हर घर तिरंगा: CM योगी ने UP में 5 करोड़ घरों पर ध्वज फहराने का लक्ष्य तय किया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 जुलाई 2026 को लखनऊ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत इस वर्ष प्रदेश के 5 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता को जन-जन तक पहुँचाने वाला जनआंदोलन बनना चाहिए।
अभियान की पृष्ठभूमि और बढ़ता दायरा
बैठक में प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में 4.10 करोड़ से अधिक, 2023 और 2024 में 4.50 करोड़ से अधिक, तथा 2025 में 4.76 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराया गया। इस वर्ष 5 करोड़ का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 24 लाख अधिक घरों को जोड़ने की महत्वाकांक्षा दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी, अर्धसरकारी, सहायता प्राप्त विभाग एवं संस्थान, स्थानीय निकाय, शैक्षणिक संस्थान, ग्राम पंचायतें, राशन की उचित दर की दुकानें, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा सामाजिक संगठन अपने भवनों पर अनिवार्य रूप से तिरंगा फहराएं।
ध्वज वितरण और उत्पादन की व्यवस्था
योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय ध्वजों के निर्माण, उपलब्धता और वितरण की समुचित व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थाओं, MSME इकाइयों तथा स्थानीय उत्पादन केंद्रों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
राशन की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, जन सेवा केंद्रों, तहसीलों, विकास खंड कार्यालयों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, डाकघरों, पेट्रोल पंपों तथा अन्य निर्धारित केंद्रों के माध्यम से आमजन को राष्ट्रीय ध्वज सहज उपलब्ध कराया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक आयोजन
प्रदेशभर में तिरंगा रैली, तिरंगा संगीत समारोह, तिरंगा प्रदर्शनी, कलाकृतियों की प्रदर्शनी, तिरंगा थीम आधारित रंगोली, प्रकाश सज्जा तथा 'सेल्फी विद तिरंगा' जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख बाजारों को तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा।
विद्यालयों और महाविद्यालयों में स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी, 'वंदे मातरम्' गायन और चित्रांकन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 14 और 15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का अनिवार्य प्रसारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
काकोरी दिवस और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस तथा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के सभी कार्यक्रम पूरे सम्मान, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ आयोजित किए जाएं। 9 से 15 अगस्त तक प्रदेशभर के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्मारकों, स्मृति स्थलों और शहीद स्थलों पर विशेष कार्यक्रम होंगे।
14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर लखनऊ सहित प्रत्येक जिला मुख्यालय पर प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। पंजाबी, सिंधी और बंगाली सहित विभाजन से प्रभावित परिवारों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे। बांग्लादेश से आए शरणार्थी परिवारों को भी कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाएगा तथा उनके साथ कैंडल मार्च आयोजित किए जाएंगे।
युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में परिचर्चाओं, संवादों तथा विचार गोष्ठियों के माध्यम से युवाओं को विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराया जाएगा। NCC, NSS, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापार मंडलों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और उत्तर प्रदेश पिछले लगातार चार वर्षों से इस अभियान में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। आने वाले दिनों में अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ध्वज वितरण तंत्र कितनी तेज़ी से अंतिम छोर तक पहुँच पाता है।