आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव में हिंसा: कडप्पा-तिरुपति में पेट्रोल बम, टीडीपी-वाईएसआरसीपी आमने-सामने
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश में 5 नवंबर 2026 को हुए जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) और मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) चुनावों के दौरान कई जिलों में हिंसा की घटनाएँ सामने आईं। वाईएसआर कडप्पा और तिरुपति जिलों से पेट्रोल बम हमलों और झड़पों की खबरें आईं, जिससे मतदान प्रक्रिया के बीच तनाव का माहौल बन गया। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।
एर्रामपल्ली में पेट्रोल बम हमला
वाईएसआर कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला निर्वाचन क्षेत्र के एर्रामपल्ली गाँव में एक मतदान केंद्र के निकट कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने पेट्रोल बम फेंके, जिससे मतदाताओं और स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। गौरतलब है कि एर्रामपल्ली को वाईएसआरसीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का गढ़ माना जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पुलिस ने बढ़ते तनाव के बीच वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के एक समूह को मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश करने से रोका। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए।
तिरुपति और अन्य जिलों में झड़पें
तिरुपति जिले के पेनागलुरु मंडल के नल्लापुरेड्डीपल्ले गाँव में भी इसी प्रकार की घटना दर्ज की गई। वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि टीडीपी के नेतृत्व वाले एनडीए समर्थकों ने उनके मतदान एजेंटों पर पेट्रोल बम से हमला किया।
वाईएसआर कडप्पा जिले के नंदुलुरु में भी तनाव की खबर सामने आई, जहाँ पुलिस ने बाहरी लोगों को क्षेत्र में ला रहे वाहनों को रोका। पार्वतीपुरम मन्यम जिले के चिलाकलापल्ली में टीडीपी और वाईएसआरसीपी समर्थकों के बीच झड़प हुई, जबकि विजयनगरम जिले में एक मतदान केंद्र के पास वाईएसआरसीपी और जन सेना पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई की खबर है। दोनों मामलों में पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल की।
मतदान की स्थिति और पैमाना
राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने बताया कि गुरुवार सुबह 11 बजे तक 21.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्यभर में 31,460 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो शाम 5 बजे तक चला।
इन चुनावों में लगभग 2.61 करोड़ मतदाता भाग लेने के पात्र हैं। राज्य भर में 582 जेडपीटीसी और 7,767 एमपीटीसी सीटों के लिए मतदान हुआ, जो जमीनी स्तर पर सत्ता के इस चुनाव को आंध्र प्रदेश की स्थानीय राजनीति में बड़ा दाँव बनाता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह हिंसा ऐसे समय में सामने आई है जब टीडीपी और वाईएसआरसीपी के बीच राज्य में जमीनी पकड़ को लेकर तीखी प्रतिस्पर्धा चल रही है। पिछले राज्य विधानसभा चुनावों में टीडीपी के सत्ता में वापसी के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय निकाय चुनाव है, और दोनों पार्टियाँ पंचायत से जिला स्तर तक अपना वर्चस्व सिद्ध करने की कोशिश में हैं। आलोचकों का कहना है कि चुनावी हिंसा की यह प्रवृत्ति आंध्र प्रदेश की स्थानीय निकाय राजनीति में पहले भी देखी गई है।
चुनाव परिणाम आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी कि क्या ज़मीनी स्तर पर सत्ता का समीकरण बदला है।