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आंध्र प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री, अनंतपुर-चित्तूर से शुरुआत; हीटवेव और आंधी का अलर्ट जारी

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आंध्र प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री, अनंतपुर-चित्तूर से शुरुआत; हीटवेव और आंधी का अलर्ट जारी

सारांश

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 6 जून को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, तिरुपति और चित्तूर से दस्तक दी — किसानों के लिए राहत, पर साथ में हीटवेव और 40-50 किमी/घंटे की आंधी का खतरा भी। अगले पाँच दिन राज्य के लिए मौसम की दोहरी चुनौती लेकर आए हैं।

मुख्य बातें

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 6 जून 2026 को अनंतपुर , तिरुपति और चित्तूर से आंध्र प्रदेश में आधिकारिक प्रवेश किया।
अगले दो से तीन दिनों में मानसून के राज्य के शेष हिस्सों में फैलने की संभावना; 13-14 जून तक तटीय आंध्र में वर्षा बढ़ेगी।
अगले पाँच दिनों तक 40-50 किमी/घंटे की तेज़ हवाएँ, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी।
कई जिलों में तापमान 40°C से ऊपर; सामान्य से 4.5°C अधिक — हीटवेव अगले तीन दिन जारी रहेगी।
मौसम विभाग ने सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 6 जून 2026 को आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश में दस्तक दे दी है। अमरावती मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक करुणा सागर के अनुसार, मानसून ने अनंतपुर, तिरुपति और चित्तूर जिलों से राज्य में प्रवेश किया है और अगले दो से तीन दिनों में इसके शेष हिस्सों में भी तेज़ी से फैलने की संभावना है। किसानों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है, क्योंकि मानसून की सक्रियता से खरीफ फसलों की बुआई का रास्ता खुलेगा।

मानसून का विस्तार और बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक रायलसीमा क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियाँ बनी रहेंगी। शुरुआती दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि 13-14 जून के आसपास तटीय आंध्र प्रदेश में भी वर्षा की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है। वैज्ञानिक करुणा सागर ने बताया कि अगले पाँच दिनों तक रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएँ हो सकती हैं।

तेज़ हवाओं और आंधी की चेतावनी

मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलने की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से अनंतपुर और मानसून-सक्रिय क्षेत्रों में इन हवाओं का असर सबसे अधिक रहने का अनुमान है। उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और मध्य तटीय क्षेत्रों में भी आंधी और गरज-चमक के दौरान तेज़ हवाओं की आशंका जताई गई है। विभाग ने लोगों को तेज़ हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी है, क्योंकि शाखाएँ टूटने, छोटे पौधे उखड़ने और बिजली-टेलीफोन के खंभों को नुकसान पहुँचने की आशंका है।

हीटवेव का प्रकोप जारी

मानसून की दस्तक के बावजूद अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पिछले दो दिनों से हीटवेव की स्थिति बनी हुई है और कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है — सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक। नेल्लोर, प्रकाशम, पलनाडु, बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा, काकीनाडा और एनटीआर जिलों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। एलुरु, पूर्वी गोदावरी, अल्लूरी सीताराम राजू और अनकापल्ली जिले भी इस लू की चपेट में हैं।

आम जनता के लिए सावधानियाँ

मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बाहर जाते समय टोपी, धूप के चश्मे और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी और छाछ पीने की हिदायत दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है।

किसानों और कृषि क्षेत्र पर असर

गौरतलब है कि मानसून की समय पर आमद किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश के कृषि-प्रधान जिलों में खरीफ बुआई की तैयारियाँ तेज़ हो सकती हैं। हालाँकि तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए किसानों को भी खुले खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों में मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विडंबना यह है कि इसके साथ हीटवेव और तेज़ आंधी की दोहरी चेतावनी भी आई है — जो जलवायु परिवर्तन के उस पैटर्न को दर्शाती है जिसमें मानसून की शुरुआत और अत्यधिक गर्मी एक साथ सह-अस्तित्व में रहते हैं। रायलसीमा जैसे पुराने सूखाग्रस्त क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता किसानों के लिए उम्मीद जगाती है, पर 40-50 किमी/घंटे की हवाएँ और बिजली गिरने का खतरा खेतों में काम करने वाले मज़दूरों के लिए गंभीर जोखिम है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर केवल बारिश के आँकड़े देती है — लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य की आपदा प्रबंधन मशीनरी एक साथ लू और तूफान की तैयारी के लिए सक्षम है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून कब और कहाँ से आया?
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 6 जून 2026 को आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश में प्रवेश किया। अमरावती मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसकी शुरुआत अनंतपुर, तिरुपति और चित्तूर जिलों से हुई है।
आंध्र प्रदेश में मानसून कब तक पूरे राज्य में फैलेगा?
मौसम वैज्ञानिक करुणा सागर के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेज़ी से आगे बढ़ेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में 13-14 जून के आसपास वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
आंध्र प्रदेश में हीटवेव से कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
नेल्लोर, प्रकाशम, पलनाडु, बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा, काकीनाडा, एनटीआर, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, अल्लूरी सीताराम राजू और अनकापल्ली जिले हीटवेव से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में तापमान 40°C से ऊपर और सामान्य से 4.5°C अधिक दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विभाग ने आम नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है?
मौसम विभाग ने सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बाहर जाते समय टोपी, धूप का चश्मा और ढके हुए कपड़े पहनें तथा पर्याप्त पानी और छाछ पिएँ। तेज़ हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
आंध्र प्रदेश में आंधी और तेज़ हवाओं का खतरा कितने दिन रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले पाँच दिनों तक रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएँ हो सकती हैं। उत्तर तटीय और मध्य तटीय क्षेत्रों में भी इसी तरह की चेतावनी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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