10 अगस्त 2026
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गोरखपुर में CM योगी ने किया तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, बोले — आजादी के गुमनाम नायकों को मिल रहा उनका हक

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गोरखपुर में CM योगी ने किया तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, बोले — आजादी के गुमनाम नायकों को मिल रहा उनका हक

सारांश

गोरखपुर के टाउनहाल से CM योगी ने 'हर घर तिरंगा' यात्रा को झंडी दिखाई और कहा कि काकोरी से चौरी चौरा तक — आजादी के वे गुमनाम नायक जिन्हें दशकों तक इतिहास ने नज़रअंदाज़ किया, आज उन्हें उनका हक मिल रहा है। तिरंगा सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं, भारत की आन, बान और शान है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 10 अगस्त 2026 को गोरखपुर के टाउनहाल से 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत तिरंगा यात्रा की शुरुआत की।
उन्होंने मंगल पांडेय , रानी लक्ष्मीबाई , तात्या टोपे , बंधू सिंह और धन सिंह कोतवाल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
योगी ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन को अंग्रेजों ने 'डकैती' कहा था और आजादी के बाद भी इसे उसी रूप में पढ़ाया जाता रहा — जो क्रांतिकारियों का अपमान था।
PM नरेंद्र मोदी ने काकोरी घटना को उचित सम्मान देते हुए 'काकोरी ट्रेन एक्शन' नाम दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले घर पर तिरंगा फहराने के लिए न्यायालय तक लड़ाई लड़नी पड़ती थी, आज यह हर घर की शान बन रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 अगस्त 2026 को गोरखपुर के टाउनहाल से 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत आयोजित तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई और इसे देश की स्वाधीनता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारतीयों के आन, बान और शान का जीवंत प्रतीक है और हर नागरिक को गर्व के साथ इसे अपने घर पर फहराना चाहिए।

स्वतंत्रता संग्राम में उत्तर प्रदेश की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि मंगल पांडेय द्वारा प्रज्वलित क्रांति की चिंगारी ने गोरखपुर के शहीद बंधू सिंह, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर-कानपुर के तात्या टोपे और मेरठ के धन सिंह कोतवाल जैसे वीरों के नेतृत्व में व्यापक आकार लिया। यह आंदोलन गाँवों की गलियों से निकलकर पूरे देश में फैल गया।

उन्होंने चौरी चौरा की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें हिला दी थीं, जबकि काकोरी ट्रेन एक्शन ने औपनिवेशिक शासन द्वारा लूटे जा रहे भारत के धन को वापस हासिल करने और स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा देने का काम किया।

काकोरी को 'डकैती' कहना क्रांतिकारियों का अपमान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी ट्रेन एक्शन को 'डकैती' की संज्ञा दी थी और दुर्भाग्यवश आजादी के बाद भी लंबे समय तक इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में इसे उसी विकृत रूप में पढ़ाया जाता रहा। उन्होंने इसे क्रांतिकारियों के साथ हुए सबसे बड़े अपमानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को उचित सम्मान देते हुए इसे 'काकोरी ट्रेन एक्शन' के रूप में स्थापित किया और स्पष्ट किया कि क्रांतिकारियों ने देश को लूटने वालों से ही देश का धन वापस लिया था।

गुमनाम नायकों को सम्मान देने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के पश्चात भी अनेक क्रांतिकारियों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे वास्तविक हकदार थे। उनकी प्रतिमाएँ तक स्थापित नहीं होने दी गईं और उनके नाम पर संस्थाओं के नामकरण की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक एक ही परिवार के नाम पर सरकारी संस्थाओं और योजनाओं का नामकरण होता रहा। आज उन वीर सपूतों को उनका उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।

यात्रा से पूर्व योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर में स्थापित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

राष्ट्रध्वज फहराने का अधिकार और 'हर घर तिरंगा'

मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि स्वतंत्रता के बाद भी लंबे समय तक आम भारतीयों को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने का अधिकार नहीं था और इसके लिए नागरिकों को न्यायालय तक जाना पड़ा। उन्होंने कहा, 'हमारा सौभाग्य है कि जिस राष्ट्रध्वज को अपने घर पर लगाने के लिए पहले भारत के नागरिकों को न्यायालय में लड़ाई लड़नी पड़ती थी, आज वही तिरंगा हर घर की शान बन रहा है।'

उन्होंने 'हर घर तिरंगा' अभियान को युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से जोड़ने का सशक्त माध्यम बताया। यह तिरंगा यात्रा उन्हीं वीरों को श्रद्धांजलि देने का प्रयास है जिनके बलिदान पर भारत की स्वाधीनता टिकी है।

आगे की राह

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर आयोजित इस तिरंगा यात्रा के साथ प्रदेश भर में 'हर घर तिरंगा' अभियान को गति मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर जन-जागरण और देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस-युग की विरासत पर परोक्ष प्रहार भी। काकोरी को 'डकैती' से 'ट्रेन एक्शन' में बदलने जैसे कदम इतिहास के पुनर्लेखन की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा हैं, जो वैध भी हो सकते हैं और विवादास्पद भी। असली सवाल यह है कि क्या यह सम्मान केवल प्रतिमाओं और नामकरण तक सीमित रहेगा, या स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों के जीवन में ठोस बदलाव भी आएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हर घर तिरंगा' अभियान क्या है और गोरखपुर में इसका आयोजन कैसे हुआ?
'हर घर तिरंगा' एक राष्ट्रीय अभियान है जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर नागरिक को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने के लिए प्रेरित करना है। 10 अगस्त 2026 को CM योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के टाउनहाल से इस अभियान के तहत तिरंगा यात्रा की शुरुआत की और इसे स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित किया।
CM योगी ने काकोरी ट्रेन एक्शन का उल्लेख क्यों किया?
CM योगी ने बताया कि अंग्रेजों ने काकोरी की घटना को 'डकैती' कहा था और आजादी के बाद भी इसे उसी रूप में पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जाता रहा, जो क्रांतिकारियों का अपमान था। उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी ने इसे 'काकोरी ट्रेन एक्शन' नाम देकर क्रांतिकारियों को उनका उचित सम्मान दिलाया।
घर पर तिरंगा फहराने के अधिकार के लिए न्यायालय क्यों जाना पड़ा था?
आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में आम नागरिकों को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने का कानूनी अधिकार नहीं था। इस अधिकार को पाने के लिए नागरिकों को न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, जिसका उल्लेख CM योगी ने अपने संबोधन में किया।
उत्तर प्रदेश के किन स्वतंत्रता सेनानियों का CM योगी ने नाम लिया?
CM योगी ने मंगल पांडेय, गोरखपुर के शहीद बंधू सिंह, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर-कानपुर के तात्या टोपे और मेरठ के धन सिंह कोतवाल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने चौरी चौरा और काकोरी की ऐतिहासिक घटनाओं को भी स्वतंत्रता संग्राम के निर्णायक मोड़ बताया।
CM योगी ने गुमनाम नायकों को सम्मान न मिलने के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
CM योगी ने परोक्ष रूप से कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक एक ही परिवार के नाम पर सरकारी संस्थाओं और योजनाओं का नामकरण होता रहा, जिससे वास्तविक क्रांतिकारियों की प्रतिमाएँ तक स्थापित नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि अब उन वीरों को उनका उचित सम्मान दिलाने का काम किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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