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जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र राज्यपाल से की मुलाकात, ULB चुनावों में केंद्रीय बल व CCTV तैनाती की माँग

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जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र राज्यपाल से की मुलाकात, ULB चुनावों में केंद्रीय बल व CCTV तैनाती की माँग

सारांश

आंध्र प्रदेश में ULB चुनावों से पहले YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से मिलकर TDP गठबंधन पर नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया — 8 स्थानों पर शून्य नामांकन, 8 जगह पर्चे फाड़े गए। राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर सियासी तनाव चरम पर।

मुख्य बातें

YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने 18 अक्टूबर 2026 को विजयवाड़ा में राज्यपाल एस.
अब्दुल नजीर से मुलाकात की।
ULB चुनावों में केंद्रीय बलों की तैनाती और CCTV निगरानी सुनिश्चित करने की माँग की गई।
8 स्थानों पर एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ; 8 अन्य स्थानों पर नामांकन पत्र फाड़े गए; 19 स्थानों पर केवल 36% नामांकन पत्र जमा हो सके।
YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी , पी.
मिथुन रेड्डी और गुरुमूर्ति के साथ नामांकन केंद्रों पर दुर्व्यवहार का आरोप।
जगन ने कहा: लोकतंत्र की रक्षा के लिए कानूनी विकल्पों सहित सभी रास्ते अपनाए जाएंगे।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को विजयवाड़ा के लोक भवन में राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से मुलाकात कर राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खतरे में बताया। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों के दौरान पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय बलों की तैनाती और CCTV निगरानी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य आरोप और शिकायतें

जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल को बताया कि YSRCP उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से व्यवस्थित रूप से रोका जा रहा था। उनके अनुसार, आठ स्थानों पर एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हो सका, 19 स्थानों पर केवल 36 प्रतिशत नामांकन पत्र ही जमा हो पाए, और आठ अन्य स्थानों पर पार्टी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़ दिए गए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला में 36 वार्डों में से केवल 19 नामांकन ही दाखिल हो सके — जिसे उन्होंने स्थिति की गंभीरता का स्पष्ट संकेत बताया।

टीडीपी पर लगाए गंभीर आरोप

जगन ने कहा कि जहाँ YSRCP उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों से दूर रखा गया, वहीं तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के समर्थकों को केंद्रों के भीतर प्रवेश दिया गया, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर पार्टी उम्मीदवारों पर हमले किए। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान सत्तारूढ़ गठबंधन का पक्ष लिया।

राज्यपाल को यह भी बताया गया कि YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी, पी. मिथुन रेड्डी और गुरुमूर्ति के साथ नामांकन केंद्रों पर दुर्व्यवहार किया गया। साथ ही, पुलिस द्वारा उम्मीदवारों पर गोली चलाने और उनके विरुद्ध गंभीर मामले दर्ज किए जाने की जानकारी भी दी गई।

जगन का बयान: 'लोकतंत्र पर कलंक'

मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने कहा, 'अराजकता की हरकतें दिखाती हैं कि चंद्रबाबू नायडू में आत्मविश्वास की कमी है, इसीलिए वे अलोकतांत्रिक तरीकों का सहारा ले रहे हैं।' उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को यह अवसर न देना लोकतंत्र पर कलंक है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आने वाले दिनों में हालात बदलेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कानूनी विकल्पों सहित सभी रास्ते अपनाए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में ULB चुनावों से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि मई 2024 के विधानसभा चुनावों में YSRCP को TDP-BJP-जनसेना पार्टी गठबंधन के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री बने। तब से YSRCP ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर राजनीतिक प्रतिशोध और अलोकतांत्रिक कार्यशैली के आरोप लगाए हैं। यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने राज्यपाल का दरवाज़ा खटखटाया हो — पिछले कुछ महीनों में कई प्रतिनिधिमंडल लोक भवन पहुँचे हैं।

आगे क्या होगा

राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने YSRCP प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी, हालाँकि उनकी ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जगन ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपनी शिकायतें चुनाव आयोग और अदालतों तक भी ले जाएगी। आगामी ULB चुनावों की निगरानी और निष्पक्षता अब आंध्र प्रदेश की राजनीति का केंद्रीय मुद्दा बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर्चे फाड़े जाने की घटनाएँ — अगर सत्यापित होते हैं, तो ये महज राजनीतिक आरोपबाज़ी नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के लिए गंभीर प्रशासनिक विफलता होगी। TDP ने इन आरोपों का खंडन नहीं किया है — उनकी चुप्पी या प्रतिक्रिया ही असली कहानी तय करेगी। राज्यपाल की निष्क्रियता या सक्रियता, दोनों ही आंध्र की राजनीतिक दिशा पर गहरी छाप छोड़ेंगी।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र राज्यपाल से मुलाकात क्यों की?
YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने 18 अक्टूबर 2026 को राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से मिलकर ULB चुनावों में TDP गठबंधन द्वारा YSRCP उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के आरोप लगाए। उन्होंने राज्यपाल से केंद्रीय बलों की तैनाती और CCTV निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
नामांकन प्रक्रिया में क्या गड़बड़ियाँ बताई गई हैं?
जगन के अनुसार 8 स्थानों पर एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ, 8 अन्य स्थानों पर YSRCP उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़े गए, और 19 स्थानों पर केवल 36 प्रतिशत नामांकन ही जमा हो सके। पुलिवेंदुला में 36 वार्डों में से केवल 19 नामांकन दाखिल हो पाए।
YSRCP ने TDP पर क्या आरोप लगाए हैं?
YSRCP का आरोप है कि TDP समर्थकों को नामांकन केंद्रों के अंदर जाने दिया गया जहाँ उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों पर हमले किए, जबकि पुलिस ने सत्तारूढ़ गठबंधन का पक्ष लिया। पार्टी के तीन सांसदों — अविनाश रेड्डी, पी. मिथुन रेड्डी और गुरुमूर्ति — के साथ भी दुर्व्यवहार का आरोप है।
YSRCP आगे क्या कदम उठाने की योजना बना रही है?
जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कानूनी विकल्पों सहित सभी रास्ते अपनाए जाएंगे। पार्टी चुनाव आयोग और अदालतों तक भी अपनी शिकायतें ले जाने का इरादा रखती है।
आंध्र प्रदेश में ULB चुनावों की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
मई 2024 के विधानसभा चुनावों में TDP-BJP-जनसेना गठबंधन ने YSRCP को बड़े अंतर से हराया और एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री बने। तब से YSRCP राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन पर राजनीतिक प्रतिशोध और अलोकतांत्रिक कार्यशैली के आरोप लगाती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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