5 नवंबर 2026
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जगन मोहन रेड्डी का बड़ा आरोप: टीडीपी गठबंधन ने स्थानीय निकाय चुनावों में लोकतंत्र को किया ध्वस्त

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जगन मोहन रेड्डी का बड़ा आरोप: टीडीपी गठबंधन ने स्थानीय निकाय चुनावों में लोकतंत्र को किया ध्वस्त

सारांश

जगन मोहन रेड्डी ने ताडेपल्ली में प्रेस से मुखातिब होकर टीडीपी गठबंधन पर आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में हर चरण — नामांकन से मतगणना तक — में हेरफेर का आरोप लगाया। वाईएसआरसीपी प्रमुख ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी का दावा किया।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने 5 नवंबर 2026 को ताडेपल्ली में टीडीपी नीत गठबंधन पर स्थानीय निकाय चुनावों में व्यापक धाँधली का आरोप लगाया।
रेड्डी का दावा है कि नामांकन, मतदान और मतगणना — हर चरण में अनियमितता बरती गई और मतदान प्रतिशत के आँकड़ों में फेरबदल हुआ।
विपक्षी पोलिंग एजेंटों पर हमले और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर पेट्रोल बम हमले का आरोप भी लगाया गया।
रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर मेडिकल कॉलेजों और बंदरगाहों को निजी हाथों में सौंपने और चक्रवात पीड़ितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद सरकार के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया — यह भी रेड्डी का दावा।
टीडीपी या राज्य सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को ताडेपल्ली में मीडिया से बातचीत में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) नीत गठबंधन सरकार पर राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों में व्यापक हेरफेर का आरोप लगाया। रेड्डी ने कथित तौर पर कहा कि नामांकन से लेकर मतगणना तक हर चरण में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर किया गया।

मुख्य आरोप और दावे

जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय, जिला परिषद और मंडल परिषद — तीनों स्तरों के चुनावों में अनियमितता बरती। उनके अनुसार, विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए पुलिस और सत्तारूढ़ दल के समर्थकों का उपयोग किया गया।

रेड्डी ने कहा, 'नामांकन, जाँच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना — हर चरण में लोकतंत्र का मज़ाक बनाया गया। ऐसे चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं कहा जा सकता।' उन्होंने यह भी दावा किया कि मतगणना के दौरान मतदान प्रतिशत के आँकड़ों में फेरबदल किया गया, जो मतदान के बाद जारी आधिकारिक आँकड़ों से कहीं अधिक थे।

हिंसा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि विपक्षी पोलिंग एजेंटों पर हमले किए गए और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं व बूथ एजेंटों पर कथित तौर पर पेट्रोल बम से भी हमले हुए। उन्होंने हिंसा के वीडियो मीडिया के सामने प्रस्तुत किए। रेड्डी का यह भी दावा है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद गठबंधन सरकार के कामकाज में कोई सुधार नहीं आया।

उन्होंने कहा, 'ऐसे चुनाव लोकतंत्र के चेहरे पर एक दाग हैं। पुलिस ने टीडीपी कार्यकर्ताओं की तरह काम किया और मतदाताओं को मतदान से रोका गया।'

सरकार पर आर्थिक और विकास संबंधी आरोप

रेड्डी ने चुनावी आरोपों तक सीमित नहीं रहते हुए नायडू सरकार पर शासन विफलता का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने मेडिकल कॉलेजों और बंदरगाहों को निजी हाथों में सौंपकर 'आंध्र प्रदेश को बेचने का काम किया।' इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दो चक्रवातों से हुई तबाही के बाद भी आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया।

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने महिलाओं, किसानों और युवाओं से किए गए वादों को पूरा न करने पर नायडू को घेरते हुए सवाल किया कि जनता ऐसी सरकार को वोट क्यों दे।

'सेफ आंध्रा' बनाम 'सेव आंध्रा'

रेड्डी ने अपनी सरकार और मौजूदा सरकार के बीच तुलना करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में राज्य को 'सेफ आंध्रा' कहा जाता था, लेकिन अब लोग 'सेव आंध्रा' की बात करने पर मजबूर हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।

गौरतलब है कि टीडीपी नीत गठबंधन ने इन चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की है, जिसे रेड्डी ने 'नैतिक हार' करार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इन चुनावों में हुई अनियमितताएँ भविष्य में चुनाव सुधारों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री बन सकती हैं।

फिलहाल टीडीपी या राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगामी दिनों में इस राजनीतिक विवाद के और तीखे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह विवाद महज राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी ने टीडीपी पर क्या आरोप लगाए हैं?
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया है कि टीडीपी नीत गठबंधन सरकार ने आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन से लेकर मतगणना तक हर चरण में हेरफेर किया। उनके अनुसार विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन से रोका गया, पोलिंग एजेंटों पर हमले हुए और मतदान के आँकड़ों में फेरबदल किया गया।
वाईएसआरसीपी ने शहरी स्थानीय निकाय चुनाव परिणामों को कैसे देखा?
वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने टीडीपी गठबंधन की जीत को 'नैतिक हार' करार दिया। उनका कहना है कि जनता का वास्तविक समर्थन विपक्ष के साथ था, लेकिन जनादेश को कथित अनियमितताओं के ज़रिये प्रभावित किया गया।
क्या सर्वोच्च न्यायालय इन चुनावों में पहले से शामिल था?
जगन मोहन रेड्डी के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने इन चुनावों के संबंध में निर्देश दिए थे, लेकिन गठबंधन सरकार ने उन निर्देशों की अनदेखी की। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जगन ने चंद्रबाबू नायडू पर और कौन से आरोप लगाए?
चुनावी आरोपों के अलावा जगन मोहन रेड्डी ने नायडू पर मेडिकल कॉलेजों और बंदरगाहों को निजी हाथों में सौंपने, महिलाओं-किसानों-युवाओं से किए वादे न निभाने और दो चक्रवातों से हुई तबाही के बावजूद आम लोगों की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया।
टीडीपी या राज्य सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अभी तक टीडीपी या आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से जगन मोहन रेड्डी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगामी दिनों में इस विवाद पर सरकारी पक्ष का बयान अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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