13 सितंबर 2026
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आंध्र प्रदेश: पलनाडू में बिजली गिरने से 2 की मौत, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी

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आंध्र प्रदेश: पलनाडू में बिजली गिरने से 2 की मौत, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी

सारांश

आंध्र प्रदेश में एक साथ दो विरोधाभासी आपदाएँ — राज्य में 59% वर्षा घाटे के बीच अचानक तूफानी बारिश और बिजली गिरने से पलनाडू में 2 लोगों की जान गई। APSDMA ने अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

मुख्य बातें

पलनाडू जिले के नरसरावपेट में बिजली गिरने से नागाम्मा (63) और मेकाला वेंकयम्मा (60) की मौत, कारण कार्डियक अरेस्ट माना जा रहा है।
पूर्वी गोदावरी, विशाखापत्तनम, गजुवाका में भारी बारिश; निदादावोलु बस स्टैंड जलमग्न।
APSDMA ने अगले 24 घंटों में कम दबाव क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की आशंका जताई।
उत्तरी आंध्र तट पर 40-60 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान; मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
APWRIMS के अनुसार, 1 जनवरी से 9 सितंबर 2026 के बीच राज्य में 59.12% वर्षा घाटा दर्ज।
गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने अधिकारियों को जोखिम क्षेत्रों में वाहन रोकने और तैनात रहने के निर्देश दिए।

आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले में 13 सितंबर 2026 को बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से शनिवार रात से ही राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है। अधिकारियों ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है और तटीय इलाकों में 40-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, पलनाडू जिले के नरसरावपेट में तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। पेटलुरिवरिपालेम और लक्ष्मीपुरम गाँवों में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। मृतकों की पहचान नागाम्मा (63 वर्ष) और मेकाला वेंकयम्मा (60 वर्ष) के रूप में की गई है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों की मौत बिजली के झटके के बाद कार्डियक अरेस्ट से हुई।

पूर्वी गोदावरी, विशाखापत्तनम और गजुवाका इलाकों में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई। निदादावोलु का बस स्टैंड जलभराव की चपेट में आने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

मौसम की स्थिति और चेतावनियाँ

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने रविवार सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि विदर्भ और मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

उत्तरी आंध्र तट पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। एलुरु, एनटीआर, कृष्णा, नंद्याल और कुरनूल जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी गई है।

सरकार और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिजली कड़कने और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या होर्डिंग्स के नीचे खड़े न रहें और उफनती नदियों या नहरों को पार करने का जोखिम न उठाएँ।

राज्य की गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए आम जनता और अधिकारियों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में तैनात रहने के निर्देश दिए और जोखिम वाले क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने को कहा।

वर्षा की कमी का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश पहले से ही गंभीर वर्षा घाटे से जूझ रहा है। आंध्र प्रदेश जल संसाधन सूचना और प्रबंधन प्रणाली (APWRIMS) के आँकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 9 सितंबर 2026 के बीच राज्य में सामान्य 578.58 मिमी की तुलना में मात्र 236.51 मिमी बारिश हुई — यानी 59.12 प्रतिशत की कमी। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि एक ओर राज्य गर्मी और सूखे से परेशान है, वहीं अचानक आई भारी बारिश और तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बस स्टैंड का जलमग्न होना और यातायात में बाधा इस तात्कालिक संकट की झलक है। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन की पैनी नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी अचानक आई तूफानी बारिश ने जानें लीं और बुनियादी ढाँचे को ध्वस्त किया। यह दर्शाता है कि 'कम बारिश' और 'बाढ़ का खतरा' अब परस्पर-अनन्य नहीं रहे — जलवायु अनिश्चितता में अल्पकालिक तीव्र घटनाएँ बढ़ रही हैं। प्रशासनिक तैयारी का असली पैमाना यह है कि क्या आपदा प्रबंधन तंत्र ऐसे अचानक बदलावों के लिए पर्याप्त रूप से लचीला है — और बस स्टैंड का जलमग्न होना बताता है कि शहरी जल-निकासी अभी भी कमज़ोर कड़ी है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश के पलनाडू में बिजली गिरने से कौन मारे गए?
पलनाडू जिले के पेटलुरिवरिपालेम गाँव में नागाम्मा (63 वर्ष) और लक्ष्मीपुरम गाँव में मेकाला वेंकयम्मा (60 वर्ष) की मौत हुई। अधिकारियों के अनुसार दोनों की मृत्यु बिजली के झटके के बाद कार्डियक अरेस्ट से हुई।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी क्यों जारी की गई है?
APSDMA के अनुसार, विदर्भ और मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इसी के चलते तटीय और आंतरिक जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से क्यों रोका गया है?
उत्तरी आंध्र तट पर 40-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की आशंका है, जो समुद्र में खतरनाक स्थिति बना सकती हैं। इसलिए APSDMA और प्रशासन ने मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी है।
आंध्र प्रदेश में इस साल बारिश कितनी कम हुई है?
APWRIMS के आँकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 9 सितंबर 2026 के बीच राज्य में सामान्य 578.58 मिमी की तुलना में केवल 236.51 मिमी बारिश हुई — यानी 59.12 प्रतिशत की कमी। राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा है।
राज्य सरकार ने बारिश से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने पुलिस और राजस्व विभाग को प्रभावित इलाकों में तैनात रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों में वाहनों पर रोक लगाने के निर्देश दिए। APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने नागरिकों को पेड़ों के नीचे न खड़े होने और उफनती नदियों को पार न करने की चेतावनी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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