25 जुलाई 2026
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JNU में कुलजीत सिंह चाहल का आह्वान: 'विकसित भारत 2047' का सपना पूरा करेगी युवा पीढ़ी

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JNU में कुलजीत सिंह चाहल का आह्वान: 'विकसित भारत 2047' का सपना पूरा करेगी युवा पीढ़ी

सारांश

NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चाहल ने JNU में छात्रों को संबोधित करते हुए 'विकसित भारत 2047' को युवाओं का सबसे बड़ा राष्ट्रीय दायित्व बताया। मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा हुई और छात्रों से नवाचार व शिक्षा के ज़रिए देश-निर्माण में भागीदारी का आह्वान किया गया।

मुख्य बातें

NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चाहल ने 8 जून 2026 को JNU में संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया।
चाहल ने कहा कि 'विकसित भारत 2047' का संकल्प देश की युवा पीढ़ी ही पूरा करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों को सेवा, सुशासन, विकास और विश्वास का काल बताया गया।
छात्रों ने आयुष्मान भारत , मेक इन इंडिया और बुनियादी ढाँचे के विकास पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में JNU के छात्र, प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चाहल ने 8 जून 2026 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में कहा कि 'विकसित भारत 2047' का संकल्प देश की युवा शक्ति के बिना पूरा नहीं हो सकता। इस कार्यक्रम में JNU के छात्रों, प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य और स्वरूप

यह संवाद कार्यक्रम NDMC और JNU के छात्र समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। चर्चा के दौरान छात्रों ने आयुष्मान भारत, मेक इन इंडिया और आधारभूत ढाँचे के विकास जैसी सरकारी योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का स्वर संवादात्मक रहा, जिसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों ने अपनी बात रखी।

चाहल के मुख्य वक्तव्य

चाहल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों को सेवा, सुशासन, विकास और विश्वास के रूप में देखा जाता है। उन्होंने इस अवधि को संगठनात्मक मज़बूती और नीति-स्तरीय सुधारों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, स्वास्थ्य, सड़क अवसंरचना, डिजिटल सेवाओं और औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

युवाओं से आह्वान

चाहल ने कहा कि आज का युवा वर्ग राष्ट्रीय निर्माण की प्रक्रिया में अपनी भूमिका को समझ रहा है और देश के विकास में बढ़-चढ़कर भाग ले रहा है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में नवाचार, शिक्षा और सामाजिक योगदान के माध्यम से सक्रिय भागीदारी निभाएँ।

विकसित भारत 2047 का संदर्भ

गौरतलब है कि 'विकसित भारत 2047' भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक देश को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की केंद्र सरकार की दीर्घकालिक परिकल्पना है। चाहल ने इसे महज़ एक नारा नहीं, बल्कि एक ठोस राष्ट्रीय संकल्प बताया। यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस विषय पर संवाद कार्यक्रमों की एक श्रृंखला चलाई जा रही है।

कार्यक्रम के समापन पर चाहल ने उम्मीद जताई कि JNU जैसे संस्थानों के युवा इस राष्ट्रीय यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएँगे और अपनी प्रतिभा व ऊर्जा से 2047 के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह परिसर ऐतिहासिक रूप से वैचारिक बहसों का केंद्र रहा है। हालाँकि, ऐसे कार्यक्रमों की असली कसौटी यह है कि क्या ये एकतरफा संदेश-प्रसार हैं या वास्तविक दो-तरफा संवाद — जहाँ छात्र अपनी असहमति और सवाल भी रख सकें। '12 वर्षों की उपलब्धियों' का उल्लेख तब अधिक विश्वसनीय लगता जब उसके साथ डेटा और स्वतंत्र मूल्यांकन भी प्रस्तुत किए जाते। युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में भागीदार बनाने का आह्वान तभी सार्थक होगा जब उन्हें केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि रोज़गार, शोध-संसाधन और नीति-निर्माण में वास्तविक भागीदारी भी मिले।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'विकसित भारत 2047' क्या है?
'विकसित भारत 2047' केंद्र सरकार की वह दीर्घकालिक परिकल्पना है जिसका लक्ष्य भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी — यानी वर्ष 2047 — तक देश को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढाँचे और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार शामिल हैं।
कुलजीत सिंह चाहल कौन हैं और JNU कार्यक्रम में उनकी भूमिका क्या थी?
कुलजीत सिंह चाहल नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष हैं। 8 जून 2026 को JNU में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य पर अपने विचार रखे।
JNU के इस कार्यक्रम में किन विषयों पर चर्चा हुई?
कार्यक्रम में आयुष्मान भारत, मेक इन इंडिया, सड़क अवसंरचना, डिजिटल सेवाओं और औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। छात्रों और शिक्षकों ने इन सरकारी योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।
इस संवाद कार्यक्रम का आयोजन क्यों किया गया?
यह कार्यक्रम NDMC और JNU के छात्र समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसका लक्ष्य युवाओं को राष्ट्रीय नीतियों और 'विकसित भारत 2047' की परिकल्पना से जोड़ना था।
चाहल ने युवाओं से क्या अपेक्षा जताई?
चाहल ने छात्रों से आह्वान किया कि वे नवाचार, शिक्षा और सामाजिक योगदान के माध्यम से 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी ही इस संकल्प को साकार करने की असली ताकत है।
राष्ट्र प्रेस
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