आंध्र प्रदेश: पलनाडू में बिजली गिरने से 2 की मौत, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले में 13 सितंबर 2026 को बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से शनिवार रात से ही राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है। अधिकारियों ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है और तटीय इलाकों में 40-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, पलनाडू जिले के नरसरावपेट में तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। पेटलुरिवरिपालेम और लक्ष्मीपुरम गाँवों में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। मृतकों की पहचान नागाम्मा (63 वर्ष) और मेकाला वेंकयम्मा (60 वर्ष) के रूप में की गई है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों की मौत बिजली के झटके के बाद कार्डियक अरेस्ट से हुई।
पूर्वी गोदावरी, विशाखापत्तनम और गजुवाका इलाकों में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई। निदादावोलु का बस स्टैंड जलभराव की चपेट में आने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौसम की स्थिति और चेतावनियाँ
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने रविवार सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि विदर्भ और मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
उत्तरी आंध्र तट पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। एलुरु, एनटीआर, कृष्णा, नंद्याल और कुरनूल जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी गई है।
सरकार और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिजली कड़कने और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या होर्डिंग्स के नीचे खड़े न रहें और उफनती नदियों या नहरों को पार करने का जोखिम न उठाएँ।
राज्य की गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए आम जनता और अधिकारियों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में तैनात रहने के निर्देश दिए और जोखिम वाले क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने को कहा।
वर्षा की कमी का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश पहले से ही गंभीर वर्षा घाटे से जूझ रहा है। आंध्र प्रदेश जल संसाधन सूचना और प्रबंधन प्रणाली (APWRIMS) के आँकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 9 सितंबर 2026 के बीच राज्य में सामान्य 578.58 मिमी की तुलना में मात्र 236.51 मिमी बारिश हुई — यानी 59.12 प्रतिशत की कमी। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि एक ओर राज्य गर्मी और सूखे से परेशान है, वहीं अचानक आई भारी बारिश और तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बस स्टैंड का जलमग्न होना और यातायात में बाधा इस तात्कालिक संकट की झलक है। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन की पैनी नज़र बनी हुई है।