विकसित भारत-2047: ओम बिरला ने युवा संसद 2026 का उद्घाटन किया, युवाओं को बताया राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 16 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में विकसित भारत युवा संसद 2026 का उद्घाटन किया और प्रतिभागी युवाओं को विकसित भारत-2047 के संकल्प की धुरी बताया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आए युवा प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद भी किया।
युवा शक्ति — लोकतंत्र की जीवंत अभिव्यक्ति
बिरला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि देश के विभिन्न राज्यों, भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा भारत की लोकतांत्रिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और उज्ज्वल भविष्य के सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, 'विविधताओं के बीच एक लक्ष्य, एक संकल्प और एक भारत की भावना ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जिसने भारत को विश्व में विशिष्ट पहचान दिलाई है।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन-व्यवस्था नहीं, बल्कि संवाद, सहमति, सहभागिता और जनभागीदारी की जीवंत परंपरा है। युवा संसद इसी लोकतांत्रिक संस्कृति का सशक्त मंच है, जो युवाओं में नेतृत्व-क्षमता, कर्तव्यबोध और तार्किक चिंतन के संस्कार विकसित करती है।
2047 का संकल्प और युवाओं की भूमिका
बिरला ने रेखांकित किया कि आज भारत विश्व के सर्वाधिक युवा-ऊर्जा संपन्न राष्ट्रों में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल, नवाचार और राष्ट्रीय कर्तव्यबोध से लैस यही युवा पीढ़ी विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आज के अनेक प्रतिभागी युवा भविष्य में विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं का नेतृत्व संभालेंगे।
गौरतलब है कि विकसित भारत-2047 की परिकल्पना भारत को स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का दीर्घकालिक लक्ष्य है, जिसमें युवा जनसांख्यिकी को केंद्रीय भूमिका में रखा गया है।
140 करोड़ भारतीयों का साझा संकल्प
लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार की इच्छा नहीं है — यह 140 करोड़ भारतीयों का साझा राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि 2047 तक इस लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से आज के युवाओं के कंधों पर है।
बिरला ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक है, किंतु मनभेद नहीं — विचारों की विविधता लोकतंत्र की शक्ति है और राष्ट्रीय हित उसकी सर्वोच्च कसौटी।
विज्ञान, तकनीक और वैश्विक नेतृत्व
बिरला ने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में भारत के युवा विज्ञान, तकनीक, शोध और नवाचार के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत के युवाओं को उम्मीद, आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं के प्रतीक के रूप में देखता है।
युवा संसद का यह आयोजन संसदीय लोकतंत्र की प्रक्रियाओं से युवाओं को परिचित कराने और उनमें नीति-निर्माण की समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले वर्षों में ऐसे मंचों की भूमिका और व्यापक होने की संभावना है।