30 अक्टूबर 2026
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आंध्र स्थानीय निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी ने YSRCP कार्यकर्ताओं को हर अनियमितता का वीडियो सबूत जुटाने का दिया निर्देश

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आंध्र स्थानीय निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी ने YSRCP कार्यकर्ताओं को हर अनियमितता का वीडियो सबूत जुटाने का दिया निर्देश

सारांश

आंध्र प्रदेश में 1 व 5 नवंबर के स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले जगन मोहन रेड्डी ने YSRCP कार्यकर्ताओं को युद्धस्तर पर तैयार किया — नामांकन धाँधली के कथित सबूत गिनाए, चंद्रबाबू सरकार पर 'माफिया-शैली' के आरोप लगाए और हर उल्लंघन को वीडियो में कैद कर SEC व अदालत तक ले जाने की रणनीति बनाई।

मुख्य बातें

YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने 29 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए पार्टी नेताओं को स्थानीय निकाय चुनावों में सतर्कता के निर्देश दिए।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव 1 नवंबर और 5 नवंबर 2026 को होने हैं।
जगन ने नामांकन चरण में कथित तौर पर नामांकन पत्र नष्ट करने, बी-फॉर्म गायब करने और ब्रिटिश नागरिकता प्रमाण-पत्र जारी करने के आरोप लगाए।
उन्होंने चंद्रबाबू नायडू सरकार पर पुलिस व रिटर्निंग अधिकारियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
राज्य चुनाव आयोग (SEC) द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी पर्याप्त CCTV निगरानी न सुनिश्चित करने पर चिंता जताई गई।
कार्यकर्ताओं को प्रत्येक उल्लंघन का वीडियो साक्ष्य दर्ज कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने और जिला अध्यक्षों को दिन में दो बार समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 29 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश में 1 नवंबर और 5 नवंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पार्टी नेताओं और मतदान एजेंटों को चुनावी कदाचार के विरुद्ध पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का निर्देश दिया। उन्होंने ताडेपल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए क्षेत्रीय समन्वयकों और जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि हर अनियमितता को वीडियो साक्ष्य के माध्यम से दर्ज किया जाए और शिकायतें तत्काल केंद्रीय नेतृत्व तक पहुँचाई जाएँ।

मुख्य निर्देश और आरोप

जगन मोहन रेड्डी ने नामांकन चरण के दौरान कथित अनियमितताओं की विस्तृत सूची गिनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन केंद्रों पर कब्ज़ा किया गया, उम्मीदवारों पर हमले हुए, नामांकन पत्र नष्ट किए गए, फ़र्ज़ी नाम वापसी दर्ज की गई, बी-फॉर्म गायब किए गए और रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा सहायक प्रमाण-पत्र हटाए जाने के बाद नामांकन रद्द किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को ब्रिटिश नागरिकता प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

उन्होंने चेतावनी दी कि नामांकन के दौरान देखी गई कथित धाँधली मतदान के दिन भी जारी रह सकती है। उनके अनुसार, मतदान एजेंटों को बाधा पहुँचाना, मतपेटियों में छेड़छाड़ और मतगणना केंद्रों पर अनियमितताएँ संभावित ख़तरे हैं।

चंद्रबाबू सरकार पर गंभीर आरोप

जगन मोहन रेड्डी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार 'माफिया की तरह' काम कर रही है और पुलिस तथा रिटर्निंग अधिकारियों का उपयोग लोकतांत्रिक अधिकारों को कमज़ोर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को बाधा पहुँचाकर सत्तारूढ़ दल निर्विरोध जीत हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

गौरतलब है कि राज्य चुनाव आयोग (SEC) पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद पर्याप्त सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित न कर पाने को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।

