1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

योगी आदित्यनाथ का बड़ा हमला: 2017 से पहले माफिया के सामने घुटने टेकती थी सरकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
योगी आदित्यनाथ का बड़ा हमला: 2017 से पहले माफिया के सामने घुटने टेकती थी सरकार

सारांश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में माफिया-राज की यादें ताज़ा करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा। 87 इंटरसेप्टर वाहन, 26 वीरता पुरस्कार और 'संघर्ष' पुस्तक विमोचन — यह कार्यक्रम पुलिस सुधार की उपलब्धियों का उत्सव था और 2027 चुनावों से पहले राजनीतिक संदेश भी।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन में कहा — 2017 से पहले माफिया के सामने सरकारें नाक रगड़ती थीं।
समारोह में 87 इंटरसेप्टर वाहन यूपी पुलिस को सौंपे गए और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक 'संघर्ष' का विमोचन हुआ।
16 पुलिस कार्मिकों को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार और 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक प्रदान किए गए।
एसटीएफ इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र — यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार।
प्रदेश में सात पुलिस कमिश्नरेट और 14 लाख से अधिक सुरक्षा कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित एक समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में दुर्दांत माफिया का साम्राज्य चलता था और सरकारें उनके सामने नाक रगड़ती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस राजनीतिक नेतृत्व की रीढ़ ही टेढ़ी हो, वह कानून-व्यवस्था को कभी सीधा नहीं कर सकता।

समारोह में क्या हुआ

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई और वीर पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान किए। उन्होंने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक 'संघर्ष' का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में 16 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार तथा 10 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया।

2017 से पहले की स्थिति पर योगी के आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में समानांतर सरकारें चलती थीं और पुलिस बेबस थी। उन्होंने कहा, 'उस समय यूपी वाला कहकर लोगों को बाहर कर दिया जाता था।' कोसीकलां, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर समेत कई स्थानों पर दंगों के चलते लंबे समय तक कर्फ्यू लगा रहा। एक वर्ष में केवल करीब 6,000 पुलिस कार्मिकों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था, पीएसी की वाहिनियाँ समाप्त कर दी गई थीं और पुलिसकर्मी टूटे भवनों में रहने को मजबूर थे।

योगी ने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य कहा जाने लगा था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तराई क्षेत्र आतंकवाद की चपेट में था, सूर्यास्त के बाद आवाजाही लगभग बंद हो जाती थी।

पुलिस सुधार और तकनीक का समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने पुलिस सुधारों को प्राथमिकता दी। प्रकाश सिंह ने जिस पुलिस सुधार की वकालत की थी, उसे उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे पहले लागू किया। प्रदेश में अब सात पुलिस कमिश्नरेट काम कर रहे हैं। सेफ सिटी परियोजना के तहत प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं और जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विचार, वीरता और तकनीक के समन्वय से ही आज यूपी पुलिस की पहचान बदली है।

शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह को नमन

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ से जुड़े जाँबाज इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह की वीरता को नमन किया। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी 2025 को आमने-सामने की मुठभेड़ में सुनील कुमार सिंह ने चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया, लेकिन इस दौरान अपराधियों की गोलियों से गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका बलिदान हो गया। भारत सरकार ने उनकी वीरता के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है — यह पहली बार है जब यूपी पुलिस को यह गौरव प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने उनकी धर्मपत्नी एवं परिजनों को सम्मानित किया।

आगे क्या

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस भाषण को राजनीतिक विश्लेषक 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की 'कानून-व्यवस्था' वाली छवि को और पुख्ता करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक 'संघर्ष' का विमोचन पुलिस सुधारों के संदर्भ में एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ के रूप में देखा जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों का सवाल यह भी है कि 14 लाख कैमरों और सात कमिश्नरेट के बावजूद प्रदेश में संगठित अपराध की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह स्वतंत्र आँकड़े ही बता सकते हैं। पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह वही हस्ती हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा था — उनकी किताब का विमोचन करके योगी सरकार ने खुद को सुधार की विरासत से जोड़ने की कोशिश की है, जो राजनीतिक रूप से चतुर चाल है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने 2017 से पहले की सरकारों पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया का वर्चस्व था, समानांतर सरकारें चलती थीं और राजनीतिक नेतृत्व माफिया के सामने घुटने टेकता था। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बेबस थी और कई शहरों में दंगों के चलते लंबे समय तक कर्फ्यू लगा रहा।
लोकभवन कार्यक्रम में क्या-क्या हुआ?
1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन सभागार में सीएम योगी ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई, 16 पुलिस कार्मिकों को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार और 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक प्रदान किए। इस अवसर पर पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक 'संघर्ष' का विमोचन भी हुआ।
एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह कौन थे और उन्हें कीर्ति चक्र क्यों मिला?
स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह यूपी पुलिस के एसटीएफ में इंस्पेक्टर थे। 22 जनवरी 2025 को मुठभेड़ में उन्होंने चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया, लेकिन इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए। भारत सरकार ने उनकी असाधारण वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया — यह यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार है।
उत्तर प्रदेश में अब तक कितने पुलिस सुधार हुए हैं?
2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे पहले पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह द्वारा वकालत की गई पुलिस सुधार नीति लागू की। प्रदेश में अब सात पुलिस कमिश्नरेट काम कर रहे हैं, 14 लाख से अधिक सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं और जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं।
पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह कौन हैं और 'संघर्ष' पुस्तक किस बारे में है?
प्रकाश सिंह उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हैं, जो पुलिस सुधारों के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गए थे। उनकी पुस्तक 'संघर्ष' उनके सेवाकाल के अनुभवों, चुनौतियों और पुलिस सुधार की यात्रा को समेटती है। यह पुस्तक युवाओं को भी प्रेरित करने वाली उनकी वैचारिकी को एक संकलित रूप देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले