वाईएसआरसीपी का आरोप: आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार स्थानीय निकाय चुनावों में करा रही धांधली
सारांश
मुख्य बातें
युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 25 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों में सरकारी तंत्र के ज़रिए बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ की जा रही हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लग रहा है। विपक्षी दल ने स्पष्ट किया है कि वह न केवल जनता की अदालत में यह लड़ाई लड़ेगा, बल्कि सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेगा।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
वाईएसआरसीपी के पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने नेल्लोर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू विपक्ष की बढ़ती ताकत से घबराए हुए हैं। उनके अनुसार, जब पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी सत्ता में थे, तब TDP ने स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार उतारने की हिम्मत तक नहीं जुटाई थी, क्योंकि जगन मोहन रेड्डी की कल्याणकारी योजनाओं की वजह से जनता उनसे संतुष्ट थी।
गोवर्धन रेड्डी ने आरोप लगाया कि इस बार वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से नायडू की सरकार बौखला गई है और उसने सरकारी मशीनरी को चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने के निर्देश दिए हैं।
नामांकन से गिरफ्तारी तक: आरोपों की पूरी श्रृंखला
पूर्व मंत्री ने कथित तौर पर बताई गई गड़बड़ियों की एक विस्तृत श्रृंखला गिनाई। उनके अनुसार, वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को पहले नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका जाता है। यदि वे यह बाधा पार कर लेते हैं, तो गुंडे उनके नामांकन पत्र छीन लेते हैं या फाड़ देते हैं। इसके बाद भी यदि कोई उम्मीदवार आगे बढ़ता है, तो रिटर्निंग ऑफिसर किसी मामूली बहाने से उनका नामांकन खारिज कर देता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के बाद के चरणों में उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं और पार्टी के कुछ सक्रिय नेताओं को जेल में रखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद बदलाव नहीं
गोवर्धन रेड्डी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बावजूद अत्याचारों के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायडू ने न्यायालय के निर्देशों से कोई सबक नहीं सीखा और पुरानी रणनीतियों पर ही कायम हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया जारी है और विपक्ष लगातार न्यायिक हस्तक्षेप की माँग कर रहा है।
वाईएसआरसीपी की आगे की रणनीति
पार्टी नेता ने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी चुनावी मैदान नहीं छोड़ेगी और सभी विकल्पों पर विचार करते हुए आगे बढ़ेगी। यह रुख दर्शाता है कि पार्टी कानूनी-संवैधानिक मार्ग से लेकर जनांदोलन तक, हर मोर्चे पर लड़ाई जारी रखने के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।