क्या कांग्रेस ने 89 लाख नाम हटाने के लिए पत्र दिए हैं? चुनाव आयोग ने मांगीं आपत्तियां

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क्या कांग्रेस ने 89 लाख नाम हटाने के लिए पत्र दिए हैं? चुनाव आयोग ने मांगीं आपत्तियां

सारांश

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच, कांग्रेस ने लगभग 89 लाख मतदाताओं के नाम काटने के लिए पत्र दिए हैं। जिससे चुनाव आयोग ने आपत्तियों की मांग की है। क्या यह प्रक्रिया सही है?

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 89 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के लिए पत्र दिया है।
चुनाव आयोग ने आपत्तियों के लिए निर्धारित प्रपत्र मांगे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर दिशा-निर्देश दिए हैं।
निर्वाचन पंजीकरण नियमों का पालन आवश्यक है।
बिहार में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

पटना, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है। बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इंडियन नेशनल कांग्रेस की 31 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि इंडियन नेशनल कांग्रेस के जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने हाल ही में जिला निर्वाचन अधिकारियों को लगभग 89 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए पत्र दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार व चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत, किसी भी नाम को हटाने की आपत्तियों को केवल निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 13 के तहत फॉर्म 7 में प्रस्तुत किया जा सकता है, या राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अनुसार किया जा सकता है।

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त के अपने अंतरिम आदेश में यह स्पष्ट किया है कि 12 राजनीतिक दलों द्वारा प्रारूप मतदाता सूची में कोई भी गलत नाम की जानकारी संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत की जानी चाहिए। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों द्वारा दी गई आपत्तियां निर्धारित प्रारूप में नहीं हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी इन आपत्तियों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को अग्रेषित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान, यह आवश्यक है कि लगभग 89 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों से निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 20 (3)(बी) के तहत अपने विवेकानुसार निर्धारित शपथ लेने के बाद उचित निर्णय लेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। कांग्रेस द्वारा उठाए गए कदम और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया दोनों ही लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी प्रक्रियाएं संविधान और कानून के अनुसार हों।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने कितने नाम हटाने के लिए पत्र दिया?
कांग्रेस ने लगभग 89 लाख नामों को हटाने के लिए पत्र दिया है।
क्या चुनाव आयोग ने आपत्तियां मांगी हैं?
हाँ, चुनाव आयोग ने निर्धारित प्रपत्र में आपत्तियां मांगी हैं।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का क्या महत्व है?
मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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