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वाईएसआरसीपी का आरोप: आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार स्थानीय निकाय चुनावों में करा रही धांधली

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वाईएसआरसीपी का आरोप: आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार स्थानीय निकाय चुनावों में करा रही धांधली

सारांश

आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच वाईएसआरसीपी और TDP नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है। पूर्व मंत्री गोवर्धन रेड्डी ने नामांकन बाधित करने से लेकर उम्मीदवारों की गिरफ्तारी तक के आरोप लगाए हैं — और कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बाद भी हालात नहीं बदले।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश की TDP नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया।
पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने नेल्लोर में कहा कि उम्मीदवारों को नामांकन से रोका जा रहा है, नामांकन पत्र फाड़े जा रहे हैं और रिटर्निंग ऑफिसर बहाने बनाकर नामांकन खारिज कर रहे हैं।
पार्टी के अनुसार, उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया जा रहा है और सक्रिय नेताओं को जेल में रखा गया है।
सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बावजूद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया — यह वाईएसआरसीपी का आरोप है।
विपक्षी पार्टी ने कहा कि वह चुनाव से पीछे नहीं हटेगी और सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी।

युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 25 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों में सरकारी तंत्र के ज़रिए बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ की जा रही हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लग रहा है। विपक्षी दल ने स्पष्ट किया है कि वह न केवल जनता की अदालत में यह लड़ाई लड़ेगा, बल्कि सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेगा।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

वाईएसआरसीपी के पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने नेल्लोर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू विपक्ष की बढ़ती ताकत से घबराए हुए हैं। उनके अनुसार, जब पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी सत्ता में थे, तब TDP ने स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार उतारने की हिम्मत तक नहीं जुटाई थी, क्योंकि जगन मोहन रेड्डी की कल्याणकारी योजनाओं की वजह से जनता उनसे संतुष्ट थी।

गोवर्धन रेड्डी ने आरोप लगाया कि इस बार वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से नायडू की सरकार बौखला गई है और उसने सरकारी मशीनरी को चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने के निर्देश दिए हैं।

नामांकन से गिरफ्तारी तक: आरोपों की पूरी श्रृंखला

पूर्व मंत्री ने कथित तौर पर बताई गई गड़बड़ियों की एक विस्तृत श्रृंखला गिनाई। उनके अनुसार, वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को पहले नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका जाता है। यदि वे यह बाधा पार कर लेते हैं, तो गुंडे उनके नामांकन पत्र छीन लेते हैं या फाड़ देते हैं। इसके बाद भी यदि कोई उम्मीदवार आगे बढ़ता है, तो रिटर्निंग ऑफिसर किसी मामूली बहाने से उनका नामांकन खारिज कर देता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के बाद के चरणों में उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं और पार्टी के कुछ सक्रिय नेताओं को जेल में रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद बदलाव नहीं

गोवर्धन रेड्डी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बावजूद अत्याचारों के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायडू ने न्यायालय के निर्देशों से कोई सबक नहीं सीखा और पुरानी रणनीतियों पर ही कायम हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया जारी है और विपक्ष लगातार न्यायिक हस्तक्षेप की माँग कर रहा है।

वाईएसआरसीपी की आगे की रणनीति

पार्टी नेता ने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी चुनावी मैदान नहीं छोड़ेगी और सभी विकल्पों पर विचार करते हुए आगे बढ़ेगी। यह रुख दर्शाता है कि पार्टी कानूनी-संवैधानिक मार्ग से लेकर जनांदोलन तक, हर मोर्चे पर लड़ाई जारी रखने के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह न्यायिक निर्देशों की जमीनी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर राजनीतिक बयानबाजी तक सिमट जाती है — असली सवाल यह है कि राज्य चुनाव आयोग इन विशिष्ट आरोपों पर क्या कार्रवाई कर रहा है। जब तक स्वतंत्र सत्यापन नहीं होता, दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की परंपरागत श्रेणी में ही रहेंगे।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया है कि TDP नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार स्थानीय निकाय चुनावों में उसके उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोक रही है, नामांकन पत्र फड़वा रही है और रिटर्निंग ऑफिसरों के ज़रिए मनमाने तरीके से नामांकन खारिज करा रही है। इसके अलावा उम्मीदवारों को गिरफ्तार करने और धमकाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
काकानी गोवर्धन रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर क्या कहा?
पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने नेल्लोर में कहा कि मुख्यमंत्री नायडू ने सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बावजूद कोई सबक नहीं सीखा और सरकारी तंत्र को चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नायडू विपक्ष की बढ़ती ताकत से घबराए हुए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय का इस मामले में क्या रोल है?
वाईएसआरसीपी नेताओं के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में हो रही गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई है और निर्देश दिए हैं। हालाँकि, पार्टी का दावा है कि न्यायालय के निर्देशों के बाद भी ज़मीन पर हालात नहीं बदले हैं।
वाईएसआरसीपी आगे क्या करेगी?
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह चुनावी मैदान नहीं छोड़ेगी और जनता की अदालत में लड़ाई लड़ने के साथ-साथ सभी कानूनी व संवैधानिक विकल्पों पर विचार करेगी। पार्टी नेता का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेंगे।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक विवाद क्यों है?
2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद से TDP नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार और वाईएसआरसीपी के बीच तनाव चल रहा है। स्थानीय निकाय चुनाव दोनों दलों के लिए जनाधार परखने की अहम परीक्षा हैं, जिस कारण दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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