किरीट सोमैया का कांग्रेस को चैलेंज: बांग्लादेशी वोटरों की सूची दिखाओ, SIR विरोध 'नौटंकी' है
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने 17 अक्टूबर 2026 को पुणे में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरुद्ध विपक्ष के आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को सिरे से खारिज कर दिया। सोमैया ने पूरे विरोध प्रदर्शन को 'राजनीतिक नौटंकी' और अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश करार दिया, और कांग्रेस को खुली चुनौती दी कि वह बताए कि SIR के दौरान कितने बांग्लादेशी और कथित फर्जी मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
महाराष्ट्र का उदाहरण और बूथ एजेंट विवाद
सोमैया ने महाराष्ट्र का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में एक लाख बूथ एजेंट नियुक्त किए जाने थे, परंतु कांग्रेस ने केवल 50,000 एजेंट ही तैनात किए। उन्होंने कहा, 'SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को जाकर अपना नाम पंजीकृत कराना था। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया में कुछ नहीं किया।' उनके अनुसार, जो दल मतदाता पंजीकरण में सक्रिय भूमिका नहीं निभाता, उसे चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
बांग्लादेशी और फर्जी वोटरों पर सीधा आरोप
सोमैया ने कांग्रेस को सीधे चैलेंज करते हुए कहा, 'ये जो भी आरोप आप चुनाव आयोग पर लगाते हो, तो आपके कितने बांग्लादेशी वोटरों के नाम कटे हैं, कितने मुस्लिम नाम कटे हैं, उसकी सूची दो।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अब यह समझ आ गया है कि बांग्लादेशी और कथित फर्जी मतदाताओं के नाम हटने के बाद वह 2019 जैसे चुनाव नहीं जीत सकती, और इसीलिए यह आंदोलन किया जा रहा है। गौरतलब है कि ये आरोप सोमैया के अपने दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मालेगांव में एक लाख नाम हटने का दावा
सोमैया ने दावा किया कि मालेगांव में एक लाख मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं, जिनमें से आधे से अधिक ऐसे लोग थे जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन वे उस पते पर रहते ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि इससे SIR का विरोध करने वालों का असली चेहरा सामने आ गया है। यह आँकड़ा सोमैया के बयान पर आधारित है और आधिकारिक चुनाव आयोग के आँकड़ों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान मामले पर प्रतिक्रिया
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के SIR विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और उनकी गिरफ्तारी के मामले पर सोमैया ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग को इस संबंध में अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और भारत में किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने के वे अधिकृत नहीं हैं। सोमैया ने स्पष्ट किया कि 'इमरान को वापस जाना ही पड़ेगा और ऐसे अन्य इमरान भी होंगे, उनको भी बाहर भेजा जाएगा।'
विपक्ष पर गलत सूचना फैलाने का आरोप
सोमैया ने कहा, 'विपक्ष खुद को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इस तरह की गलत जानकारी फैला रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और कई विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि SIR के नाम पर वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जा सकते हैं, जबकि BJP इसे फर्जी मतदाताओं की सफाई बता रही है। यह विवाद आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से और गहरा होने की संभावना है।