29 अक्टूबर 2026
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योगी आदित्यनाथ ने 'भारत आंतरिक इमरजेंसी 1975' का विमोचन किया, 1975-77 के लोकतंत्र संघर्ष को किया याद

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योगी आदित्यनाथ ने 'भारत आंतरिक इमरजेंसी 1975' का विमोचन किया, 1975-77 के लोकतंत्र संघर्ष को किया याद

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में BJP नेता शतरुद्र प्रकाश की पुस्तक 'भारत आंतरिक इमरजेंसी 1975' का विमोचन किया। पुस्तक में 25 जून 1975 से 23 मार्च 1977 तक के आपातकाल में हुई गिरफ्तारियों, सेंसरशिप, जेपी आंदोलन और कार्यकर्ताओं के संघर्ष का विस्तृत विवरण है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में पुस्तक 'भारत आंतरिक इमरजेंसी 1975' का विमोचन किया।
पुस्तक के लेखक BJP नेता व पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश हैं, जो 1974 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सबसे कम उम्र के विधायकों में शामिल थे।
पुस्तक 25 जून 1975 से 23 मार्च 1977 तक के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र की कठिन अवधि के रूप में दर्ज करती है।
इसमें लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन, जबरन नसबंदी, बस्ती विध्वंस और 'रणभेरी' बुलेटिन की भूमिका का उल्लेख है।
समारोह में BJP नेता रमेश मिश्रा और सीपी सिंह भी उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शतरुद्र प्रकाश द्वारा लिखित पुस्तक 'भारत आंतरिक इमरजेंसी 1975' का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर शतरुद्र प्रकाश ने अपनी पुस्तक की प्रति मुख्यमंत्री को भेंट की। समारोह में BJP नेता रमेश मिश्रा और सीपी सिंह भी उपस्थित रहे।

पुस्तक की विषय-वस्तु

यह पुस्तक 25 जून 1975 से 23 मार्च 1977 तक लागू रहे आपातकाल की उस कालखंड को भारतीय लोकतंत्र के सबसे कठिन दौर के रूप में दर्ज करती है। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों, समाचारपत्रों पर सेंसरशिप तथा नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगाए गए प्रतिबंधों का विस्तृत विवरण है।

पुस्तक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले जन-आंदोलन, जबरन नसबंदी अभियान, गरीब बस्तियों की बेदखली और संवैधानिक संस्थाओं के साथ हुई टकराहटों का भी उल्लेख किया गया है। दमन के बावजूद विरोध जारी रखने वाले कार्यकर्ताओं के संघर्ष को पुस्तक में प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

शतरुद्र प्रकाश का राजनीतिक सफर

पुस्तक में लेखक शतरुद्र प्रकाश के अपने राजनीतिक जीवन का भी विवरण है। 1968 से 1973 के बीच काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में सक्रिय छात्र राजनीति के बाद उन्होंने बनारस में गरीबों की बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन चलाया। 1974 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सबसे कम उम्र के विधायकों में शामिल हुए।

आपातकाल के दौरान उनकी पत्नी अंजना प्रकाश की गिरफ्तारी और उनके स्वयं भूमिगत रहकर विरोध-गतिविधियाँ जारी रखने का भी उल्लेख पुस्तक में है।

'रणभेरी' बुलेटिन और प्रतिरोध की आवाज़

पुस्तक में 'रणभेरी' नामक साइक्लोस्टाइल बुलेटिन की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। यह बुलेटिन आपातकाल विरोधी विचारों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े संदेशों को उस दौर में जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बना था, जब मुख्यधारा के समाचारपत्रों पर सख्त सेंसरशिप लागू थी।

गौरतलब है कि आपातकाल को भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक विवादास्पद अध्याय के रूप में याद किया जाता है और इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग नज़रिए रहे हैं।

समारोह का महत्त्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस पुस्तक का विमोचन एक ऐसे समय में हुआ जब आपातकाल की स्मृति राष्ट्रीय विमर्श में बार-बार उठाई जाती है। यह आयोजन BJP के उस व्यापक राजनीतिक आख्यान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें 1975-77 की आपातकालीन अवधि को लोकतंत्र पर हमले के रूप में रेखांकित किया जाता है। आगे इस पुस्तक के व्यापक प्रचार-प्रसार की भी संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस प्रकार के आयोजन मुख्यतः उस एकांगी दृष्टिकोण को ही सार्वजनिक विमर्श में स्थापित करते हैं। शतरुद्र प्रकाश के व्यक्तिगत अनुभव पुस्तक को प्रत्यक्षदर्शी विश्वसनीयता देते हैं, किंतु मुख्यमंत्री की उपस्थिति इसे साहित्यिक से अधिक राजनीतिक घटना बनाती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत आंतरिक इमरजेंसी 1975' पुस्तक किस बारे में है?
यह पुस्तक BJP नेता व पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश द्वारा लिखी गई है और 25 जून 1975 से 23 मार्च 1977 तक लागू रहे आपातकाल का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियाँ, अखबारों पर सेंसरशिप, जेपी आंदोलन और जबरन नसबंदी जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है।
पुस्तक का विमोचन किसने और कहाँ किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर इस पुस्तक का विमोचन किया। समारोह में BJP नेता रमेश मिश्रा और सीपी सिंह भी उपस्थित थे।
लेखक शतरुद्र प्रकाश कौन हैं?
शतरुद्र प्रकाश BJP के पूर्व मंत्री एवं नेता हैं जो 1968 से 1973 के बीच काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से जुड़े रहे। 1974 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सबसे कम उम्र के विधायकों में शामिल हुए और आपातकाल विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहे।
पुस्तक में 'रणभेरी' बुलेटिन का क्या उल्लेख है?
'रणभेरी' एक साइक्लोस्टाइल बुलेटिन था जिसके माध्यम से आपातकाल के दौरान सेंसरशिप के बावजूद लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध से जुड़े संदेश आम लोगों तक पहुँचाए जाते थे। पुस्तक में इसे प्रतिरोध के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में दर्ज किया गया है।
1975 का आपातकाल कब से कब तक लागू रहा था?
भारत में आपातकाल 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लागू किया गया था और 23 मार्च 1977 को समाप्त हुआ। यह कुल लगभग 21 महीने की अवधि थी, जिसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक विवादास्पद कालखंड माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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