आंध्र स्थानीय निकाय चुनाव: जगन मोहन रेड्डी ने YSRCP कार्यकर्ताओं को हर अनियमितता का वीडियो सबूत जुटाने का दिया निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 29 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश में 1 नवंबर और 5 नवंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पार्टी नेताओं और मतदान एजेंटों को चुनावी कदाचार के विरुद्ध पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का निर्देश दिया। उन्होंने ताडेपल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए क्षेत्रीय समन्वयकों और जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि हर अनियमितता को वीडियो साक्ष्य के माध्यम से दर्ज किया जाए और शिकायतें तत्काल केंद्रीय नेतृत्व तक पहुँचाई जाएँ।
मुख्य निर्देश और आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने नामांकन चरण के दौरान कथित अनियमितताओं की विस्तृत सूची गिनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन केंद्रों पर कब्ज़ा किया गया, उम्मीदवारों पर हमले हुए, नामांकन पत्र नष्ट किए गए, फ़र्ज़ी नाम वापसी दर्ज की गई, बी-फॉर्म गायब किए गए और रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा सहायक प्रमाण-पत्र हटाए जाने के बाद नामांकन रद्द किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को ब्रिटिश नागरिकता प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
उन्होंने चेतावनी दी कि नामांकन के दौरान देखी गई कथित धाँधली मतदान के दिन भी जारी रह सकती है। उनके अनुसार, मतदान एजेंटों को बाधा पहुँचाना, मतपेटियों में छेड़छाड़ और मतगणना केंद्रों पर अनियमितताएँ संभावित ख़तरे हैं।
चंद्रबाबू सरकार पर गंभीर आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार 'माफिया की तरह' काम कर रही है और पुलिस तथा रिटर्निंग अधिकारियों का उपयोग लोकतांत्रिक अधिकारों को कमज़ोर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को बाधा पहुँचाकर सत्तारूढ़ दल निर्विरोध जीत हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि राज्य चुनाव आयोग (SEC) पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद पर्याप्त सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित न कर पाने को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।
पार्टी कार्यकर्ताओं को कार्यप्रणाली के निर्देश
जगन मोहन रेड्डी ने मतदान एजेंटों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे चुनाव प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी रखें, संदिग्ध वोटों को निर्धारित प्रक्रिया से चुनौती दें, अपने प्रवेश प्राधिकरण को सुरक्षित रखें और मतदान केंद्र में प्रवेश से रोके जाने पर तुरंत सूचना दें। जिला अध्यक्षों को क्षेत्रीय समन्वयकों के साथ दिन में दो बार समीक्षा बैठक करने का भी निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि सभी शिकायतें केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएँ ताकि उन्हें SEC के समक्ष रखा जा सके और ज़रूरत पड़ने पर कानूनी सहायता ली जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी अनियमितता के प्रत्येक मामले की कानूनी कार्रवाई के ज़रिए जाँच होगी और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन शामिल हुए
इस बैठक में सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी, एमवीएस नागी रेड्डी, एमएलसी लेल्ला अप्पिरेड्डी, एम. मनोहर रेड्डी, चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी, विधान परिषद के उपाध्यक्ष थुमती माधव राव, क्षेत्रीय समन्वयक वाईवी सुब्बा रेड्डी, पेड्डीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी, पीवी मिधुन रेड्डी, कुरासला कन्नाबाबू, गुडीवाड़ा अमरनाथ, बुडी मुत्याला नायडू, अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी और विभिन्न जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राज्य चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है।