
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में MPTC-ZPTC चुनाव वर्षों की देरी के बाद हुए हैं और ये स्थानीय स्वशासन की दृष्टि से राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। TDP-नेतृत्व वाली सरकार और YSRCP के बीच पहले से चले आ रहे तनाव में इस विवाद ने और तीखापन ला दिया है।
आगे की राह
गिरफ्तार किए गए YSRCP नेताओं की पेशी संभावित रूप से शनिवार को स्थानीय अदालत में होने की उम्मीद है। पार्टी ने चुनाव आयोग से स्वतंत्र जाँच की माँग की है। DGP हरीश कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि मतगणना प्रक्रिया पर किसी भी आरोप की पड़ताल उच्च स्तर पर की जाएगी।