जगन मोहन रेड्डी की माँग: आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनावों में केंद्रीय बल तैनात करे SEC
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को राज्य के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की माँग की। उन्होंने ताडेपल्ली से राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन नामांकन प्रक्रिया को बाधित कर रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
जगन मोहन रेड्डी ने राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा से सीधे मुलाकात की और उन्हें चेताया कि यदि उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने की अनुमति नहीं दी गई, तो चुनाव आयोग की साख और विश्वसनीयता दांव पर लग जाएगी। उन्होंने माँग की कि नामांकन प्रक्रिया या तो ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से या अमरावती में एसईसी कार्यालय के किसी केंद्रीय स्थान पर संपन्न कराई जाए।
रेड्डी ने यह भी कहा कि संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए उम्मीदवारों को सुरक्षित नामांकन दाखिल करने की गारंटी देनी चाहिए।
सत्ताधारी गठबंधन पर आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के कथित निर्देश पर एसईसी से लेकर पुलिस तक की पूरी प्रशासनिक मशीनरी नामांकन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रही है। उनके अनुसार, सत्ताधारी दल 'हार के डर' से यह सब कर रहा है।
उन्होंने कहा, "नामांकन केंद्रों पर पहले से बड़ी संख्या में टीडीपी के कार्यकर्ता मौजूद हैं और पुलिस उनकी मौजूदगी को संरक्षण दे रही है। जब वाईएसआरसीपी उम्मीदवार अंदर जाने की कोशिश करते हैं, तो उनके नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिए जाते हैं।"
रेड्डी ने यह भी दावा किया कि वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के खिलाफ अपहरण, आगजनी और झूठे मुकदमे जैसी घटनाएं पुलिस की मौजूदगी में हो रही हैं। हालाँकि, इन आरोपों पर पुलिस या सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
केंद्रीय बलों की तैनाती की माँग
रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने एसईसी से अनुरोध किया है कि वह दिल्ली में संबंधित केंद्रीय अधिकारियों से संपर्क कर अर्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित करे। उनका तर्क था, "यदि नामांकन के चरण में ही उम्मीदवारों को इतनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो वास्तविक मतदान के दिन उम्मीदवारों और मतदाताओं की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है।"
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें केंद्रीय बलों की तैनाती की आवश्यकता के बारे में अवगत कराएँगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में 2024 के विधानसभा चुनावों में वाईएसआरसीपी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था और तब से टीडीपी नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार सत्ता में है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। रेड्डी ने कहा, "जो लोग गलत कर रहे हैं, उन्हें आने वाले दिनों में इसके परिणाम भुगतने होंगे।"
आगे क्या होगा
जगन मोहन रेड्डी के राज्यपाल से मुलाकात करने और केंद्रीय बलों की तैनाती की अपील को लेकर राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में और तेज़ी आने की उम्मीद है। राज्य चुनाव आयोग के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि क्या वह इन माँगों पर कोई ठोस कदम उठाता है।