23 अक्टूबर 2026
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आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी ने एमिकस क्यूरी और केंद्रीय बलों की माँग की, TDP पर धांधली का आरोप

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आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी ने एमिकस क्यूरी और केंद्रीय बलों की माँग की, TDP पर धांधली का आरोप

सारांश

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने स्थानीय निकाय चुनावों में TDP पर व्यापक धांधली का आरोप लगाते हुए सर्वोच्च न्यायालय से एमिकस क्यूरी नियुक्ति, केंद्रीय बलों की तैनाती और वीडियो निगरानी की माँग की है। उन्होंने साक्ष्य-सहित एक पुस्तक भी जारी की जिसे अदालत में पेश करने की घोषणा की गई है।

मुख्य बातें

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 23 अक्टूबर 2026 को ताडेपल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर TDP सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों में धांधली का आरोप लगाया।
YSRCP उम्मीदवारों पर हमले, नामांकन पत्र छीनने और फर्जी हस्ताक्षर जैसी घटनाओं का आरोप; 19 नगरपालिकाओं में बाधा डालने की शिकायत दर्ज।
जगन ने सर्वोच्च न्यायालय से एमिकस क्यूरी की नियुक्ति, केंद्रीय बलों की तैनाती और सीसीटीवी/वीडियो निगरानी की माँग की।
सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को कडप्पा पार्टी कार्यालय से गिरफ्तार; पूर्व उपमुख्यमंत्री नारायण स्वामी पर चित्तूर में हमले का आरोप।
'पचामूकला दादुलु' नामक पुस्तक का विमोचन, जिसमें हमलों के सचित्र साक्ष्य हैं; अदालत में पेश करने की घोषणा।
राज्य चुनाव आयोग (SEC) पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी कर केवल 4 शहरी निकायों के चुनिंदा वार्डों में पुनः नामांकन की अनुमति देने का आरोप।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 23 अक्टूबर 2026 को ताडेपल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की एनडीए सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों के संचालन में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष निगरानी के लिए एमिकस क्यूरी की नियुक्ति, केंद्रीय बलों की तैनाती और सीसीटीवी कवरेज की माँग की। जगन के अनुसार, तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाला गठबंधन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को विफल करने के लिए व्यापक स्तर पर हिंसा और धोखाधड़ी का सहारा ले रहा है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि YSRCP उम्मीदवारों — जिनमें महिला प्रत्याशी भी शामिल थीं — पर हमले किए गए, उन्हें धमकाया गया, और उनके नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिए गए। उनका कहना था कि ये घटनाएँ ZPTC और MPTC नामांकन तथा शहरी स्थानीय निकाय चुनावों, दोनों में हुई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि TDP ने YSRCP की ओर से फर्जी नामांकन पत्र दाखिल किए, उम्मीदवारों के हस्ताक्षर जाली किए, और नाम वापसी की झूठी घोषणाएँ कीं।

साक्ष्य और कानूनी कदम

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'पचामूकला दादुलु' (पीली भीड़ द्वारा हमले) नामक एक पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें हमलों के सचित्र साक्ष्य संकलित हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तक का QR कोड लोकतंत्र की रक्षा करने वालों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और इसे न्यायालयों में भी प्रस्तुत किया जाएगा। जगन ने कहा, 'हम सभी घटनाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे रहे हैं और अदालतों का रुख भी करेंगे क्योंकि मौजूदा अराजकता से लोकतंत्र खतरे में है।'

राज्य चुनाव आयोग पर सवाल

जगन मोहन रेड्डी ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि आयोग सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करते हुए केवल चुनिंदा केंद्रों — तिरुपति, कडप्पा, राजमपेटा और मैदुकुर के कुछ वार्डों — को पुनः नामांकन की अनुमति दे रहा है, जबकि YSRCP ने 19 नगरपालिकाओं में बाधा डालने की शिकायत दर्ज की थी। उन्होंने SEC की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण करार दिया।

नेताओं पर हमलों का उल्लेख

पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को कडप्पा स्थित पार्टी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया और पूर्व उपमुख्यमंत्री नारायण स्वामी पर चित्तूर में हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहने के कारण परिणामों से भयभीत हैं और परदे के पीछे से इन सभी घटनाओं को नियंत्रित कर रहे हैं।

माँगें और आगे की राह

जगन मोहन रेड्डी ने सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह चुनाव की निगरानी के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त करे, केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दे, संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करे और सभी प्रत्याशियों को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने YSRCP कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में सभी दोषी अधिकारियों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि ये आरोप एकतरफा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए हैं — TDP या SEC का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय निकाय चुनाव हमेशा से तीखे संघर्ष का मैदान रहे हैं, और दोनों पक्षों पर अतीत में चुनावी हिंसा के आरोप लग चुके हैं। असली परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय में होगी — यदि न्यायालय एमिकस क्यूरी नियुक्त करता है तो यह राज्य चुनाव प्रशासन पर बड़ी टिप्पणी होगी। SEC की चयनात्मक सुनवाई के आरोप, यदि सिद्ध हुए, तो संवैधानिक निकायों की स्वायत्तता पर गहरे सवाल उठाएँगे।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी ने एमिकस क्यूरी की माँग क्यों की?
जगन मोहन रेड्डी का आरोप है कि आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान TDP सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है। उनका कहना है कि YSRCP उम्मीदवारों पर हमले, नामांकन पत्र छीनने और फर्जी नामांकन जैसी घटनाएँ हो रही हैं, इसलिए निष्पक्ष निगरानी के लिए एमिकस क्यूरी की नियुक्ति आवश्यक है।
आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनावों में क्या विवाद है?
YSRCP का आरोप है कि TDP समर्थकों ने 19 नगरपालिकाओं में पार्टी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका, उनके पत्र फाड़े और फर्जी नामांकन दाखिल किए। इसके अलावा पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का भी आरोप है।
'पचामूकला दादुलु' पुस्तक क्या है?
यह जगन मोहन रेड्डी द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को जारी की गई एक पुस्तक है, जिसमें YSRCP उम्मीदवारों और नेताओं पर हुए कथित हमलों के सचित्र साक्ष्य संकलित हैं। इसे अदालतों में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की घोषणा की गई है।
राज्य चुनाव आयोग (SEC) पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
जगन ने आरोप लगाया कि SEC ने YSRCP की 19 नगरपालिकाओं में बाधा की शिकायत पर सुनवाई के बजाय केवल तिरुपति, कडप्पा, राजमपेटा और मैदुकुर के चुनिंदा वार्डों में पुनः नामांकन की अनुमति दी। उनका कहना है कि आयोग सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है।
YSRCP नेताओं पर हुए हमलों का क्या विवरण है?
जगन मोहन रेड्डी के अनुसार, सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को कडप्पा स्थित पार्टी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया और पूर्व उपमुख्यमंत्री नारायण स्वामी पर चित्तूर में हमला किया गया। महिला उम्मीदवारों सहित कई प्रत्याशियों को धमकाए जाने का भी आरोप है।
राष्ट्र प्रेस
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