15 अगस्त 2026
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80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी का संदेश: 140 करोड़ भारतवासियों के योगदान से अखंड रहेगी आजादी

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी का संदेश: 140 करोड़ भारतवासियों के योगदान से अखंड रहेगी आजादी

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी का संदेश महज़ औपचारिक नहीं था — उन्होंने आजादी को राजनीतिक नहीं, सामाजिक-आर्थिक पूर्णता के रूप में परिभाषित किया। 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक भागीदारी को स्वाधीनता की असली कुंजी बताते हुए उन्होंने इतिहास और वर्तमान को एक सूत्र में पिरोया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 15 अगस्त 2026 को 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण किया।
उन्होंने कहा कि आजादी को बनाए रखने के लिए 140 करोड़ भारतवासियों का समान योगदान आवश्यक है।
बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं — मुख्यमंत्री ने इसे पिछले 8 दशकों की बड़ी उपलब्धि बताया।
यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र प्रदान किया गया; CM ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से लेकर काकोरी ट्रेन एक्शन तक — CM ने UP की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर ध्वजारोहण किया और राष्ट्र के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वाधीनता केवल राजनीतिक मुक्ति नहीं, बल्कि अराजकता, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से संपूर्ण मुक्ति का नाम है।

स्वाधीनता का व्यापक अर्थ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आजादी के 79 वर्ष पूरे कर हम 80वें स्वाधीनता दिवस से जुड़ रहे हैं। यह अवसर केवल समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि आजादी को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखना है, तो किसी एक व्यक्ति, जाति या संप्रदाय का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों का समान योगदान अनिवार्य है।

उन्होंने स्मरण कराया कि 1947 में आज ही के दिन दीर्घ संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद भारत को स्वाधीनता मिली थी। देश अंतरविरोधों और षड्यंत्रों के कारण गुलाम हुआ, किंतु उसने कभी मानसिक दासता स्वीकार नहीं की।

स्वाधीनता संग्राम का ऐतिहासिक संदर्भ

सीएम योगी ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर को सामूहिक स्वाधीनता प्रयास का निर्णायक पड़ाव बताया। उन्होंने बैरकपुर में मंगल पांडेय, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई और मेरठ में धनसिंह कोतवाल के नेतृत्व में जलाई गई स्वाधीनता की लौ का उल्लेख किया। उन्होंने राजस्थान में महाराणा प्रताप, पंजाब में गुरु गोविंद सिंह और महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्षों को भी याद किया।

गौरतलब है कि गोरखपुर का चौरीचौरा और लखनऊ का काकोरी ट्रेन एक्शन जैसे ऐतिहासिक घटनाक्रम उत्तर प्रदेश की स्वाधीनता संग्राम में केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त की।

विकास के आठ दशक और उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के समक्ष जो अराजकता, अशिक्षा और पिछड़ापन था, उसमें से बहुत सारी समस्याओं का पिछले 8 दशकों में समाधान हुआ है। उन्होंने बताया कि बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं, शिक्षा का दायरा विस्तृत हुआ है और बिना भेदभाव के शासन का लाभ समाज के प्रत्येक तबके तक पहुँचा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का भी उल्लेख किया जिसमें गरीब, युवा, महिला और किसान — इन चार वर्गों पर केंद्रित होकर कार्य करने की बात कही गई थी। पिछले 12 वर्षों में इन्हीं चार तबकों को ध्यान में रखकर योजनाएँ बनाई गईं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाया गया। अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक सुविधाओं ने सार्वजनिक परिवहन को नया आयाम दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस को सम्मान

सीएम योगी ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र प्राप्त होने पर विशेष उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था स्थापित करने और अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए बलिदान हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को विनम्र श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले उत्तर प्रदेश के अन्य अधिकारियों और कार्मिकों को भी बधाई दी गई।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में हर नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देता रहेगा। उनका स्पष्ट संदेश था कि देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहते हुए, सामूहिक एकता के बल पर ही स्वाधीनता को अनंत काल तक यशस्वी बनाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं। 'जीरो टॉलरेंस' और 'विकास' की युगल थीम उनके हर स्वतंत्रता दिवस भाषण की धुरी रही है — इस बार भी वही ढाँचा है, लेकिन कीर्ति चक्र विजेता इंस्पेक्टर सुनील कुमार का उल्लेख भाषण को एक ठोस, मानवीय आयाम देता है। असली कसौटी यह है कि 25 करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्त करने के दावे कितने सत्यापन-योग्य हैं और उत्तर प्रदेश की ज़मीनी हकीकत उससे कितनी मेल खाती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा?
CM योगी ने कहा कि आजादी केवल राजनीतिक मुक्ति नहीं, बल्कि अराजकता, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से संपूर्ण मुक्ति है। उन्होंने जोर दिया कि 140 करोड़ भारतवासियों के समान योगदान से ही स्वाधीनता दीर्घकाल तक बनी रह सकती है।
CM योगी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कहाँ किया?
CM योगी आदित्यनाथ ने 15 अगस्त 2026 को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रनायकों और बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र क्यों मिला?
उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को राज्य में कानून व्यवस्था स्थापित करने और अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करते हुए बलिदान देने के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। CM योगी ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
CM योगी ने 1857 के स्वातंत्र्य समर का उल्लेख क्यों किया?
CM योगी ने 1857 को सामूहिक स्वाधीनता प्रयास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया, जब मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई और धनसिंह कोतवाल जैसे वीरों ने हर गाँव में स्वाधीनता की लौ जलाई थी। उनका तर्क था कि सामूहिक एकता ही स्वतंत्रता संग्राम की असली ताकत थी।
CM योगी ने विकास की किन उपलब्धियों का उल्लेख किया?
CM योगी ने बताया कि पिछले 8 दशकों में बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं, शिक्षा का विस्तार हुआ है और DBT के माध्यम से योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाया गया। अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत जैसी सुविधाओं को भी उन्होंने उपलब्धि के रूप में गिनाया।
राष्ट्र प्रेस
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