स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी ने शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित, लखनऊ में राजकीय समारोह
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अगस्त 2026 को लखनऊ के ऐतिहासिक विधान भवन के समक्ष आयोजित राजकीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में उत्तर प्रदेश के वीर सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। देश की रक्षा में अदम्य साहस दिखाने वाले जवानों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राष्ट्रीय गौरव और बलिदान की स्मृति से जोड़ा।
सम्मानित परिजन: शौर्य चक्र और वीर चक्र विजेता
समारोह में मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद लेफ्टिनेंट हरी सिंह बिष्ट की माता शांति बिष्ट और शौर्य चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल अमित मोहिंद्रा के पिता एचएस मोहिंद्रा को विशेष सम्मान दिया गया। इसके साथ ही शौर्य चक्र से सम्मानित कर्नल भरत सिंह तथा वीर चक्र से सम्मानित शहीद नायक राजा सिंह की पौत्रवधू राजेश्वरी देवी को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
ऑपरेशन विजय, रक्षक और पवन के शहीदों के परिवार
ऑपरेशन विजय में शहीद मेजर रितेश शर्मा के पिता सत्य प्रकाश शर्मा, वायुयान दुर्घटना में शहीद एनसी पुताली के भाई मुन्नी लाल, ऑपरेशन रक्षक में शहीद नायक अरुण कुमार त्रिपाठी के पिता हवलदार ओमप्रकाश त्रिपाठी और नौसैन्य अभियान में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव की माता प्रजेश यादव को सम्मान प्रदान किया गया।
ऑपरेशन पवन में शहीद राजवीर सिंह की पत्नी सुमन देवी और ऑपरेशन रक्षक में शहीद सिगनलमैन हर्षवर्धन सिंह की पत्नी शमा देवी को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
सेना मेडल और सीआरपीएफ शहीदों के परिजन
सेना मेडल से सम्मानित राजपूत रेजीमेंट के हवलदार पंकज सिंह की पत्नी शक्ति सिंह और सेना मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर प्रभांशु सिंह के बड़े भाई प्रांजल सिंह को भी सम्मान मिला। सीआरपीएफ के शहीद रक्षा राम की पत्नी सीता सुंदरी, शहीद दिवाकर तिवारी की पत्नी संतोष तिवारी और लांस नायक शहीद बचान सिंह की पत्नी मुन्नी देवी को भी राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन परिवारों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की जिनके वीर सपूतों ने भारत का मस्तक गर्व से ऊँचा रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था — यह राज्य सरकार का यह संदेश था कि शहीदों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग कभी विस्मृत नहीं होगा।
आगे की राह
यह समारोह उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत राष्ट्रीय पर्वों पर शहीद परिवारों को सार्वजनिक मंच पर सम्मान दिया जाता है। गौरतलब है कि ऐसे आयोजन न केवल सैन्य परिवारों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में राष्ट्रीय सेवा के प्रति सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।