29 अक्टूबर 2026
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अनंतपुर में ट्रेन से दो हाथी के बच्चों की मौत, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने दिए सुरक्षा निर्देश

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अनंतपुर में ट्रेन से दो हाथी के बच्चों की मौत, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने दिए सुरक्षा निर्देश

सारांश

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में गुरुवार तड़के ट्रेन की चपेट में आने से दो हाथी के बच्चों की मौत हो गई। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने दुख जताते हुए वन और रेलवे विभाग को संयुक्त सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए। यह इसी मार्ग पर वन्यजीवों की ट्रेन से मौत की एक और घटना है।

मुख्य बातें

अनंतपुर जिले के कल्याणम गाँव के पास 29 अक्टूबर 2026 को ट्रेन की चपेट में आने से दो हाथी के बच्चों की मौत हो गई।
घटना कल्याणदुर्ग वन क्षेत्र के रायदुर्गम बीट और सेक्शन इलाके में हुई।
उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री पवन कल्याण ने गहरा दुख जताते हुए वन एवं रेलवे विभाग को संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
लोको पायलटों को वन्यजीव सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण देने और वन क्षेत्रों में ट्रेन की गति नियंत्रित रखने के आदेश दिए गए।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को रेलवे महाप्रबंधक के सामने वन्यजीव सुरक्षा का मुद्दा उठाने को कहा गया।
बिजली करंट से हाथियों की मौत की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित जिलों में संयुक्त बैठकें बुलाने के निर्देश।

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में 29 अक्टूबर 2026 को तड़के एक दर्दनाक हादसे में ट्रेन की चपेट में आने से दो हाथी के बच्चों की मौत हो गई। यह घटना डी. हिरेहल मंडल के कल्याणम गाँव के समीप रेलवे ट्रैक पर हुई, जो कल्याणदुर्ग वन क्षेत्र के रायदुर्गम बीट और सेक्शन इलाके में स्थित है। राज्य के वन एवं पर्यावरण विभाग तथा रेलवे के बीच समन्वय की कमी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।

घटनाक्रम

गुरुवार की सुबह तड़के कल्याणम गाँव के पास से गुजरते समय ट्रेन की चपेट में आने से दोनों हाथी के बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। गौरतलब है कि इसी रेलवे मार्ग पर इससे पहले भी एक तेंदुए की ट्रेन दुर्घटना में जान जा चुकी है, जो यह दर्शाता है कि यह इलाका वन्यजीवों के लिए लगातार संवेदनशील बना हुआ है।

उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं वन तथा पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उनके कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। पवन कल्याण ने स्पष्ट कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाले रेलवे मार्गों पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग और रेलवे विभाग को मिलकर काम करना होगा।

वन्यजीव सुरक्षा के लिए निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वन क्षेत्रों में ट्रेनों की रफ्तार नियंत्रित रखी जाए, रेलवे ट्रैक पर निरंतर निगरानी रखी जाए और जहाँ वन्यजीवों की आवाजाही अधिक हो वहाँ नियमित रूप से हॉर्न बजाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लोको पायलटों को वन्यजीवों की गतिविधियों और उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही पवन कल्याण ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को निर्देश दिया कि रेलवे मार्गों पर वन्यजीव सुरक्षा का मुद्दा संबंधित रेलवे महाप्रबंधक के समक्ष उठाया जाए।

बिजली करंट से हाथियों की मौत की समीक्षा

उपमुख्यमंत्री ने बैठक में बिजली के करंट से हाथियों की लगातार हो रही मौतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन जिलों में ऐसी घटनाएँ अधिक हो रही हैं, वहाँ जिला कलेक्टरों और कृषि, बागवानी, बिजली, पंचायत राज तथा ग्रामीण विकास विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएँ। पवन कल्याण ने कहा कि करंट लगने से हाथियों की मौत की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जाना चाहिए और वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली की लाइनें पर्याप्त ऊँचाई पर रखी जाएँ।

आगे की कार्रवाई

वन विभाग को स्थानीय रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने और उन स्थानों की पहचान करने को कहा गया है जहाँ वन्यजीव अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। इसके अलावा किसानों को जागरूक किया जाएगा कि वे वन्यजीव क्षेत्रों में फसल सुरक्षा के लिए बिजली वाली बाड़ का उपयोग न करें। यह पूरा मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि वन्यजीव गलियारों से गुजरने वाले रेलवे मार्गों पर दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय कब तक लागू होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि वन्यजीव गलियारों से गुजरने वाले रेलवे मार्गों पर दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय अब तक कागज़ों पर ही सिमटे हैं। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के निर्देश सही दिशा में हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या वन विभाग और रेलवे के बीच यह समन्वय व्यवहार में भी उतना ही तत्पर रहेगा जितना बयान में दिखता है। बिजली करंट से हाथियों की मौत की 'स्थायी समाधान' की माँग भी वर्षों से चली आ रही है, और इस पर ठोस क्रियान्वयन का इंतज़ार अभी भी जारी है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में हाथी के बच्चों की ट्रेन से मौत कहाँ हुई?
यह हादसा आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के डी. हिरेहल मंडल के कल्याणम गाँव के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ। घटना का स्थान कल्याणदुर्ग वन क्षेत्र का रायदुर्गम बीट और सेक्शन इलाका है।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस हादसे पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए वन विभाग और रेलवे विभाग को मिलकर वन्यजीव सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोको पायलटों को विशेष प्रशिक्षण देने, वन क्षेत्रों में ट्रेन की गति नियंत्रित रखने और संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित करने को कहा।
क्या इस रेलवे मार्ग पर पहले भी वन्यजीवों की मौत हुई है?
हाँ, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने खुद याद दिलाया कि इसी रेलवे मार्ग पर पहले एक तेंदुए की भी ट्रेन दुर्घटना में मौत हो चुकी है। यह दर्शाता है कि यह मार्ग वन्यजीवों के लिए लगातार संवेदनशील बना हुआ है।
हाथियों को बिजली करंट से बचाने के लिए क्या निर्देश दिए गए?
पवन कल्याण ने निर्देश दिया कि वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली की लाइनें पर्याप्त ऊँचाई पर रखी जाएँ और किसानों को जागरूक किया जाए कि वे फसल सुरक्षा के लिए बिजली वाली बाड़ का उपयोग न करें। साथ ही, संबंधित जिलों में कलेक्टरों और विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
इस घटना के बाद आगे क्या कार्रवाई होगी?
वन विभाग को स्थानीय रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक करनी होगी और उन स्थानों की पहचान करनी होगी जहाँ वन्यजीव अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को रेलवे महाप्रबंधक के सामने वन्यजीव सुरक्षा का मुद्दा उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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