27 अक्टूबर 2026
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जगन रेड्डी की पुलिस अधिकारियों को चेतावनी: सेवानिवृत्ति के बाद भी होगी जवाबदेही

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जगन रेड्डी की पुलिस अधिकारियों को चेतावनी: सेवानिवृत्ति के बाद भी होगी जवाबदेही

सारांश

जगन मोहन रेड्डी ने पुलिवेंदुला से दो-टूक संदेश दिया — पार्टी कार्यकर्ताओं पर अन्याय करने वाले पुलिस अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं बचेंगे। स्थानीय निकाय चुनावों से पहले उनका यह हमला चंद्रबाबू नायडू पर सीधा राजनीतिक प्रहार है।

मुख्य बातें

वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने 27 अक्टूबर 2026 को पुलिवेंदुला में पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि अन्याय के लिए सेवानिवृत्ति के बाद भी जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने चंद्रबाबू नायडू की तुलना महाभारत के शकुनी से की और नामांकन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया।
सत्तारूढ़ गठबंधन ने 17 शहरी स्थानीय निकायों में जीत का दावा किया — टीडीपी को 15 , जन सेना और BJP को एक-एक अध्यक्ष पद।
गठबंधन के अनुसार 2,108 वार्डों में से 21% में सर्वसम्मति से जीत हुई।
जगन रेड्डी ने पुलिवेंदुला को राज्यव्यापी लोकतंत्र-रक्षा आंदोलन का केंद्र बनाने की घोषणा की।

पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने 27 अक्टूबर 2026 को पुलिवेंदुला, वाईएसआर कडप्पा जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पुलिस अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी कि वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कोई भी अन्याय करने वालों को सेवानिवृत्ति के बाद भी जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्टी कार्यकर्ता पर हमला उन पर व्यक्तिगत हमला माना जाएगा।

संवैधानिक दायित्व की याद दिलाई

जगन रेड्डी ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के लिए नहीं, बल्कि संविधान के तहत कार्यरत हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपनी वर्दी की टोपी पर अंकित तीन शेरों और अपनी संवैधानिक शपथ को याद रखने का आग्रह किया।

यह संबोधन आंध्र प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले हुआ, जब विपक्षी दल नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन पर आरोप लगा रहे हैं।

नामांकन धांधली का आरोप

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने दावा किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने नामांकन केंद्रों पर कब्जा करके विपक्षी उम्मीदवारों को पर्चा दाखिल करने से रोका। उन्होंने कहा कि पहले केवल 'बूथ धांधली' की बातें सुनी जाती थीं, लेकिन अब यह 'नामांकन धांधली' तक पहुँच गई है — जो लोकतंत्र के लिए अधिक खतरनाक है।

उन्होंने चंद्रबाबू नायडू की तुलना महाभारत के शकुनी से करते हुए कहा कि जब नामांकन प्रक्रिया ही अनुचित तरीकों से संपन्न हो रही हो, तो परिणामों की पवित्रता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की वैधता कैसे सुनिश्चित हो सकती है।

सत्तारूढ़ गठबंधन पर निशाना

जगन रेड्डी ने आरोप लगाया कि सरकार इसलिए अलोकतांत्रिक हथकंडे अपना रही है क्योंकि वह अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है और चुनावों से भयभीत है। उन्होंने कहा, 'विरोधियों को चुनाव लड़ने से रोककर जीत का दावा करना शर्मनाक है।'

उन्होंने बताया कि सत्तारूढ़ गठबंधन 17 शहरी स्थानीय निकायों में जीत का उत्सव मना रहा है, जिनमें टीडीपी को 15 अध्यक्ष पद, जन सेना को एक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक अध्यक्ष पद प्राप्त हुआ। गठबंधन ने यह भी दावा किया कि 2,108 वार्डों में से 21 प्रतिशत वार्डों में सर्वसम्मति से जीत हुई है।

पुलिवेंदुला से आंदोलन की शुरुआत

जगन रेड्डी ने घोषणा की कि पुलिवेंदुला लोकतंत्र की रक्षा के लिए राज्यव्यापी आंदोलन का आरंभिक बिंदु बनेगा। उन्होंने कहा कि वे मतदान से एक दिन पहले लौटेंगे और मतदान के दिन स्वयं अपना मत डालेंगे।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि वाईएसआरसीपी विपक्ष में जन्मी थी और जनता के समर्थन के बल पर हर मुश्किल से उबरी है। गौरतलब है कि जगन रेड्डी ने आश्वस्त किया कि तीन वर्ष बीत चुके हैं और केवल दो वर्ष शेष हैं, जिसके बाद 'वाईएस जगन 2.0' का आगमन होगा।

आगे की राह

स्थानीय निकाय चुनावों में विपक्ष की भागीदारी और निष्पक्षता को लेकर उठे सवाल अब आंध्र प्रदेश की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बनते जा रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या चुनाव आयोग विपक्ष की शिकायतों पर संज्ञान लेता है और आगामी मतदान निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उतनी ही महत्वपूर्ण है कि पुलिस अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक बदले की आशंका में काम करने पर मजबूर करने वाले बयान स्वयं संस्थागत स्वायत्तता के लिए खतरा बन सकते हैं। नामांकन धांधली के आरोप गंभीर हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि दोनों पक्षों के दबाव के बीच पुलिस और प्रशासन की संवैधानिक स्वतंत्रता कितनी सिकुड़ती जा रही है। आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में यह टकराव 2027 के विधानसभा चुनावों की पूर्वपीठिका भी है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी ने पुलिस अधिकारियों को क्या चेतावनी दी?
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अन्याय करने वाले पुलिस अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पार्टी कार्यकर्ता पर हमला उन पर व्यक्तिगत हमला माना जाएगा।
जगन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर क्या आरोप लगाए?
जगन रेड्डी ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने नामांकन केंद्रों पर कब्जा करके विपक्षी उम्मीदवारों को पर्चा दाखिल करने से रोका। उन्होंने नायडू की तुलना महाभारत के शकुनी से की और इसे 'नामांकन धांधली' करार दिया।
स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन का प्रदर्शन कैसा रहा?
सत्तारूढ़ गठबंधन ने 17 शहरी स्थानीय निकायों में जीत का दावा किया है, जिनमें टीडीपी को 15, जन सेना और BJP को एक-एक अध्यक्ष पद मिला। गठबंधन के अनुसार 2,108 वार्डों में से 21 प्रतिशत में सर्वसम्मति से जीत हुई।
पुलिवेंदुला रैली का राजनीतिक महत्व क्या है?
पुलिवेंदुला जगन मोहन रेड्डी का गृह निर्वाचन क्षेत्र है और उनके लिए राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। उन्होंने इसी स्थान को राज्यव्यापी लोकतंत्र-रक्षा आंदोलन का केंद्र घोषित किया है, जो आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति का संकेत देता है।
जगन रेड्डी ने 'वाईएस जगन 2.0' से क्या तात्पर्य बताया?
जगन रेड्डी ने कहा कि राज्य में वर्तमान सरकार के तीन वर्ष बीत चुके हैं और केवल दो वर्ष शेष हैं, जिसके बाद अगले विधानसभा चुनाव में वे पुनः सत्ता में आएंगे। यह बयान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से दिया।
राष्ट्र प्रेस
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