तिरुपति नगर निगम चुनाव: वाईएसआरसीपी ने बूथ धांधली और हिंसा की आशंका जताई, चुनाव आयोग से कड़ी सुरक्षा की माँग
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के तिरुपति जिला अध्यक्ष भूमना अभिनय रेड्डी ने 29 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग, तिरुपति जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से 1 नवंबर को होने वाले तिरुपति नगर निगम चुनावों में बूथ धांधली, धमकियों और हिंसा रोकने के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाने की माँग की। पार्टी ने कथित तौर पर नामांकन प्रक्रिया के दौरान अपने उम्मीदवारों पर हुए हमलों और धमकियों का हवाला देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था, जिसके बाद मतदान 28 अक्टूबर से स्थगित कर 1 नवंबर को निर्धारित किया गया।
मुख्य शिकायतें और आरोप
अभिनय रेड्डी ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पार्षद उम्मीदवारों और उनके मतदान एजेंटों को मिली जान से मारने की धमकियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी उम्मीदवारों पर हमले हुए, नामांकन पत्र फाड़े गए और उन्हें दाखिल करने से रोका गया।
वाईएसआरसीपी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान में बाधा डालने के लिए बाहरी लोगों को जुटाए जाने की संभावना है। उन्होंने पुलिस से इस जानकारी की पुष्टि करने और समय रहते निवारक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
पहले से सौंपी गई शिकायतें
अभिनय रेड्डी ने बताया कि पार्षद पद के उम्मीदवारों की व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित शिकायतें और वीडियो बयान मतदान से काफी पहले ही चुनाव अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हम अधिकारियों को पहले से सूचित कर रहे हैं क्योंकि हम हिंसा और धांधली को रोकना चाहते हैं, न कि घटना घटने के बाद कार्रवाई की माँग करना।'
पार्टी की सुरक्षा माँगें
वाईएसआरसीपी ने चुनाव आयोग से निम्नलिखित कदम उठाने की माँग की — प्रत्येक मतदान केंद्र पर कड़ी पुलिस तैनाती, उम्मीदवारों और मतदान एजेंटों के लिए सुरक्षित पहुँच, अनाधिकृत प्रवेश की रोकथाम, तथा लाइव वेबकास्टिंग और सीसीटीवी निगरानी के ज़रिये पूरी प्रक्रिया की सुरक्षित रिकॉर्डिंग।
अभिनय रेड्डी ने भगवान श्री वेंकटेश्वर की पवित्र नगरी तिरुपति की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए अपील की, 'तिरुपति की पवित्रता बचाएं। लोकतंत्र बचाएं। हमारे उम्मीदवारों, मतदान एजेंटों और प्रत्येक मतदाता की रक्षा करें। चुनाव जनता द्वारा तय किया जाना चाहिए, न कि भय या धमकी से।'
पृष्ठभूमि: सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने मूल रूप से 28 अक्टूबर को मतदान निर्धारित किया था। वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने हिंसा और धमकी के ज़रिये उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने आयोग को नामांकन प्रक्रिया विस्तारित करने का निर्देश दिया और मतदान स्थगित किया गया।
यह चुनाव आंध्र प्रदेश में 100 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों का हिस्सा है, जिनके लिए 1 नवंबर 2026 को मतदान होना है। तिरुपति में स्थिति अन्य शहरी निकायों की तुलना में अधिक संवेदनशील मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
चुनाव आयोग और ज़िला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वाईएसआरसीपी की माँगों पर प्रशासन की कार्रवाई 1 नवंबर के मतदान के परिणाम और निष्पक्षता को प्रभावित करेगी। पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि समय पर कदम नहीं उठाए गए, तो वह फिर से न्यायिक हस्तक्षेप की माँग कर सकती है।