विकसित भारत 2047 के लिए भाजयुमो का युवाओं से आह्वान, अराजकता और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहें
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया, जिसमें देश के युवाओं से 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने के लिए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। संगठन ने युवाओं को अराजकता, भ्रामक प्रचार और देश-विरोधी विचारधाराओं से सजग रहने की अपील की। बैठक में डिजिटल गलत सूचनाओं से मुकाबले और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का संकल्प भी दोहराया गया।
प्रस्ताव के मुख्य बिंदु
भाजयुमो ने अपने प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई विभिन्न पहलों — डिजिटल इंडिया, यूपीआई, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), जनधन-आधार-मोबाइल ढाँचा और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कदमों से सरकारी सेवाएँ आम नागरिक तक अधिक सुलभ हुई हैं। संगठन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भी सराहना की, जिसके अंतर्गत मातृभाषा में शिक्षा, बहु-विषयक अध्ययन और कौशल विकास को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
प्रस्ताव में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, पीएम विश्वकर्मा और मुद्रा योजना को युवाओं के स्वरोज़गार और सशक्तिकरण के अहम माध्यम बताया गया। इसके साथ ही मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) योजना और पीएम गति शक्ति को विनिर्माण और आर्थिक विकास की आधारशिला बताया गया।
विज्ञान, खेल और महिला सशक्तिकरण
भाजयुमो ने चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, गगनयान मिशन और स्वदेशी कोविड वैक्सीन को भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया। संगठन ने इंडिया एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन और अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन को तकनीकी विकास की दिशा में उठाए गए निर्णायक कदम बताया।
खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसरों का भी उल्लेख किया गया। महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में लखपति दीदी, नमो ड्रोन दीदी और महिला आरक्षण से संबंधित उपायों को प्रमुखता से शामिल किया गया। इसके अलावा मिशन लाइफ, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
भ्रामक प्रचार और कट्टरपंथ पर चिंता
प्रस्ताव में डिजिटल गलत सूचना, विदेशी प्रभाव और युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिशों पर गहरी चिंता जताई गई। भाजयुमो ने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने वाली और देश को बाँटने वाली सोच से सतर्क रहना होगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि सामाजिक और राजनीतिक माँगें केवल संवैधानिक और लोकतांत्रिक माध्यमों से ही उठाई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब देश में विभिन्न मुद्दों पर छात्र और युवा आंदोलन सक्रिय हैं। भाजयुमो की इस पहल को सत्तारूढ़ दल की युवा नीति की दिशा को रेखांकित करने वाला कदम माना जा रहा है।
आगे की रणनीति और संकल्प
राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाने, डिजिटल माध्यमों पर गलत सूचनाओं का खंडन करने तथा युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक बनाने का संकल्प लिया। संगठन ने राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक परियोजनाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी उपलब्धियों के रूप में भी रेखांकित किया।
भाजयुमो ने अपने प्रस्ताव के समापन में कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब आर्थिक प्रगति, तकनीकी नवाचार, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और युवा शक्ति राष्ट्रीय एकता व संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें। आने वाले महीनों में संगठन की इस रणनीति का असर विश्वविद्यालय परिसरों और युवा मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश में दिखाई देगा।