चंद्रबाबू नायडू का वाईएसआरसीपी पर बड़ा आरोप: अदालतों से चुनाव रोकने की साजिश
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पर आरोप लगाया कि वह न्यायालयों का सहारा लेकर स्थानीय निकाय चुनावों और विकास कार्यों को जानबूझकर बाधित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी बेंगलुरु में रहकर तोड़फोड़ की योजनाएँ बना रहे हैं।
टेली कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं को दिए निर्देश
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख ने मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, उम्मीदवारों और बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ एक टेली कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थानीय निकाय चुनावों में टीडीपी, जन सेना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन के सभी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उम्मीदवार चयन से लेकर मतगणना तक हर चरण को पूरी गंभीरता से लेने का आह्वान किया।
वाईएसआरसीपी पर न्यायालय का दुरुपयोग करने का आरोप
नायडू ने आरोप लगाया कि जब सरकार ने वाईएसआरसीपी की तोड़फोड़ की कोशिशों पर सख्त कार्रवाई की, तो पार्टी ने चुनाव स्थगित कराने के लिए न्यायालय का रुख किया। उन्होंने कहा, 'जब भी उनकी तोड़फोड़ की कोशिशें नाकाम हो जाती हैं, तो वे चुनावों को रोकने के लिए अदालत पहुंच जाते हैं। लोकतंत्र में भरोसा न रखने वाले लोग इसी तरह सोचते हैं।' नायडू का इशारा कथित तौर पर शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद वाईएसआरसीपी की प्रतिक्रिया की ओर था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने मतदाता सूची पर आपत्ति जताते हुए अदालत में माँग की कि नई सूची तैयार होने तक चुनाव न कराए जाएँ। इसके अलावा, पिछड़ा वर्ग (बैकवर्ड क्लास) आरक्षण को बाधित करने के लिए उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में लगभग 60 याचिकाएँ दायर किए जाने का भी आरोप उन्होंने लगाया।
जगन मोहन रेड्डी पर सीधा हमला
नायडू ने वाईएसआरसीपी को 'कुल्हाड़ी पार्टी' करार दिया और कहा कि जहाँ NDA चुनावों के लिए मजबूत उम्मीदवारों के चयन में व्यस्त है, वहीं बेंगलुरु में बैठे 'कुल्हाड़ी पार्टी' के अध्यक्ष तोड़फोड़ की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'जगन दूसरे राज्यों से गुंडों को बुलाकर कुछ खास इलाकों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।' गौरतलब है कि यह आरोप सत्यापित नहीं हैं और ये नायडू के अपने बयान हैं।
नायडू ने यह भी कहा कि केवल जगन जैसे 'आपराधिक प्रवृत्ति वाले मुकदमेबाज' ही ऐसी रणनीति अपना सकते हैं, जिसमें खुद तबाही मचाई जाए और फिर तुरंत अदालत का दरवाजा खटखटाया जाए। उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों में उलझे लोगों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, क्योंकि वे विकास और जनकल्याण कार्यों में बाधक बनते हैं।
उम्मीदवार चयन और गठबंधन रणनीति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टीडीपी उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही है जिन्होंने पार्टी के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा, 'हम मजबूत उम्मीदवारों का चयन कर रहे हैं, जबकि कुल्हाड़ी पार्टी विनाशकारी लोगों को मैदान में उतार रही है।' चुनावी प्रक्रिया को जन सेना और BJP के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
आगे क्या होगा
आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव फिलहाल कानूनी विवादों के बीच हैं, और न्यायालय की आगामी सुनवाई का परिणाम चुनाव कार्यक्रम को प्रभावित कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब NDA गठबंधन प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने में लगा है और वाईएसआरसीपी पिछले विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद खुद को पुनर्संगठित करने की कोशिश कर रही है।