पार्टी कार्यकर्ताओं को कार्यप्रणाली के निर्देश

जगन मोहन रेड्डी ने मतदान एजेंटों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे चुनाव प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी रखें, संदिग्ध वोटों को निर्धारित प्रक्रिया से चुनौती दें, अपने प्रवेश प्राधिकरण को सुरक्षित रखें और मतदान केंद्र में प्रवेश से रोके जाने पर तुरंत सूचना दें। जिला अध्यक्षों को क्षेत्रीय समन्वयकों के साथ दिन में दो बार समीक्षा बैठक करने का भी निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि सभी शिकायतें केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएँ ताकि उन्हें SEC के समक्ष रखा जा सके और ज़रूरत पड़ने पर कानूनी सहायता ली जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी अनियमितता के प्रत्येक मामले की कानूनी कार्रवाई के ज़रिए जाँच होगी और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन शामिल हुए

इस बैठक में सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी, एमवीएस नागी रेड्डी, एमएलसी लेल्ला अप्पिरेड्डी, एम. मनोहर रेड्डी, चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी, विधान परिषद के उपाध्यक्ष थुमती माधव राव, क्षेत्रीय समन्वयक वाईवी सुब्बा रेड्डी, पेड्डीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी, पीवी मिधुन रेड्डी, कुरासला कन्नाबाबू, गुडीवाड़ा अमरनाथ, बुडी मुत्याला नायडू, अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी और विभिन्न जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राज्य चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक विपक्षी दल के उस संकट को उजागर करती है जो नामांकन स्तर पर ही हाशिये पर धकेला जा रहा है। आरोप गंभीर हैं — सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद CCTV की अनुपस्थिति और बी-फॉर्म का गायब होना अगर सत्य हैं, तो यह संस्थागत विफलता है, न केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता। मुख्यधारा की कवरेज इस मुद्दे को दो दलों की लड़ाई की तरह पेश करती है, जबकि असली सवाल यह है कि राज्य चुनाव आयोग इन आरोपों पर स्वतःसंज्ञान क्यों नहीं लेता। अगर न्यायालय-आदेशित निगरानी भी चुनाव प्रक्रिया में लागू नहीं हो पा रही, तो जवाबदेही का दायरा केवल सत्ताधारी दल तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी ने YSRCP कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिए?
जगन मोहन रेड्डी ने 29 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए पार्टी नेताओं और मतदान एजेंटों को निर्देश दिया कि वे 1 व 5 नवंबर के मतदान के दौरान हर अनियमितता को वीडियो साक्ष्य के रूप में दर्ज करें और शिकायतें SEC व न्यायालय तक पहुँचाएँ। उन्होंने जिला अध्यक्षों को दिन में दो बार समीक्षा बैठक करने का भी आदेश दिया।
आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव कब होंगे?
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव 1 नवंबर 2026 और 5 नवंबर 2026 को आयोजित होने हैं। YSRCP ने नामांकन चरण में ही कई अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू सरकार पर क्या आरोप लगाए?
जगन ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू की सरकार 'माफिया की तरह' काम कर रही है और पुलिस व रिटर्निंग अधिकारियों का उपयोग विपक्षी उम्मीदवारों को बाधा पहुँचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने नामांकन पत्र नष्ट करने, बी-फॉर्म गायब करने और फ़र्ज़ी नाम वापसी के भी आरोप लगाए।
राज्य चुनाव आयोग पर YSRCP की क्या आपत्ति है?
YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य चुनाव आयोग सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद पर्याप्त CCTV निगरानी सुनिश्चित करने में विफल रहा है। पार्टी ने सभी शिकायतें SEC के समक्ष रखने और ज़रूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने की रणनीति बनाई है।
YSRCP मतदान एजेंट अनियमितता की स्थिति में क्या करें?
जगन मोहन रेड्डी के निर्देशानुसार, मतदान एजेंटों को चुनाव प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए, संदिग्ध वोटों को निर्धारित प्रक्रिया से चुनौती देनी चाहिए और अपने प्रवेश प्राधिकरण को सुरक्षित रखना चाहिए। मतदान केंद्र में प्रवेश से रोके जाने पर तुरंत पार्टी के केंद्रीय कार्यालय को सूचित करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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