JNU में कुलजीत सिंह चाहल का आह्वान: 'विकसित भारत 2047' का सपना पूरा करेगी युवा पीढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चाहल ने 8 जून 2026 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में कहा कि 'विकसित भारत 2047' का संकल्प देश की युवा शक्ति के बिना पूरा नहीं हो सकता। इस कार्यक्रम में JNU के छात्रों, प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य और स्वरूप
यह संवाद कार्यक्रम NDMC और JNU के छात्र समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। चर्चा के दौरान छात्रों ने आयुष्मान भारत, मेक इन इंडिया और आधारभूत ढाँचे के विकास जैसी सरकारी योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का स्वर संवादात्मक रहा, जिसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों ने अपनी बात रखी।
चाहल के मुख्य वक्तव्य
चाहल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों को सेवा, सुशासन, विकास और विश्वास के रूप में देखा जाता है। उन्होंने इस अवधि को संगठनात्मक मज़बूती और नीति-स्तरीय सुधारों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, स्वास्थ्य, सड़क अवसंरचना, डिजिटल सेवाओं और औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
युवाओं से आह्वान
चाहल ने कहा कि आज का युवा वर्ग राष्ट्रीय निर्माण की प्रक्रिया में अपनी भूमिका को समझ रहा है और देश के विकास में बढ़-चढ़कर भाग ले रहा है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में नवाचार, शिक्षा और सामाजिक योगदान के माध्यम से सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
विकसित भारत 2047 का संदर्भ
गौरतलब है कि 'विकसित भारत 2047' भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक देश को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की केंद्र सरकार की दीर्घकालिक परिकल्पना है। चाहल ने इसे महज़ एक नारा नहीं, बल्कि एक ठोस राष्ट्रीय संकल्प बताया। यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस विषय पर संवाद कार्यक्रमों की एक श्रृंखला चलाई जा रही है।
कार्यक्रम के समापन पर चाहल ने उम्मीद जताई कि JNU जैसे संस्थानों के युवा इस राष्ट्रीय यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएँगे और अपनी प्रतिभा व ऊर्जा से 2047 के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देंगे।