18 अक्टूबर 2026
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किरीट सोमैया का कांग्रेस को चैलेंज: बांग्लादेशी वोटरों की सूची दिखाओ, SIR विरोध 'नौटंकी' है

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किरीट सोमैया का कांग्रेस को चैलेंज: बांग्लादेशी वोटरों की सूची दिखाओ, SIR विरोध 'नौटंकी' है

सारांश

BJP नेता किरीट सोमैया ने SIR विरोध को 'राजनीतिक नौटंकी' करार दिया और कांग्रेस को खुली चुनौती दी कि वह बांग्लादेशी व फर्जी मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करे। मालेगांव में एक लाख नाम हटने और अमेरिकी नागरिक इमरान खान की राजनीतिक गतिविधि पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

BJP नेता किरीट सोमैया ने 17 अक्टूबर 2026 को पुणे में SIR विरोध को 'राजनीतिक नौटंकी' बताया।
कांग्रेस पर आरोप — महाराष्ट्र में एक लाख में से केवल 50,000 बूथ एजेंट नियुक्त किए और SIR में कोई भूमिका नहीं निभाई।
सोमैया ने कांग्रेस को चुनौती दी कि बांग्लादेशी और कथित फर्जी मुस्लिम मतदाताओं की सूची सार्वजनिक की जाए।
मालेगांव में एक लाख नाम हटने का दावा; सोमैया के अनुसार आधे से अधिक उस पते पर रहते ही नहीं थे।
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को अमेरिकी नागरिक बताते हुए सोमैया ने उनकी राजनीतिक गतिविधि पर आपत्ति जताई और चुनाव आयोग को अतिरिक्त साक्ष्य सौंपे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने 17 अक्टूबर 2026 को पुणे में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरुद्ध विपक्ष के आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को सिरे से खारिज कर दिया। सोमैया ने पूरे विरोध प्रदर्शन को 'राजनीतिक नौटंकी' और अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश करार दिया, और कांग्रेस को खुली चुनौती दी कि वह बताए कि SIR के दौरान कितने बांग्लादेशी और कथित फर्जी मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

महाराष्ट्र का उदाहरण और बूथ एजेंट विवाद

सोमैया ने महाराष्ट्र का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में एक लाख बूथ एजेंट नियुक्त किए जाने थे, परंतु कांग्रेस ने केवल 50,000 एजेंट ही तैनात किए। उन्होंने कहा, 'SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को जाकर अपना नाम पंजीकृत कराना था। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया में कुछ नहीं किया।' उनके अनुसार, जो दल मतदाता पंजीकरण में सक्रिय भूमिका नहीं निभाता, उसे चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।

बांग्लादेशी और फर्जी वोटरों पर सीधा आरोप

सोमैया ने कांग्रेस को सीधे चैलेंज करते हुए कहा, 'ये जो भी आरोप आप चुनाव आयोग पर लगाते हो, तो आपके कितने बांग्लादेशी वोटरों के नाम कटे हैं, कितने मुस्लिम नाम कटे हैं, उसकी सूची दो।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अब यह समझ आ गया है कि बांग्लादेशी और कथित फर्जी मतदाताओं के नाम हटने के बाद वह 2019 जैसे चुनाव नहीं जीत सकती, और इसीलिए यह आंदोलन किया जा रहा है। गौरतलब है कि ये आरोप सोमैया के अपने दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मालेगांव में एक लाख नाम हटने का दावा

सोमैया ने दावा किया कि मालेगांव में एक लाख मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं, जिनमें से आधे से अधिक ऐसे लोग थे जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन वे उस पते पर रहते ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि इससे SIR का विरोध करने वालों का असली चेहरा सामने आ गया है। यह आँकड़ा सोमैया के बयान पर आधारित है और आधिकारिक चुनाव आयोग के आँकड़ों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान मामले पर प्रतिक्रिया

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के SIR विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और उनकी गिरफ्तारी के मामले पर सोमैया ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग को इस संबंध में अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और भारत में किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने के वे अधिकृत नहीं हैं। सोमैया ने स्पष्ट किया कि 'इमरान को वापस जाना ही पड़ेगा और ऐसे अन्य इमरान भी होंगे, उनको भी बाहर भेजा जाएगा।'

विपक्ष पर गलत सूचना फैलाने का आरोप

सोमैया ने कहा, 'विपक्ष खुद को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इस तरह की गलत जानकारी फैला रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और कई विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि SIR के नाम पर वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जा सकते हैं, जबकि BJP इसे फर्जी मतदाताओं की सफाई बता रही है। यह विवाद आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बांग्लादेशी मतदाता — स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं, और बिना आधिकारिक आँकड़ों के ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी की सीमा में ही रहते हैं। असली सवाल यह है कि SIR प्रक्रिया में वैध और अवैध मतदाताओं के बीच अंतर करने का पारदर्शी तंत्र क्या है — जो न BJP ने स्पष्ट किया, न विपक्ष ने माँगा। इमरान खान प्रकरण को राष्ट्रवादी रंग देकर मूल मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश भी दिखती है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरीट सोमैया ने कांग्रेस को क्या चुनौती दी है?
सोमैया ने कांग्रेस को चुनौती दी है कि वह बताए कि SIR प्रक्रिया के दौरान कितने बांग्लादेशी और कथित फर्जी मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और उनकी सूची सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि इन नामों के हटने से कांग्रेस की चुनावी संभावनाएँ प्रभावित हो रही हैं, इसीलिए यह विरोध हो रहा है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की जाँच और अद्यतन किया जाता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम भी हटाए जा रहे हैं, जबकि BJP इसे फर्जी मतदाताओं की सफाई बता रही है।
मालेगांव में एक लाख नाम हटने का दावा कितना सत्य है?
यह दावा BJP नेता किरीट सोमैया ने किया है। उनके अनुसार मालेगांव में एक लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए जो उस पते पर रहते ही नहीं थे। हालाँकि यह आँकड़ा चुनाव आयोग के आधिकारिक आँकड़ों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान का इस विवाद से क्या संबंध है?
इमरान खान ने SIR विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया। सोमैया ने दावा किया कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और इसलिए भारत में राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने के अधिकृत नहीं हैं। उन्होंने इस संबंध में चुनाव आयोग को अतिरिक्त साक्ष्य भी सौंपे।
महाराष्ट्र में बूथ एजेंट विवाद क्या है?
सोमैया के अनुसार महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया के दौरान एक लाख बूथ एजेंट नियुक्त किए जाने थे, लेकिन कांग्रेस ने केवल 50,000 ही नियुक्त किए। उन्होंने तर्क दिया कि जो दल इस प्रक्रिया में सक्रिय नहीं रहा, उसे चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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