20 अक्टूबर 2026
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चंद्रबाबू नायडू का वाईएसआरसीपी पर बड़ा आरोप: जेनजी को राजनीतिक मोहरा बना रही पार्टी

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चंद्रबाबू नायडू का वाईएसआरसीपी पर बड़ा आरोप: जेनजी को राजनीतिक मोहरा बना रही पार्टी

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआरसीपी पर जेनजी को मोहरा बनाने, स्थानीय निकाय चुनावों में धांधली और विपक्षी उम्मीदवारों के दमन के गंभीर आरोप लगाए। MPТС की 24% और ZPTC की 19% सीटें कथित तौर पर सरकारी शक्ति के दुरुपयोग से निर्विरोध जीती गईं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 19 अक्टूबर 2026 को अमरावती में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वाईएसआरसीपी पर जेनजी को राजनीतिक मोहरा बनाने का आरोप लगाया।
वाईएसआरसीपी शासन के दौरान एमपीटीसी की 24% और जेडपीटीसी की 19% सीटें कथित तौर पर सरकारी शक्ति के दुरुपयोग से निर्विरोध जीती गईं।
तत्कालीन राज्य चुनाव आयुक्त को कथित अनियमितताओं की रिपोर्ट करने पर समर्थन की जगह आलोचना का सामना करना पड़ा और केंद्र सरकार से सुरक्षा माँगनी पड़ी।
नायडू ने जगन मोहन रेड्डी पर चुनाव आयोग के मामले में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
नायडू ने कहा कि सरकार वाईएसआरसीपी नेताओं की कथित ज्यादतियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को अमरावती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए जेनजी को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही है। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह बयान उस समय आया है जब राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।

मुख्य आरोप और दावे

नायडू ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी सत्ता हासिल करने के लिए कुछ भी करने और कोई भी अपराध करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी पहले अशांति फैलाती है और फिर उसका दोष उन पर मढ़ने की कोशिश करती है। नायडू ने वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर चुनाव आयोग से जुड़े मामले में दोहरा मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया का समर्थन किया था, लेकिन चुनावी हार के बाद अब तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

स्थानीय निकाय चुनावों में कथित धांधली

नायडू ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने सत्ता में रहते हुए स्थानीय निकाय चुनावों में धांधली कर बड़े पैमाने पर निर्विरोध जीत हासिल की। उनके अनुसार, पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान एमपीटीसी की 24 प्रतिशत और जेडपीटीसी की 19 प्रतिशत सीटें निर्विरोध जीती गईं, जो कथित तौर पर सरकारी शक्तियों के दुरुपयोग से हासिल हुईं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि तत्कालीन राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) को स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की रिपोर्ट करने के बाद समर्थन मिलने के बजाय आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्हें केंद्र सरकार से सुरक्षा माँगने के लिए पत्र लिखने को मजबूर होना पड़ा।

विपक्षी उम्मीदवारों के दमन के आरोप

नायडू ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने विपक्षी उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने के उद्देश्य से विशेष कानून पेश किए और विपक्षी उम्मीदवारों को फँसाने के लिए उनके घरों में शराब की बोतलें रखी गईं। उनके अनुसार, विपक्षी दलों को नामांकन दाखिल करने से भी रोका गया, और वाईएसआरसीपी के कार्यकाल में इतनी बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल होने का कोई उदाहरण नहीं था।

गौरतलब है कि नायडू ने वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या का भी उल्लेख किया और कहा कि उस समय भी उन पर दोष मढ़ने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें वाईएसआरसीपी द्वारा कथित तौर पर की गई हिंसा के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

नायडू की चेतावनी और सरकार का रुख

नायडू ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार वाईएसआरसीपी नेताओं की कथित ज्यादतियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, 'हिंसा का मेरे जीवन में कोई स्थान नहीं है, लेकिन मैं अपराधियों और गुंडों से भागूंगा नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि गुंडों और बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले प्रतिशोध का निशाना बन सकते हैं, परंतु वे धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। राज्य की राजनीति पर इस टकराव का असर आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआरसीपी पर क्या आरोप लगाए हैं?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 19 अक्टूबर 2026 को अमरावती में आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी अपने राजनीतिक मकसद के लिए जेनजी को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अशांति फैलाकर उसका दोष उन पर मढ़ने की कोशिश करती है।
वाईएसआरसीपी के शासनकाल में स्थानीय निकाय चुनावों में क्या हुआ था?
नायडू के अनुसार, वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान एमपीटीसी की 24 प्रतिशत और जेडपीटीसी की 19 प्रतिशत सीटें कथित सरकारी शक्ति के दुरुपयोग के ज़रिए निर्विरोध जीती गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया और उन्हें फँसाने के लिए उनके घरों में शराब की बोतलें रखी गईं।
राज्य चुनाव आयुक्त को किन परिस्थितियों में केंद्र से सुरक्षा माँगनी पड़ी?
नायडू के दावे के अनुसार, वाईएसआरसीपी शासन के दौरान तत्कालीन राज्य चुनाव आयुक्त ने स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की रिपोर्ट की। इस पर उन्हें समर्थन मिलने की बजाय आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्हें केंद्र सरकार से सुरक्षा माँगने के लिए पत्र लिखना पड़ा।
जगन मोहन रेड्डी पर चुनाव आयोग के मामले में दोहरे मापदंड का आरोप क्यों लगाया गया?
नायडू ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया का समर्थन किया था, लेकिन चुनावी हार के बाद पार्टी अब उसी प्रक्रिया पर तरह-तरह के आरोप लगा रही है।
नायडू सरकार वाईएसआरसीपी के खिलाफ क्या कदम उठाएगी?
नायडू ने घोषणा की कि सरकार वाईएसआरसीपी नेताओं की कथित ज्यादतियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, गठबंधन राजनीतिक मंच पर भी पार्टी का सामना करेगा और उसके कथित कृत्यों को उजागर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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