30 सितंबर 2026
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इंडिया गठबंधन पर सीटी रवि का हमला: 'न नेता, न नीति, सिर्फ भाजपा-विरोध का जमावड़ा'

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इंडिया गठबंधन पर सीटी रवि का हमला: 'न नेता, न नीति, सिर्फ भाजपा-विरोध का जमावड़ा'

सारांश

भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने इंडिया गठबंधन को 'सिर्फ भाजपा-विरोधियों का जमावड़ा' करार दिया और कहा कि बिना नेता, नीति व एजेंडा के यह गठबंधन टिकाऊ नहीं है। साथ ही उन्होंने SIR प्रक्रिया, EVM आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए जा रहे इल्जामों को बेबुनियाद बताते हुए विपक्ष को न्यायालय जाने की चुनौती दी।

मुख्य बातें

भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने 30 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी आरोपों को खारिज किया।
रवि ने कहा कि SIR 1952 से आठवीं बार हो रही है; मृत व फर्जी मतदाताओं को हटाना लोकतंत्र के लिए ज़रूरी है।
मतदाता सूची प्रक्रिया में 90 प्रतिशत BLO स्कूल शिक्षक होते हैं; नाम कटने पर पुनः आवेदन व आपत्ति का अधिकार है।
EVM पर रवि ने पूछा — तेलंगाना, हिमाचल, कर्नाटक, केरल में कांग्रेस कैसे जीती अगर EVM हैक हो सकती है?
इंडिया गठबंधन की बैठक में DMK और AAP की अनुपस्थिति पर रवि ने कहा — गठबंधन के पास न नेता है, न नीति, न एजेंडा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य सीटी रवि ने 30 सितंबर को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों के आरोपों, विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। रवि ने कहा कि SIR कोई नई व्यवस्था नहीं है और मृत व्यक्तियों एवं फर्जी मतदाताओं को सूची से हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

SIR पर विपक्ष के आरोप बेबुनियाद: सीटी रवि

सीटी रवि ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि SIR पहली बार नहीं हो रहा — 1952 से अब तक यह आठवीं बार की जा रही है, और उस समय BJP अस्तित्व में भी नहीं थी। उन्होंने तर्क दिया कि मतदाता सूची से मृत लोगों के नाम और फर्जी वोट हटाना लोकतंत्र की शुचिता के लिए ज़रूरी है, न कि आपत्तिजनक।

रवि ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष कथित तौर पर चाहता है कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में बने रहें। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस आधार पर वोटर लिस्ट को बनाए रखना उचित है।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोपों का खंडन

भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया केवल मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने बताया कि इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की अहम भूमिका होती है, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत स्कूल शिक्षक होते हैं और विभिन्न राज्यों के शिक्षक इस प्रक्रिया में शामिल रहते हैं।

रवि ने कहा कि यदि किसी का नाम सूची से कट गया है तो वह पुनः आवेदन कर सकता है और आपत्ति भी दर्ज करा सकता है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि यदि उनके पास आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत हैं तो वे न्यायालय का रुख करें।

EVM विवाद पर विपक्ष को घेरा

सीटी रवि ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर विपक्ष के पुराने रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है तब EVM पर आरोप लगाए जाते हैं, और जब जीत मिलती है तो उसे जनादेश बताया जाता है।

रवि ने उदाहरण देते हुए पूछा कि यदि EVM से छेड़छाड़ संभव है, तो तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल में कांग्रेस कैसे जीती। उन्होंने तमिलनाडु में तमिल वेत्री कषगम (TVK) की चुनावी सफलता का भी हवाला दिया। उनका कहना था कि आरोप लगाने के बजाय सबूत पेश करने चाहिए।

इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सवाल

इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) के शामिल न होने के सवाल पर रवि ने कहा कि इस पर अटकलें लगाने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि गठबंधन का आधार क्या है।

उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल भाजपा-विरोध की भावना पर टिका है — इसके पास न कोई स्पष्ट नेता है, न कोई नीति और न कोई साझा एजेंडा। रवि ने सवाल उठाया कि बिना इन तीन बुनियादी तत्वों के यह गठबंधन आखिर कब तक टिका रह सकता है।

आगे क्या

सीटी रवि के इन बयानों से राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है, खासकर तब जब मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर विपक्ष पहले से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इंडिया गठबंधन की आंतरिक एकता और नेतृत्व का सवाल आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक प्रासंगिक होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब भाजपा इस कमजोरी को राष्ट्रीय विमर्श में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। SIR और EVM पर उनके तर्क तकनीकी रूप से खंडनीय नहीं हैं, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि क्या नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही पर्याप्त है। गठबंधन की 'एजेंडाहीनता' की आलोचना तब तक सटीक लगती है, जब तक कि विपक्ष एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम पेश नहीं करता — जो अभी तक नहीं हुआ।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीटी रवि ने इंडिया गठबंधन के बारे में क्या कहा?
सीटी रवि ने कहा कि इंडिया गठबंधन केवल भाजपा-विरोध के आधार पर बना है और इसके पास न कोई स्पष्ट नेता है, न नीति और न साझा एजेंडा। उन्होंने सवाल उठाया कि इन बुनियादी तत्वों के बिना यह गठबंधन कब तक चल सकता है।
SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया है, जिसमें मृत व्यक्तियों और फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाए हैं, जिसे भाजपा ने बेबुनियाद बताया है।
EVM को लेकर सीटी रवि ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
रवि ने कहा कि विपक्ष चुनाव हारने पर EVM पर सवाल उठाता है और जीतने पर उसे जनादेश बताता है। उन्होंने तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल में कांग्रेस की जीत का हवाला देते हुए EVM छेड़छाड़ के आरोपों को असंगत बताया।
मतदाता सूची से नाम कटने पर क्या किया जा सकता है?
सीटी रवि के अनुसार, यदि किसी का नाम मतदाता सूची से हट गया है तो वह व्यक्ति पुनः आवेदन कर सकता है और आपत्ति भी दर्ज करा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की भूमिका होती है, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत स्कूल शिक्षक होते हैं।
इंडिया गठबंधन की बैठक में DMK और AAP क्यों शामिल नहीं हुए?
स्रोत में इसका स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। सीटी रवि ने कहा कि इस पर अटकलें लगाने के बजाय पहले यह समझना चाहिए कि गठबंधन का आधार क्या है, और उनके अनुसार यह गठबंधन केवल भाजपा-विरोध पर टिका है।
राष्ट्र प्रेस
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