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स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर वार: मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम रिस्टोर क्यों चाहती है पार्टी?

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स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर वार: मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम रिस्टोर क्यों चाहती है पार्टी?

सारांश

BJP महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर सीधा सवाल दागा — मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम इलेक्टोरल रोल में बनाए रखने की माँग क्यों? साथ ही लाहौर अधिवेशन के उल्लेख पर पलटवार करते हुए कांग्रेस की ब्रिटिश-कालीन उत्पत्ति का ऐतिहासिक हवाला दिया।

मुख्य बातें

स्मृति ईरानी ने 29 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम रिस्टोर कराने की माँग को लेकर तीखा हमला बोला।
चुनाव आयोग 13 करोड़ 30 लाख संदिग्ध नामों पर 26 तारीख को अपना बयान दे चुका है।
BLO अधिकारी घरों में जाकर नोटिस जारी कर रहे हैं और दस्तावेज़ एकत्र कर स्वयं पुष्टि करेंगे।
ईरानी ने लाहौर कांग्रेस अधिवेशन के उल्लेख पर पलटवार करते हुए कहा कि एओ ह्यूम ने ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के लिए कांग्रेस के गठन का सुझाव दिया था।
BJP का तर्क — डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाना लोकतांत्रिक पारदर्शिता के लिए अनिवार्य।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने मंगलवार, 29 सितंबर को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग ने 13 करोड़ 30 लाख संदिग्ध नामों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, तो कांग्रेस मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम इलेक्टोरल रोल में बनाए रखने पर क्यों जोर दे रही है।

मुख्य आरोप और सवाल

ईरानी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व ने आज उन 13 करोड़ 30 लाख नामों का उल्लेख किया, जिन पर चुनाव आयोग 26 तारीख को अपना बयान दे चुका है। उन्होंने सीधे शब्दों में पूछा कि यदि इलेक्टोरल रोल में किसी का नाम डुप्लीकेट हो या किसी दिवंगत व्यक्ति का नाम दर्ज हो, तो कांग्रेस पार्टी उन नामों को पुनः बहाल करने की माँग क्यों कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस क्यों चाहती है कि डुप्लीकेट नाम इलेक्टोरल रोल में बने रहें — यह प्रश्न देश की जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया

ईरानी ने बताया कि चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घरों में जाकर ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर रहे हैं। एफआईआर के संदर्भ में भी अधिकारी स्वयं घर जाकर दस्तावेज़ एकत्र करके पुष्टि करेंगे। उन्होंने तर्क दिया कि जब आयोग ने सार्वजनिक रूप से यह प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है, तो कांग्रेस का विरोध संदेह पैदा करता है।

लाहौर अधिवेशन पर पलटवार

ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का उल्लेख किए जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है, तो उसे वह पन्ना भी देश की जनता के सामने रखना चाहिए जिसमें दर्ज है कि एओ ह्यूम — जो ब्रिटिश साम्राज्य में सेक्रेटरी रेवेन्यू, एग्रीकल्चर एंड कॉमर्स थे — ने वायसराय के साथ यह सुझाव साझा किया था कि ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का गठन किया जाए।

ईरानी ने कहा कि यह ऐतिहासिक दस्तावेज़ों में दर्ज है। उनके अनुसार, 'ब्रिटिश संरक्षण के लिए बनाई गई कांग्रेस पार्टी आज लाहौर कांग्रेस सेशन का हवाला देकर भारत के चुनाव आयोग पर हमला कर रही है — इससे ज़्यादा शर्मनाक बात कोई नहीं हो सकती।'

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की मतदाता सूची सफाई प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि मतदाता सूचियों की शुद्धता को लेकर यह बहस चुनावी राजनीति में बार-बार उठती रही है। BJP का तर्क है कि डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए ज़रूरी है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम भी काटे जा रहे हैं।

आगे क्या

चुनाव आयोग की मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया जारी है और BLO अधिकारी घर-घर जाकर दस्तावेज़ीकरण कर रहे हैं। इस मुद्दे पर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तकरार आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली बहस यह है कि मतदाता सूची सफाई की प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम कटने का जोखिम कितना वास्तविक है — यह मुद्दा ईरानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुत्तरित रहा। कांग्रेस का आरोप केवल डुप्लीकेट या मृत नामों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी है — जिसे BJP ने संबोधित नहीं किया। लाहौर अधिवेशन और एओ ह्यूम का ऐतिहासिक तर्क मुख्यधारा की बहस को मूल मुद्दे — मतदाता सूची की विश्वसनीयता — से भटकाने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम इलेक्टोरल रोल में बनाए रखने की माँग कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग ने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, तो कांग्रेस का विरोध किस हित में है।
चुनाव आयोग ने 13 करोड़ 30 लाख नामों पर क्या कहा है?
चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि BLO अधिकारी घरों में जाकर संदिग्ध नामों पर नोटिस जारी कर रहे हैं और दस्तावेज़ एकत्र करके स्वयं पुष्टि करेंगे। यह बयान 26 तारीख को सार्वजनिक किया गया था।
लाहौर कांग्रेस अधिवेशन पर ईरानी ने क्या कहा?
ईरानी ने कहा कि कांग्रेस यदि इतिहास का हवाला देती है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि एओ ह्यूम — ब्रिटिश साम्राज्य के सेक्रेटरी रेवेन्यू, एग्रीकल्चर एंड कॉमर्स — ने वायसराय को सुझाव दिया था कि ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का गठन हो। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दस्तावेज़ों में दर्ज बताया।
मतदाता सूची सफाई की प्रक्रिया क्या है?
चुनाव आयोग के अनुसार, BLO अधिकारी घर-घर जाकर संदिग्ध नामों — जैसे मृत या डुप्लीकेट मतदाता — की जाँच कर रहे हैं। एफआईआर के संदर्भ में भी दस्तावेज़ एकत्र कर स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जाएगी।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
मतदाता सूचियों की शुद्धता का मुद्दा चुनावी विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा है। BJP का कहना है कि डुप्लीकेट और मृत नाम हटाना लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए ज़रूरी है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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